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जानें कौन है चीनी रक्षा मंत्री, जो गलवान घाटी में दे रहा है दिशा-निर्देश!

चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगहे. फाइल फोटो.

चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगहे. फाइल फोटो.

Ladakh में India-China Face-Off के बाद बने हालात के दौरान चीन की रक्षा प्रणाली (Defense System) के साथ ही इन हालात के स ...अधिक पढ़ें

    सीमाओं पर आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए China Military को निर्देश कथित तौर पर रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry) और उसके मुखिया वेई के संकेतों पर ही मिलते रहे हैं. जिनपिंग (China President) की विस्तारवादी नीतियों को पोसने के लिए जिस एग्रेसिव रक्षा नीति की ज़रूरत थी, उसी के मुताबिक वेई को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी और लद्दाख में Galwan Valley पर बने हालात के बाद कहा जा रहा है कि वेई ने अपनी भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

    चीन के शैनडॉंग राज्य के चिपिंग में 1954 को जन्मे वेई फेंगहे हान समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. 1970 में वेई ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जॉइन की थी जबकि 1972 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC). नेशनल डिफेंस यूनि​वर्सिटी से ग्रेजुएशन के दौरान वेई ने कॉर्डिनेटेड ऑपरेशन कमांड में विशेषज्ञता हासिल की.

    वर्तमान में वेई CPC की सेंट्रल समिति के सदस्य होने के साथ ही CPC के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (चीन की समानांतर राष्ट्रीय सुरक्षा संस्था) और PRC के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सदस्य भी हैं. इसके अलावा चीन के रक्षा मंत्री वेई स्टेट काउंसिलर भी हैं और उन्हें जनरल की रैंक हासिल है.

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    मिसाइल फोर्स के कमांडर रह चुके हैं वेई
    रक्षा मंत्री बनने से पहले वेई चीन के मिसाइल फोर्स प्रोग्राम के कमांडर रह चुके हैं. तेज़ी से सेना के आधुनिकीकरण के मकसद से वेई को रक्षा मंत्री बनाया गया था. वेई चीन की 20 लाख से ज़्यादा सैनिकों के मुखिया हैं, जो अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है. 2012 में वेई दूसरी आर्टिलरी के मुखिया बने थे और उसके बाद से ही मिसाइल कमांड के प्रमुख रहे. इसी कमांड को 2016 में रॉकेट फोर्स नाम दिया गया था.

    चीन की सर्वश्रेष्ठ मिसाइलों के कमांडर
    अमेरिकी रणनीतिक कमांड मुखिया ने माना था कि चीन की बैलेस्टिक मिसाइल का प्रोग्राम दुनिया का सबसे एक्टिव और विविधतापूर्ण है. इस प्रोग्राम के तहत चीन के पास ताइवान को निशाना बनाने वाली शॉर्ट और इंटरमीडिएट रेंज की मिसाइलों सहित अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बनाने वाली रोड मोबाइल अंतरमहाद्वीपीय बै​लेस्टिक मिसाइलें भी हैं. ये वेई के कार्यकाल की उपलब्धियां बताई जाती हैं.

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    गलवान घाटी में वेई की भूमिका
    चीन के रक्षा मंत्री की हैसियत से सीमाओं पर बनी स्थिति के पीछे वेई की भूमिका चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दाहिने हाथ जैसी ही आक्रामक रही है. गलवान घाटी में बने हालात के बाद चीन के रक्षा मंत्रालय ने गलवान घाटी को अपनी संप्रभुता का क्षेत्र बताया था और भारत पर इल्ज़ाम लगाते हुए दुनिया से कहा था कि भारत की सेनाओं ने इस इलाके में पेट्रोलिंग और निर्माण करते हुए संधि के नियमों का उल्लंघन किया.

    Tags: China, India and china, India china, India China Border Tension, India-china face-off, India-China LAC dispute, Indo-China Border Dispute

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