ये हैं वो दो महिलाएं, जिन्हें इतिहास में पहली बार नेवी में मिले 'पंख'

सब लेफ्टिनेंट्स कुमुदिनी त्यागी और रीति सिंह.
सब लेफ्टिनेंट्स कुमुदिनी त्यागी और रीति सिंह.

बदलाव किए जा रहे हैं और महिलाओं को फ्रंटलाइन लड़ाकू जहाज़ों (Warships) पर तैनाती का रास्ता खुल रहा है. ये महिलाएं लड़ाकू विमान (Fighter Plane) और हेलीकॉप्टर उड़ाती दिखेंगी. राफेल (Rafale) उड़ाने के लिए भी महिला पायलटों (Women Pilots) की ट्रेनिंग चल रही है.

  • News18India
  • Last Updated: September 22, 2020, 2:26 PM IST
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भारतीय नौसेना (Indian Navy) में ऐतिहासिक रूप से ऐसा पहली बार होगा, जब दो महिला अफसरों की तैनाती नौसेना के अग्रिम मोर्चे पर तैनात लड़ाकू जहाज़ पर होगी. इन दो म​हिला अफसरों (Women Officers) को 'ऑब्ज़र्वर' के तौर पर नौसेना की हेलीकॉप्टर स्ट्रीम (Helicopter Stream) में तैनाती मिली है. इसके बाद माना जा रहा है कि फ्रंटलाइन युद्धपोतों में महिलाओं की तैनाती के रास्ते खुल जाएंगे. दूसरी तरफ, वायु सेना (Indian Air Force) के जंगी बेड़े में शामिल हो चुके राफेल के पायलटों (Rafale Pilot) के तौर पर भी महिला पायलटों की तैनाती को मंज़ूरी मिल चुकी है और उनकी 'कनवर्जन ट्रेनिंग' जारी है.

नौसेना और वायुसेना में महिलाओं के साथ अब तक पुरुषों से अलग व्यवहार होता था और जंगी जहाज़ों से महिलाओं को तकरीबन दूर ही रखा जाता था. लेकिन इन दो खबरों से कई तरह के मौके खुलते हुए नज़र आ रहे हैं और महिलाएं अब जंगी मोर्चे पर अहम भूमिकाओं में नज़र आ सकती हैं. ​नौसेना की महिला अधिकारियों और राफेल उड़ाने वाली महिलाओं की तैनाती के बारे में और जानिए.

अब तक क्यों नहीं होती थी तैनाती?
भारतीय नौसेना में महिला अफसरों की अच्छी संख्या के बावजूद अब तक उन्हें युद्धपोतों पर तैनाती नहीं मिलती थी. इसके प्रमुख कारणों में पहला तो क्रू क्वार्टर में निजता की कमी था और दूसरा कारण महिलाओं के लिए अलग से बाथरूम की व्यवस्था का न होना था. लेकिन अब इंतज़ाम बदल रहे हैं और महिलाओं की तैनाती का रास्ता साफ हो रहा है.
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रक्षा विभाग ने ट्वीट के ज़रिये त्यागी और सिंह की तैनाती की सूचना दी.




वो दो महिला अफसर, जिन्हें मिली तैनाती
नौसेना के युद्धपोत पर जिन दो महिला अफसरों को तैनाती मिल रही है, वो सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह हैं. लड़ाकू जहाज़ों के डेक से संचालन करने वाली भारत की पहली महिला एयरबॉर्न टेक्टीशियन के तौर पर इन्हें तैनाती मिली है. इससे पहले, सोमवार को नौसेना की दक्षिण कमान कोच्चि में आईएनएस गरुड़ पर दोनों को ऑब्ज़र्वर कोर्स कामयाबी से पूरा करने पर सम्मानित किया गया.

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साल 2018 में नौसेना में कमीशन की गईं त्यागी और सिंह को 'विंग्स' सम्मान मिलने के बाद पंख लग गए हैं. मल्टी रोल हेलीकॉप्टर को ऑपरेट करने की ट्रेनिंग ले चुकीं ये दोनों अफसर ऐतिहासिक रूप से पहली बार नौसेना के जंगी जहाज़ में तैनाती पाने वाली महिलाएं हैं. खबरों की मानें तो सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह हैदराबाद से हैं. यही नहीं, सशस्त्र बलों में उनका परिवार तीन पीढ़ियों से सेवा दे रहा है. उनके दादा ने सेना में तो पिता ने नेवी में सेवाएं दी थीं.

दूसरी ओर, सब लेफ्टिनेंट त्यागी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने कहा कि '2015 में नेवी के एक विमान हादसे में महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट किरण शेखावत की मौत की घटना ने नेवी की विमानन विंग में शामिल होने की प्रेरणा दी. नेवी सिर्फ पानी नहीं, बल्कि हवा और ज़मीन पर भी काम करती है और मैं यह चुनौती लेना चाहती थी.'

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क्या होगा दोनों का रोल?
91वां रेगुलर कोर्स और 22वां एसएससी ऑब्ज़र्वर कोर्स करने के बाद एयर नेविगेशन, फ्लाइंग प्रक्रिया, हवाई वॉरफेयर टेक्टिक्स, एंटी सबमरीन वॉरफेयर और एयरबॉर्न एवियोनिक सिस्टम संबंधी महारत हासिल होती है. इस कोर्स को पूरा करने वाले ये अफसर नेवी और कोस्टगार्ड के उन विमानों को उड़ाने और संचालित करने में भूमिका निभाएंगे, जो जासूसी और एंटी सबमरीन वॉरफेयर एयरक्राफ्ट हैं.

ये दोनों महिला अफसर युद्धपोत पर तैनात हेलीकॉप्टरों से उड़ान भरकर इतिहास रचने जा रही हैं क्योंकि यह एक ऐसा क्षेत्र रहा, अब तक सिर्फ पुरुषों को ही स्थान हासिल था. महिलाओं के लिए दूसरी अहम खबर यह भी आई कि कुछ ही दिन पहले भारतीय वायु सेना में शामिल हुए राफेल विमानों की उड़ान के लिए भी उन्हें मौका मिलने जा रहा है.

राफेल भी उड़ाएंगी महिलाएं
वायु सेना राफेल उड़ाने के लिए महिला पायलटों की ‘कनवर्ज़न ट्रेनिंग’ करवा रही है. खबरों की मानें तो जो महिला पायलट पहले MiG-21 लड़ाकू विमान की उड़ानों का अनुभव रखती हैं, उन्हें फुल फाइटर प्रक्षिक्षण कोर्स में शामिल किया जा चुका है. जल्द ही इन महिलाओं को 17 स्क्वाड्रन में सक्रिय भूमिका दी जाएगी. इस बात की पुष्टि भी खबरों में है कि महिलाओं व पुरुषों के लिए ट्रेनिंग के नियम कायदे समान होंगे. फ़िलहाल वायु सेना में महिला अधिकारियों की कुल संख्या तो 1,875 है लेकिन लड़ाकू की महिला पायलट सिर्फ 10 हैं.
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