राम मंदिर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा, कौन से हैं इससे बड़े दो मंदिर?

राम मंदिर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा, कौन से हैं इससे बड़े दो मंदिर?
दुनिया के तीन सबसे बड़े मंदिर.

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मंदिर के तौर पर बनने जा रहे प्रस्तावित अयोध्या तीर्थ (Ayodhya Teerth) का दायरा दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) के 2 लाख 40 हज़ार वर्गमीटर क्षेत्र से ज़्यादा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के दो सबसे बड़े हिंदू मंदिर (Hindu Temple) कौन से हैं? यदि हां, तो उन मंदिरों के बारे में आप कितना जानते हैं?

  • News18India
  • Last Updated: July 24, 2020, 10:25 PM IST
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अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के भूमिपूजन को लेकर ताज़ा खबरों के बीच एक खबर डिज़ाइन में फेरबदल को लेकर भी है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Ram Janma Bhoomi Teerth Kshetra) के लिए 2.77 एकड़ की ज़मीन दी गई थी. अयोध्या एक्ट, 1993 के तहत इस तीर्थ के लिए 67.703 एकड़ ज़मीन अधिग्रहीत होगी. यानी 70 एकड़ या 2 लाख 83 हज़ार वर्गमीटर से ज़्यादा क्षेत्र में इस तीर्थ का फैलाव होगा. जानिए दुनिया के दो सबसे बड़े मंदिरों (Largest Temples) की तुलना में कहां ठहरेगा, ये तीसरा सबसे बड़ा मंदिर.

दुनिया का सबसे बड़ा धर्मस्थल है अंगकोर वाट
कंबोडिया में स्थित यह मंदिर अस्ल में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है. 402 एकड़ यानी 16 लाख 26 हज़ार वर्गमीटर के दायरे में फैला यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित मूलत: हिंदू मंदिर था, जिसे केहमर या अंगकोर साम्राज्य में राजा सूर्यवर्मन ने बनवाया था. 12वीं सदी की शुरूआत में केहमर साम्राज्य की राजधानी यशोधरापुर में यह मंदिर राजमंदिर के तौर पर बनवाया गया था.

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डेढ़ वर्ग किलोमीटर से भी ज़्यादा क्षेत्र में है अंगकोर वाट का विस्तार.

शैव बनाम वैष्णव की लड़ाई का नतीजा


12वीं सदी के आखिर तक इस पूरे क्षेत्र में बौद्ध धर्म का प्रचार हुआ और यह मंदिर भी हिंदू-बौद्ध मंदिर में तब्दील होने लगा. इससे पहले इस क्षेत्र में शैव राजाओं का वर्चस्व था और शिव मंदिरों की बहुतायत थी. उसी वक्त हिंदू धार्मिक मान्यताओं में शैव और वैष्णव विचारों के बीच संघर्ष का समय आया. इन संप्रदायों की लड़ाई का महत्वपूर्ण स्मारक यह मंदिर है, जो शैव परंपराओं की जगह विष्णु के वर्चस्व को स्थान देने के लिए बनवाया गया था.



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देश के लिए गौरव प्रतीक रहा मंदिर
अंगकोर वाट मंदिर समय के साथ कंबोडिया का प्रतीक बनता चला गया. कंबोडिया के झंडे पर आने के साथ ही, यह कंबोडिया के लिए दुनिया भर से पर्यटकों के लिए खासा आकर्षण बनता गया. इस मंदिर की संरचना भी बेहद कलात्मक और विशाल है. यह मंदिर अपनी वास्तुकला में हिंदू धार्मिक मान्यताओं में देवों का स्थान कहे जाने वाले मेरू पर्वत को दर्शाता है. दूसरे, एक खाई के किनारे इसकी साढ़े तीन किलोमीटर लंबी दीवारों के बीच चौकोर दालानें रमणीय हैं.

एक वर्ग के केंद्र और चारों कोनों के बिंदुओं को मिलाकर बनने वाली पंचक आकृति में एकदम मध्य में मंदिर की संरचना है. अपने से पहले के अंगकोर मंदिरों से अलग इस मंदिर की संरचना पश्चिमी स्मारकों जैसी ज़्यादा है. हालांकि इस संरचना को लेकर विद्वान एकमत नहीं हैं. मंदिर की दीवारों पर कई देवताओं को उकेरा गया है.

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156 एकड़ में फैला है श्रीरंगम मंदिर परिसर.


दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है श्रीरंगम
पूरी तरह से कार्यशील हिंदू मंदिर की बात की जाए तो तिरुचिरापल्ली स्थित श्रीरंगस्वामी का मंदिर दुनिया में सबसे बड़ा है. अंगकोर वाट से तुलना की भी जाए तो 156 एकड़ या करीब 6 लाख 31 हज़ार वर्गमीटर के क्षेत्र में फैला यह मंदिर भारत का सबसे बड़ा मंदिर तो है ही, दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में भी इसका शुमार है.

किसी शहर से कम नहीं है मंदिर
यह मंदिर सात संकेंद्रिक दीवारों यानी प्रक्रमों से घिरा है, जिनकी कुल लंबाई छह किलोमीटर से भी ज़्यादा है. ये दीवारें 21 गोपुरम के दायरे में हैं. इस मंदिर में 49 तीर्थ स्थल हैं, जो सारे के सारे भगवान विष्णु को समर्पित हैं. ये अपने आप में किसी शहर से कम नहीं है. हालांकि यह पूरा इलाका धार्मिक मकसद का ही नहीं है, सात में से पहली तीन दीवारों में दुकानें और व्यापारिक संस्थाएं हैं और आवासीय परिसर भी.

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इस तथ्य को अगर माना जाए और मंदिर के क्षेत्र को कम भी कर दिया जाए, तब भी यह देश का तीसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर होता है. यानी चिदंबरम के थिलाई नटराज मंदिर और तिरुवन्नामलई अन्नामलइयार मंदिर के बाद तीसरा सबसे बड़ा मंदिर. श्रीरंगम मंदिर को सांस्कृति धरोहर के संरक्षण के मामले में 2017 में यूनेस्को एशिया पैसिफिक ने 'मेरिट अवॉर्ड' से भी नवाज़ा था.

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अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का फैलाव 2 लाख 80 हज़ार वर्गमीटर से ज़्यादा का होगा.


तीसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर होगा अयोध्या में
अयोध्या में प्रस्तावित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर या धार्मिक स्थल बनेगा. प्रस्तावित राम मंदिर भवन की डिज़ाइन को लेकर हालिया खबरों में जो ​स्थिति बताई जा रही है, उसके मुताबिक इसकी चौड़ाई 140 से बढ़ाकर 280 फीट तक की गई है और लंबाई 268 से बढ़ाकर 300 फीट तक. वहीं ऊंचाई पहले 128 फीट प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 161 फीट तक किया गया है.
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