नीचे से ऊपर तक कितनी कीमत के साजोसामान पहनते हैं चीनी सैनिक

नीचे से ऊपर तक कितनी कीमत के साजोसामान पहनते हैं चीनी सैनिक
चीन का सैन्य बजट अच्छा खासा है लेकिन अमेरिकी मीडिया का कहना है कि वो अपने सैनिकों पर बहुत कम पैसा खर्च करता है

अगर सैन्य बजट के हिसाब से देखें तो अमेरिका के बाद चीन का सैन्य बजट सबसे ज्यादा होता है. हाल के बरसों में चीन ने अपने सैनिकों के व्यक्तिगत साजोसामान को बेहतर करने की कोशिश की है. जानते हैं कि एक चीनी थल सैनिक क्या क्या पहनता और कौन से साजोसामान रखता है. इसकी कीमत कीमत कितनी होती है.

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क्या आपको मालूम है कि एक चीनी सैनिक ऊपर सिर से लेकर नीचे पैरों तक यानि हेलमेट से लेकर बूट तक कितने कीमत के साजोसामान पहनते हैं. उसमें उसकी वर्दी भी है, हाथ में ली हुई रायफल भी और महंगा हेलमेट भी. लेकिन अमेरिकी सेना की तुलना में इसे बहुत हल्की क्वालिटी और कम कीमत का माना जाता है. क्या आप अंदाज लगा सकते हैं कि इनकी कीमत कितनी होगी.

चीन के प्रमुख समाचार पत्र पीपुल्स डेली ने कुछ समय पहले ये जानकारी दी थी. ये सारे साजोसामान खुद चीन में विकसित किए गए हैं. हालांकि दुनिया में ये सवाल अब भी उठता है कि चीन जितना पैसा अपनी आर्मी पर खर्च करता है, वो अपने सैनिकों पर नहीं करता. बल्कि उसके सैनिकों के साजोसामान और उपकरण उतनी बेहतरीन क्वालिटी के नहीं होते, जितने होने चाहिए. हालांकि ये बात सही है कि इस समय सैनिकों के व्यक्तिगत साजोसामान के मामले में चीन को दुनिया की बेहतरीन तीन आर्मी में रखा जाता है.

जब एक चीनी सैनिक तैयार होता है, तो उसे ये साजोसामान अनिवार्य तौर पर पहनना और साथ रखना होता है. इसमें एक खास हेलमेट होता है तो बैकपैक और फर्स्ट एंड किट भी.



China
चीनी सैनिक जब वर्दी पहनकर तैयार होते हैं तो उन्हें वर्दी समेत 11 साजोसामान जरूर ऊपररी तौर पर पहनने होते हैं

हर चीनी सैनिक को लैस होता है  11 सामानों के साथ
हर चीनी सैनिक को वर्दी समेत 11 व्यक्तिगत साजोसामान के साथ तैयार होना होता है. अगर भारतीय मुद्रा के हिसाब से देखें तो एक चीनी सैनिक के पास आटोमैटिक राइफल, वर्दी और जो अन्य साजोसामान, उपकरण होते हैं, उनकी कुल कीमत 81,549 रुपए होती है. यहां ये भी बताना जरूरी है कि 01 चाइनीज युआन 10.66 रुपए के बराबर होता है.

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क्या वाकई चीन अपनी सेना पर पर्याप्त पैसा खर्च करता है
अब हम आपको बताते हैं कि सिर से लेकर पैर एक चीनी थल सैनिक के लिए क्या पहनना जरूरी होता है और वो क्या आवश्यक उपकरण होते हैं, जिसको उसको साथ रखना ही होता है और इनमें से हरेक की कीमत भारतीय मुद्रा के अनुसार क्या होती है. वैसे यहां आपको ये भी बता दें कि वेस्टर्न रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक रिसर्च के बाद कहा कि वर्ष 2008 के बाद चीन दुनिया का दूसरा देश हो गया है, जो अपनी सेना पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च करता है. हालांकि अमेरिकी मीडिया बरसों से इस दावे की हंसी उड़ाता रहा है.

अमेरिका अपने सैनिकों पर चीन से कहीं ज्यादा खर्च करता है
माना जाता है कि अमेरिका अपनी सेना पर चीन से पांच गुना ज्यादा खर्च करता है. वहीं अमेरिका अपने एक सैनिक के व्यक्तिगत साजसामान पर चीन से 10 गुना ज्यादा खर्च करता है. हालांकि ये कहा जाता है कि एक चीनी सैनिक का व्यक्तिगत साजोसामान एक अच्छे आईफोन कीमत के बराबर होता है तो अमेरिका सैनिक के व्यक्तिगत साजोसामान की कीमत मध्यम दर्जे की कार के बराबर, जिसमें 20 अच्छे आईफोन आ जाएं.

चीनी सैनिकों के व्यक्तिगत साजोसामान
खैर चलिए अब हम आपको बताते हैं कि चीन सैनिक ऊपर से लेकर नीचे तक कौन सा साजोसामान पहनते हैं और कितने के होते हैं

एक चीनी सैनिक का व्यक्तिगत साजोसामान और उसकी कीमत


हेलमेट - ये खास हेलमेट 16795 रुपए का होता है.इसे QGF02 helmet कहा जाता है, जिसे चीन ने 1994 मे विकसित किया. इसमें केवलर मटीरियल का इस्तेमाल होता है. ये हल्का होता है लेकिन इस पर बम असर नहीं करता. चीनी सेना का दावा है कि ये हेलमेल अमेरिकी सेना के PASGT हेलमेट से कहीं बेहतर होते हैं.हालांकि अमेरिकी मीडिया इस दावे को गलत ठहराती है. बकौल उसके चीनी सैनिकों के हेलमेट अब भी बहुत हल्के दर्जे के होते हैं. इनकी तुलना अमेरिका के इलैक्ट्रॉनिक सिस्टम युक्त हेलमेट से नहीं किया जा सकता.

कैमोफ्लॉज टैक्टिकल वेस्ट - ये 2976 रुपए का होता है. हालांकि ये हैरानी की बात है कि चीन अपने सैनिकों बॉडी आर्मर क्यों नहीं पहनाता, जो सबसे ज्यादा जरूरी होते हैं. अमेरिकी मीडिया ने सवाल उठा चुका है कि यूं तो चीन दुनियाभर में सबसे सस्ते बॉडी आर्मर बेचता है लेकिन उसके विशेषज्ञ अपने सैनिकों को बॉडी आर्मर पहनाने पर मुंह बिचकाते हैं, जबकि वो सैनिकों के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

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गैसमास्क - इसकी कीमत 4040 रुपए होती है. ये युद्ध के मैदान में धुंआ, धूल और केमिकल फ्यूम्स से उनका बचाव करता है.

सबसे ज्यादा कीमत की होती है ए95 राइफल
इसके अलावा अन्य साजोसामान में रेनकोट (1700), केटली (1754), फर्स्ट एड किट (532), वुडलैंड कैमोफ्लॉज कपड़े की दमदार वर्दी (1667), बैकपैक (1967), बोवेन बेल्ट (1010) और काम्बैट बूट (3401) शामिल होता है. इसमें सबसे ज्यादा कीमत का उपकरण उनके साथ ए95 राइफल होती है जिसकी कीमत 45,707 रुपए होती है, ये लंबी दूरी तक मार कर सकती है. इसे आपरेशंस के दौरान काफी विश्वसनीय माना जाता है.

बुलेटप्रुफ अंडरवियर नहीं पहनते
अफगानिस्तान में जब अमेरिकी सैनिक गए तो उनकी आम शिकायत होती थी कि ऊपरी बॉडी यानि सिर और छाती की सुरक्षा के लिए हेलमेल और आर्मर होता है लेकिन लोअर बॉडी यानि शरीर के निचले हिस्से की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं होता. तब पेंटागन ने सैनिकों को बुलेटप्रुफ अंडरवीयर मुहैया कराए. अमेरिकी मीडिया हंसी उड़ाते हुए कहता है कि चीन में तो सैनिक अब भी एलास्टिक वाला अंडरवियर पहनते हैं, जबकि जमाना कहीं आगे बढ़ चुका है.
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