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जानें सांसदों और विधायकों की सैलरी, जिससे वो करेंगे कोरोना के लिए मदद

News18Hindi
Updated: April 9, 2020, 10:25 AM IST
जानें सांसदों और विधायकों की सैलरी, जिससे वो करेंगे कोरोना के लिए मदद
इस देश को संभावित खतरों से बचने के लिए विशेष प्रावधानों का इस्तेमाल करना ही होगा.

देशभर में सांसदों ( member of parliament) और विधायकों (members of legislative assembly) ने अपनी सेलरी (salary) का कुछ हिस्सा हर महीने कोरोना से मदद के फंड में देने का तय किया है. सांसद करीब 30 फीसदी हिस्सा देंगे तो विधायकों से वेतन में कटौती अलग अलग राज्यों में अलग होगी. आइए जानते हैं कि उनकी सेलरी कितनी होती है

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  • Last Updated: April 9, 2020, 10:25 AM IST
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कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद देश के सांसदों ( member of parliament) के सामने अपने वेतन (salary) में 30 फीसदी कटौती का प्रस्ताव रखा गया. जिसे सभी दलों ने मंजूरी दे दी है. इसी तरह देश के सभी राज्यों के विधायक (members of legislative assembly) भी इस महामारी से बचाव के लिए मद जुटाने हेतु अपनी सेलरी में कटौती के लिए तैयार हो गए हैं. जानते हैं क्या है हमारे जन प्रतिनिधियों का वेतन, जिसे वो करीब सालभर या इससे ज्यादा कटा सकते हैं.

प्रधानमंत्री का वेतन
प्रधानमंत्री की बेसिक सैलरी 50,000 प्रतिमाह है. साथ ही उन्हें खर्चे के लिए 3,000 रुपये प्रतिमाह भत्ते के तौर पर मिलते हैं. वहीं पीएम को प्रतिदिन भत्ता भी मिलता है जो 2000 रुपये होता है. जिसके अनुसार कुल मिलाकर उन्हें महीने में इस मद में 62,000 रुपये मिल जाते हैं. इसके अलावा उन्हें 45,000 रुपये का कांस्टीट्यूएंसी यानी चुनाव क्षेत्र भत्ता भी मिलता है.

सांसदों की सैलरी



सांसदों की सैलरी का प्रावधान द सैलरी, अलाउंस एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1954 के तहत किया गया है. इसके अनुसार एमपी को 1,00,000 रुपये की बेसिक सैलरी और 45,000 रुपये का चुनाव क्षेत्र भत्ता मिलता है. 2018 की शुरुआत तक सांसदों की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये हुआ करती थी. इसके अलावा भी सांसदों को कई सारी सुविधाएं मिलती हैं.



विधायकों की सैलरी भी नहीं है कम
विधायकों को सबसे ज्यादा सैलरी देने वाले राज्यों में तेलंगाना सबसे आगे हैं. तेलंगाना में विधायकों की सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह है. उसके बाद दिल्ली के विधायकों की सैलरी 2.1 लाख रुपये प्रतिमाह है. दिल्ली के विधायकों की सैलरी 2015 में बढ़ी है. इसके पहले उनकी सैलरी 88,000 रुपये हुआ करती थी.

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राजस्थान का विधानभवन


उत्तर प्रदेश में विधायकों को 1.87 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह, जम्मू और कश्मीर में 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह और उत्तराखंड में भी विधायकों को 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह सैलरी के रूप में मिलते हैं.

उत्तर  प्रदेश के विधायकों के वेतन और निधि के बारे में जानें
उत्तर प्रदेश में एक विधायक को विधायक निधि के रूप में 5 साल के अन्दर 7.5 करोड़ रुपये मिलते हैं. इसके अलावा विधायक को वेतन के रूप में 75 हजार रुपया महीना, 24 हजार रुपये डीजल खर्च के लिए, 6000 पर्सनल असिस्टेंट रखने के लिए, मोबाइल खर्च के लिए 6000 रुपये और इलाज खर्च के लिए 6000 रुपये मिलते हैं.सरकारी आवास में रहने, खाने पीने, अपने क्षेत्र में आने-जाने के लिए अलग से खर्च मिलता है. इन सभी को मिलाने पर विधायक को हर माह कुल 1.87 लाख रुपये मिलते हैं.

त्रिपुरा के विधायकों को मिलते हैं महज 34 हजार 
सबसे कम सेलरी त्रिपुरा के विधायक को मिलती है. ये महज 34 हजार रुपए प्रतिमाह होती है. नागालैंड के विधायक का वेतन 36 हजार रुपए होता है. वहीं गुजरात में विधायक 60 हजार रुपए सेलरी के रूप में पाते हैं.

विधायक निधि कितनी होती है
भारत में में कुल 4120 विधायक हैं. विधायक को हर महीने सेलरी के अलावा क्षेत्र के विकास के लिए फंड दिया जाता है, जो हर साल 1 करोड़ रुपये से लेकर 4 करोड़ रुपये तक होता है.

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First published: April 9, 2020, 10:22 AM IST
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