वो युवा महिला वैज्ञानिक, जिसकी अगुवाई में लॉंचिंग तक पहुंचा UAE का मंगल मिशन

वो युवा महिला वैज्ञानिक, जिसकी अगुवाई में लॉंचिंग तक पहुंचा UAE का मंगल मिशन
यूएई की एडवांस्ड साइन्स व टेक मंत्री. चित्र विकिकॉमन्स से साभार.

यह युवा Woman Scientist न केवल कई मायनों में Emirates के Hope Mars Probe का चेहरा है बल्कि Arab Nations में Space Science की दिशा में बड़ी प्रगति के लिए भी काफी क्रेडिट उन्हें जाता है. USA के सहयोग से यूएई जिस मंगल मिशन को Japan से लॉंच करने की तैयारी में है, उसकी कमान संभालने वाली महिला का चर्चा हर तरफ है.

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संयुक्त अरब अमीरात का Space Craft मंगल ग्रह की यात्रा पर निकलने वाला है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी अरब देश (Arabic Country) से पहली बार मंगल भेजे जा रहे इस अंतरिक्ष मिशन (Emirates' Hope Mars Mission) की कमान एक महिला के हाथों में रही. सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मंत्री पद तक का सफर तय करने वाली इस महिला वैज्ञानिक के बारे में आपको जानना चाहिए.

यूएई की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मंत्री हैं सारा
अपनी घबराहट और उत्साह को दर्शाते हुए एक इंटरव्यू में सारा अल अमीरी ने कहा कि अमीरात के होप मंगल मिशन में उनकी पूरी टीम ने छह साल से ज़्यादा का समय दिया है, जो अब लॉंच होने जा रहा है. सारा के मुताबिक यह मिशन मंगल ग्रह के वातावरण और सत्हों की संरचना के कारण खोजेगा. यह जानेगा कि कैसे मंगल पहले पृथ्वी की तरह जीवन वाला ग्रह था और कैसे यह बदल गया.

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33 वर्षीय सारा ने कहा कि वो बहुत बेताबी से लॉंचिग के बाद के पहले 24 घंटों पर नज़र रखेंगी क्योंकि इसी समय में उन्हें अमीरात के इस महत्वाकांक्षी मिशन की सफलता से जुड़े शुरूआती नतीजे मिलेंगे.



कौन हैं सारा अल अमीरी?
सारा पहले दुबई स्थित मोहम्म्द बिन राशिद स्पेस सेंटर में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्यरत थीं, जहां से अंतरिक्ष विज्ञान की तरफ उनका रुझान जुनून की हद तक बढ़ा. इससे पहले सारा ने शारजाह की अमेरिकन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की थी. 1987 में जन्मी सारा हमेशा से अंतरिक्ष विज्ञान मे दिलचस्पी रखती थीं लेकिन उनके करियर चुनने के समय यूएई में स्पेस कार्यक्रम था ही नहीं.

सैटेलाइटों पर काम कर चुकीं सारा
अमीरात के एडवांस्ड साइन्स और टेक संस्था में सारा ने अपना करियर शुरू किया था और DubaiSat-1 व DubaiSat-2 जैसे प्रोजेक्टों पर काम कर चुकी हैं. दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में सीनियर भूमिका लेने से पहले सारा ने क्लाइमेट चेंज पर यूएई के मंत्रालय में भी सेवाएं दी थीं. 2016 में उन्हें अमीरात विज्ञान परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया था.

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होप मंगल मिशन के बारे में चर्चा करतीं सारा अल अमीरी.


मंगल मिशन के प्रभार तक सफर
साल 2017 में जब यूएई में एडवांस्ड साइन्स और टेक मंत्री का पद पहली बार क्रिएट हुआ, तब सारा को इस पद पर नियुक्त किया गय. 2017 में ही सारा अमीरात की पहली नागरिक बनीं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय TED सम्मेलन में मंगल मिशन के बारे में बातचीत करने के लिए शिरकत की. इससे पहले सारा को 2016 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में वक्ता के तौर पर बुलाया गया था.

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महिलाओं की मौजूदगी पर भी चिंता
अमीरात के होप मंगल मिशन पर काम करने वालों में से 34% महिलाएं हैं. इसके बावजूद लैंगिक भेदभाव को लेकर सारा ने चिंता जताई है. एक रिपोर्ट की मानें तो सारा ने कहा कि इस मिशन के नेतृत्व को लेकर लैंगिक असमानता नज़र आती है क्योंकि इस मिशन के सभी डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर होप के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ओमरान शरीफ को रिपोर्ट करते रहे. जबकि मंत्री होने के साथ ही इस मिशन की वैज्ञानिक लीड भी सारा ही थीं.
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