क्या कोरोना टेस्ट कराने में बहुत दिक्कत होती है, टेस्टिंग से जुड़े ऐसे ही कई सवालों के जवाब

क्या कोरोना टेस्ट कराने में बहुत दिक्कत होती है, टेस्टिंग से जुड़े ऐसे ही कई सवालों के जवाब
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भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) 28 हज़ार से ज़्यादा और दुनिया में 6 लाख 10 हज़ार से ज़्यादा जानें ले चुका है. इस वायरस की रोकथाम के लिए बराबर कहा जा रहा है कि ज़्यादा से ज़्यादा टेस्टिंग किया जाना ही उपाय है. Covid-19 टेस्टिंग से जुड़े कई सवाल आपके मन में आते हैं, तो उनके जवाब यहां ​आपको मिल जाएंगे.

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कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण के कुल कन्फर्म केसों की संख्या भारत में 12 लाख के आंकड़े को छूने के करीब है. इन हालात में, कई लोग कोविड 19 टेस्ट (Covid 19 Testing) को लेकर कई तरह की सूचनाओं से भ्रमित हैं और कुछ सवालों के जवाब अक्सर चाहते दिख रहे हैं. कोविड 19 टेस्टिंग से जुड़े अहम और ज़रूरी सवालों के जवाब विशेषज्ञों के अनुसार आप एक साथ एक जगह यहीं पा सकते हैं.

सवाल : कोविड 19 के लिए स्वाब टेस्ट कहां करवाया जा सकता है?
जवाब : इसके लिए सबसे पहले आप अपने फैमिली डॉक्टर या परिचित से सलाह लें. प्राथमिक उपचार केंद्रों तक भी कोविड 19 टेस्टिंग की सुविधा कई जगह पहुंची है. इसके अलावा स्थानीय परीक्षण कैंपों, प्राइवेट लैब्स, घर-घर जाकर टेस्ट के लेकर स्थानीय अस्पतालों तक टेस्टिंग के कई विकल्प हैं. टेस्टिंग के बारे में और जानकारी के लिए आप स्थानीय प्रशासन की वेबसाइट, ऐप या हेल्पलाइन पर कॉल भी कर सकते हैं.

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न्यूज़18 क्रिएटिव

सवाल : कोविड 19 के लिए स्वाब टेस्ट कितना सटीक होता है?


जवाब : असल में इस टेस्ट में 'PCR assay' की जांच होती है, जो आनुवांशिक तत्व में वायरस की स्थिति देखने की जांच है. लैब में यह देखा जाता है कि PCR assay में कोरोना वायरस मौजूद है या नहीं. अब टेस्टिंग के लिए दो चुनौतियां पेश आती हैं. एक ये कि नमूने की क्वालिटी कैसी है और दूसरी लैब पर जांच का कितना बोझ है.



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वायरस के संपर्क में आने के बाद वायरस आपके सांस तंत्र के ऊपरी हिस्से में मौजूदगी ​दर्ज कराता है. लक्षण दिखने में कुछ वक्त लगता है इसलिए अगर वायरस के संपर्क में आने के शुरुआती समय में ही टेस्ट हो तो उसका परिणाम हो सकता है कि बहुत सटीक न हो. दूसरी बात ये है कि स्वाब के नमूने भी कभी-कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होते.

सवाल : नैज़ल स्वाब नमूना होता क्या है? यानी यह प्रक्रिया क्या है?
जवाब : कोविड 19 टेस्ट के लिए नमूना लिये जाने के लिए एक लंबी लेकिन मुलायम स्टिक को नाक के रास्ते गले तक घुसाया जाता है. इस स्टिक के दूसरे कोने पर एक मुलायम ब्रश होता है जो गले तक पहुंचता है. इस स्टिक को घुसाने के बाद घुमा दिया जाता है, जिससे गले में जमा स्राव इस ब्रश में इकट्ठा हो जाता है. अच्छे नमूने के लिए स्राव को गले के पिछले हिस्से से लिया जाना होता है.

चूंकि शरीर को इस हिस्से में कोई भी चीज़ इंसर्ट करने की आदत होती ही नहीं है इसलिए इसमें बेहद अटपटी फीलिंग होती है. विशेषज्ञ इसे खराब या नुकसानदायक नहीं कहते लेकिन मानते हैं कि ये बहुत अनकंफर्टेबल है.

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सवाल : स्वाब टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव हो लेकिन डॉक्टर को संक्रमण का शक हो तो?
जवाब : सबसे पहले डॉक्टर आपके लक्षण देखते हैं और उनके आधार पर वो एक और टेस्टिंग पर विचार कर सकते हैं. शायद किसी और ​टेस्ट की ज़रूरत भी पड़े जैसे एक्सरे. अगर आपके शरीर में वायरस है और आपमें गले में दर्द, बहती नाक या सूखे कफ जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं तो स्वाब टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आनी चाहिए.

कभी-कभी ऐसा होता है कि कोरोना वायरस सांस तंत्र के निचले हिस्से में चला जाता है, जहां सांस लेने में समस्या, गाढ़े कफ और खून के आक्सीजन का स्तर कम होने जैसे लक्षण दिखते हैं. इस तरह की स्थितियों में चेस्ट एक्सरे और फेफड़ों के सीटी स्कैन जैसे टेस्टों की मदद से डॉक्टर देख सकते हैं कि कोविड 19 है कि नहीं. अगर इस तरह का खतरा दिखता है तो ब्रोंकोस्कोपी के ज़रिये आपके फेफड़ों से नमूने लेकर फिर कोविड 19 की जांच की जा सकती है.

सवाल : निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के गलत होने के कितने आसार हैं?
जवाब : यह एक आम सवाल है. जैसा पहले बताया गया कि अगर किसी मरीज़ में लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो उसकी टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने की संभावना रहती है. जब तक शरीर में वायरस पकड़े जाने की स्थिति तक बढ़ नहीं जाती, तब तक उसकी मौजूदगी दिखना मुश्किल होती है. ऐसी स्थिति में रिपीट टेस्ट किए जा सकते हैं.

सवाल : कोविड 19 टेस्ट के और तरीके क्या हैं?
जवाब : नैज़ल स्वाब नमूनों के अलावा गले के स्वाब या सलाइवा के नमूनों की जांच से भी कोरोना वायरस टेस्टिंग की गई है लेकिन इन नमूनों की जांच की प्रामाणिकता को लेकर अभी अध्ययन हो रहे हैं. वायरस के जैनेटिक तत्व को ट्रेस करने वाले न्यूक्लिक एसिड टेस्ट के अलावा एंटिजन टेस्टिंग भी की जाती है. हालांकि एंटिजन टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आए तो ठीक लेकिन निगेटिव आने पर कन्फर्मेशन के लिए न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करना पड़ता है.

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सवाल : घरेलू कोविड 19 टेस्टिंग क्या है और कितनी भरोसेमंद है?
जवाब : घरेलू टेस्टिंग का मतलब यह है कि कोई व्यक्ति स्वाब नमूना घर पर ही ले और उसे जांच एजेंसी तक पहुंचाए. घरेलू टेस्ट किट की क्वालिटी और विश्वसनीयता अभी तक पता नहीं चली है. हालांकि इस तरह की किट्स अभी संपन्न देशों में ही किसी स्तर पर इस्तेमाल हो रही हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि सबसे अच्छा यही है कि आप ट्रेंड स्वास्थ्यकर्मी से ही सैंपल कलेक्शन करवाएं और सर्टिफाइड लैब में नमूने की जांच हो.

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सवाल : अगर आपको कोविड 19 टेस्ट की ज़रूरत लग रही है तो क्या करें?
जवाब : नैज़ल स्वाब नमूने से कोविड 19 टेस्ट करवाने के लिए डॉक्टर का प्रेस्क्रिप्शन ज़रूरी है. इसलिए अगर आपको इस तरह का कोई शक या ज़रूरत लगती है तो डॉक्टर से संपर्क करें.

सवाल : क्या एक बार एंटीबॉडी डेवलप होने के बाद दूसरी बार टेस्ट पॉज़िटिव हो सकता है?
जवाब : अगर आपको पहले कोरोना वायरस था और आप एंटीबॉडी विकसित करके ठीक हो चुके थे, तो भी ये नहीं कहा जा सकता कि आपको कितने लंबे समय तक दोबारा संक्रमण नहीं होगा. चूंकि वायरस म्यूटेट करता है इसलिए पिछले वर्जन की एंटीबॉडी हो सकता है असरदार न हों. कुल मिलाकर, अगर आप एक बार कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं या कोरोना के पुराने वर्जन से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, तब भी दोबारा संक्रमित होने का खतरा बना रहता है.
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