राफेल विमानों की टेल पर क्यों लिखा होगा RB या BS? क्या है ये कहानी?

राफेल विमानों की टेल पर क्यों लिखा होगा RB या BS? क्या है ये कहानी?
राफेल विमानों की टेल पर लिखा RB सीरीज़ का नंबर.

राफेल फाइटर जेट्स (Rafale Fighter Jets) के लिए भारत के इंतज़ार की घड़ियां बुधवार को खत्म होने जा रही हैं. हालांकि अगर अंबाला में मौसम खराब रहा तो कहा जा रहा है कि ये राफेल विमान जोधपुर (Jodhpur) लैंड कर सकते हैं. भारत की ज़मीन पर कहीं भी उतरें, इन विमानों की टेल पर दर्ज एक नंबर दिखेगा, जिसके पीछे एक रोचक कहानी है.

  • News18India
  • Last Updated: July 29, 2020, 12:26 PM IST
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फ्रांस से फाइटर विमान राफेल (French Made Rafale) का पहला बैच 29 जुलाई को भारत के अंबाला एयरबेस (Ambala Air Force Base) पर पहुंचने जा रहा है. यह पहला बैच है, लेकिन 2016 में भारत और फ्रांस की दासॉल्ट कंपनी (Dassault) के बीच हुए करार (Rafale Deal) के बाद पहला राफेल भारत को पिछले साल अक्टूबर में मिला था. उस पहले राफेल विमान की टेल पर एक नंबर (Rafale Tail Number) दर्ज था RB-001. ये नंबर क्यों था? और इस सीरीज़ के नंबर राफेल विमानों की टेल पर क्यों होंगे? इसके पीछे जानने लायक कहानियां हैं.

आखिर किसका नाम दर्ज है राफेल पर?
भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 36 राफेल जंगी जेट्स के लिए 59000 करोड़ रुपये की डील की थी. इस डील में अहम भूमिका निभाई थी भारत के वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने. फ्रांस के शहर बॉर्डोक्स में पिछले साल जब भारत को ​पहला राफेल विमान हैंडओवर किया गया था, तब भदौरिया के साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे. पिछले साल सितंबर में भदौरिया ने वायुसेना प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला था.

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भारत के जंगी बेड़े में शामिल होने जा रहा है राफेल का पहला बैच.

क्या है भदौरिया का ट्रैक रिकॉर्ड?


राफेल की टेल पर राकेश भदौरिया के नाम का शॉर्ट फॉर्म दर्ज है तो दिलचस्पी होगी कि आखिर भदौरिया वायुसेना में कितने अहम रहे हैं. एयर चीफ मार्शल के पद पर पहुंचने वाले भदौरिया 1980 में वायु सेना के फाइटर वर्ग में कमीशन हुए थे. सेना में अपने करियर के दौरान भदौरिया को ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में अव्वल रहने के लिए उन्हें 'सोर्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया जा चुका है.

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26 तरह के ​फाइटर विमानों और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की 4250 घंटों से ज़्यादा की उड़ानों का अनुभव भदौरिया के पास है. यही नहीं, IAF की वेबसाइट पर दर्ज ब्योरे के मुताबिक इन उड़ानों के दौरान उन्होंने खासी दक्षता का परिचय देकर Cat 'A' क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर व पायलट अटैक प्रशिक्षक होने का गौरव भी हासिल किया.

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राफेल विमानों पर RB और BS सीरीज़ होगी टेल पर
राकेश भदौरिया के नाम के बारे में जानने के बाद ये जानना भी दिलचस्प है कि भारत को 36 राफेल विमान मिलेंगे, जिनके टेल नंबर RB और BS सीरीज़ में होंगे. राफेल ट्रेनर भी जो भारत को मिला था, उसका टेल नंबर RB 008 था. ये पूरी सीरीज़ भदौरिया के नाम पर केंद्रित है, तो दूसरी सीरीज़ यानी BS के टेल नंबर भदौरिया से पहले वायु सेना प्रमुख रहे बीरेंद्र सिंह धनोआ के इनिशियल पर आधारित है.

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राकेश कुमार सिंह भदौरिया को वायु सेना प्रमुख का पदभार पूर्व प्रमुख बीएस धनोआ ने सौंपा था.


क्या है अफसरों के नाम पर इन नंबरों की परंपरा?
ये फैक्ट्स साफ इशारा करते हैं कि टेल नंबरों को तय किए जाने की इस तरह की परंपरा रही है. कूटनीति या प्रबंधन में विशेष या अहम भूमिकाएं निभाने वाले वायु सेना अफसरों के नाम पहले भी विमानों पर दर्ज होते रहे हैं. LCA तेजस विमान का नाम वैज्ञानिक डॉ. कोटा हरिनारायण के नाम पर था, जिन्होंने स्वदेशी एयरक्राफ्ट के प्रमुख डिज़ाइनर और प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर पर सेवाएं दी थीं.

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इसी तरह, MiG 27 विमानों के टेल नंबर TS और सुखाई के टेल नंबर SB वायुसेना के पूर्व अफसरों के नामों के शॉर्ट फॉर्म ही थे. इस बारे में एक रिपोर्ट की मानें तो SB का मतलब दो युवा विंग कमांडरों के नाम के शॉर्ट फॉर्म से था. वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C17 के टेल नंबर पर CB दर्ज था, जो पूर्व वायुसेना प्रमुख एनएके ब्राउन के नाम पर आधारित था, जिन्हें चार्ली ब्राउन नाम से पुकारा जाता था.

कैसे और कौन तय करता है ये नंबर?
इस तरह की परंपरा होने के बावजूद वायु सेना से जुड़े जानकारों की मानें तो टेल नंबरों को लेकर कोई तयशुदा मानक नहीं है. इन नंबरों के तय होने के सिलसिले में कई तरह के विचारों में से उपयुक्त ​को देखा जाता है. बहरहाल, टेल नंबर वायु सेना की ऑपरेशन्स ब्रांच द्वारा मुहैया कराए जाते हैं और फिर मेंटेनेंस ब्रांच सीरीज़ का आवंटन करती है.
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