नेपाल के PM की सैलरी से ज्यादा है भारत के सांसदों, विधायकों का वेतन, जानें कितना

नेपाल के PM की सैलरी से ज्यादा है भारत के सांसदों, विधायकों का वेतन, जानें कितना
कितना है नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का वेतन

इन दिनों नेपाल के प्रधानमत्री अपने भारत विरोधी रुख के कारण लगातार चर्चाओं में हैं. हालांकि अब उनकी ही पार्टी के नेता उनसे इस्तीफा मांग रहे हैं. क्या आपको मालूम है कि नेपाली पीएम का वेतन कितना है और उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं. हालांकि ये भारत के सांसदों और विधायकों से काफी कम है

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क्या आपको मालूम है कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सैलरी हमारे देश के विधायकों से भी कम है. भत्ते और भी कम. लेकिन वो अपने अमले में कहीं ज्यादा सलाहकार और स्टाफ की भर्ती कर सकते हैं.

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली इन दिनों अपने भारत विरोधी रुख के कारण काफी चर्चाओं में हैं. हालांकि अब उन्हीं नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के लोग उनके खिलाफ हो रहे हैं. उनसे इस्तीफा मांगा जा रहा है. उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं. दबी जुबान में कहा जा रहा है कि चीन उनके हितों को पोषित कर रहा है.

खैर ये तो अलग बात है लेकिन किसी शायद नेपाल के प्रधानमंत्री का वेतन किसी भी एशियाई देश के प्रधानमंत्री से कम है. अगर इस वेतन को भारतीय मुद्रा से जोड़कर देखेंगे तो ये और भी कम लगेगा. भारत का 100 रुपया नेपाल के 62.44 रुपए के बराबर है.



कितना है नेपाली प्रधानमंत्री का वेतन



नेपाल की वेबसाइट ओएसनेपाल के अनुसार, नेपाली प्रधानमंत्री की सैलरी 77,280 रुपए है. यानि भारतीय मुद्रा के अनुसार 48,257 रुपए. इसमें उनका मिसलेनियस भत्ता 10,000 रुपया और मोबाइल बिल का 5000 रुपया शामिल है. इसके अलावा अगर नेपाल के पीएम राजधानी काठमांडू से अगर बाहर जाते हैं तो उन्हें प्रतिदिन का 3000 रुपया भत्ता मिलता है. इस वेतन के अलावा प्रधानमंत्री को उनकी आधिकारिक कार के लिए हर महीने 306 लीटर तेल भी मिलता है.

नेपाल में राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति की सेलरी प्रधानमंत्री से अधिक होती है.


राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सैलरी इससे ज्यादा
नेपाल के सबसे बड़े अंग्रेजी "द हिमालयन टाइम्स" की एक रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में प्रधानमंत्री से ज्यादा वेतन राष्ट्रपति (करीब 1.5 लाख) और उप राष्ट्रपति (करीब 1.0 लाख रुपए) होता है.

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बड़ा स्टाफ जरूर रख सकते हैं प्रधानमंत्री
नेपाल के प्रधानमंत्री को 45 सवेतन सलाहकार रखने का भी अधिकार है. इसके अलावा वो 35 लोगों का स्टाफ रख सकते हैं, जिसमें फोटोग्राफर, ड्राइवर, अकाउंटेंट आदि भी रखने की अनुमति होती है, उनके वेतन का खर्च सरकारी खजाने से निकलता है.

नेपाल के प्रधानमंत्री काठमांडू में एक लंबा-चौड़ा सरकारी आवास और जगुआर कार मिलती है. हालांकि प्रधानमंत्री का एक कहीं ज्यादा बड़ा इस साल बनना शुरू हो गया है, जो कहीं ज्यादा बड़ा है.

भारत में पीएम, सांसदों और विधायकों का वेतन कितना
अब आइए जरा देख लेते हैं कि भारत में प्रधानमंत्री, सांसदों और विधायकों का वेतन कितना होता है.

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भारत में सांसदों और विधायकों का वेतन नेपाल के प्रधानमंत्री की तुलना में ज्यादा है


भारत के प्रधानमंत्री का वेतन
भारत के प्रधानमंत्री की बेसिक सैलरी 50,000 प्रतिमाह है. साथ ही उन्हें खर्चे के लिए 3,000 रुपये प्रतिमाह भत्ते के तौर पर मिलते हैं. वहीं पीएम को प्रतिदिन भत्ता भी मिलता है जो 2000 रुपये होता है. जिसके अनुसार कुल मिलाकर उन्हें महीने में इस मद में 62,000 रुपये मिल जाते हैं. इसके अलावा उन्हें 45,000 रुपये का कांस्टीट्यूएंसी यानी चुनाव क्षेत्र भत्ता भी मिलता है.

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सांसदों की सैलरी
भारतीय सांसदों की सैलरी का प्रावधान द सैलरी, अलाउंस एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1954 के तहत किया गया है. इसके अनुसार एमपी को 1,00,000 रुपये की बेसिक सैलरी और 45,000 रुपये का चुनाव क्षेत्र भत्ता मिलता है. 2018 की शुरुआत तक सांसदों की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये हुआ करती थी. इसके अलावा भी सांसदों को कई सारी सुविधाएं मिलती हैं.

विधायकों की सैलरी भी नहीं है कम
विधायकों को सबसे ज्यादा सैलरी देने वाले राज्यों में तेलंगाना सबसे आगे हैं. तेलंगाना में विधायकों की सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह है. उसके बाद दिल्ली के विधायकों की सैलरी 2.1 लाख रुपये प्रतिमाह है. दिल्ली के विधायकों की सैलरी 2015 में बढ़ी है. इसके पहले उनकी सैलरी 88,000 रुपये हुआ करती थी.
उत्तर प्रदेश में विधायकों को 1.87 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते हैं.

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इसके अलावा महाराष्ट्र में 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह, जम्मू और कश्मीर में 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह और उत्तराखंड में भी विधायकों को 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह सैलरी के रूप में मिलते हैं.
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