क्‍या HIV/AIDS की मेडिसिन के साथ इन दवाइयों के कॉम्बिनेशन से ठीक होकर घर लौट रहे हैं Coronavirus के मरीज

राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कोरोना को महामारी घोषित कर दिया गया है. साथ ही विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है.
राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कोरोना को महामारी घोषित कर दिया गया है. साथ ही विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है.

चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुए कोरोना वायरस (Coronavirus) का इलाज खोजने का ऐलान सबसे पहले थाइलैंड ने किया था. अब राजस्‍थान में भी दवाइयों के खास कॉम्बिनेशन से संक्रमितों को ठीक किया जा रहा है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने एचआईवी, स्‍वाइन फ्लू और मलेरिया की दवाओं के कॉम्बिनेशन से कोरोना के इलाज की मंजूरी दे दी है. दुनिया भर में अब तक 1,26,623 संक्रमितों में 68,325 को ठीक किया जा चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 4:50 PM IST
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नई दिल्‍ली. एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Coronavirus) से डरी हुई है. अब तक 124 देश के 1.26 लाख से ज्‍यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं. संक्रमण (Infection) से अब तक 4,638 लोगों की मौत हो चुकी है. अकेले चीन (China) में 80 हजार से ज्‍यादा प्रभावितों में 3,180 लोगों की मौत (Killed) हुई है. वहीं, थाइलैंड (Thailand) के बाद अब राजस्‍थान (Rajasthan) के डॉक्‍टरों ने दवाइयों के खास कॉम्बिनेशन से कोरोना वायरस के मरीजों को ठीक करने का दावा किया है. बता दें कि भारत में अब तक 73 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई है. केरल (Kerala), महाराष्ट्र (Maharashtra) और उत्तर प्रदेश (UP) में कोरोना वायरस के ज्यादा मामले सामने आए हैं. इनमें 56 भारतीय और 17 विदेशी हैं.

एचआईवी-स्‍वाइन फ्लू-मलेरिया की दवा से इलाज
कोरोना वायरस की दवा ढूंढ निकालने के दावों के बीच राजस्थान के जयपुर में सवाई मान सिंह हॉस्पिटल (SMS Hospital) में डॉक्टरों ने एक संक्रमित महिला को एचआईवी, स्वाइन फ्लू और मलेरिया की दवाओं से ठीक कर दिया है. COVID-19 टेस्ट में अब इस महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. ये महिला इटली से आए 23 सदस्‍यीय ग्रुप के साथ राजस्‍थान आई थी. इस ग्रुप में कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. सबसे पहले ठीक हुई महिला के पति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. अगले दिन मंडिकल जांच में महिला को भी कोरोना संक्रमित पाया गया. एसएमएस हॉस्पिटल ने महिला का एचआईवी की दवाओं से इलाज किया. स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रोहित कुमार ने बताया कि महिला को लोपिनाविर 200mg या रिटोनाविर 50mg की डोज दिन में दो बार दी गई.

महिला हुई ठीक, पति का इलाज जारी
डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि महिला को एचआईवी की दवा के साथ स्वाइन फ्लू में काम आने वाली ओस्लेटामिविर (Osletamivir) और मलेरिया की दवा क्लोरीकीन (Chlotoquine) भी दी गई. द टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और कंट्रोलर डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा कि सामान्य प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए महिला का इलाज किया गया और वह ठीक हो गईं. महिला के 69 वर्षीय पति का इलाज अभी भी एसएमएस हॉस्पिटल में चल रहा है. वह अभी ठीक नहीं हुए हैं. उन्‍हें लंग्‍स से जुड़ी बीमारी है. इसलिए उनके ठीक होने में समय लग रहा है. हालांकि, उनकी हालत स्थिर बनी हुई है.



जयपुर के सवाई मान सिंह अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने दावा किया है कि उन्‍होंने इटली से आई एक महिला का एचआईवी, स्‍वाइन फ्लू और मलेरिया की दवा से इलाज किया.


थाइलैंड में ठीक हुए कोरोना के मरीज
फरवरी में इससे पहले थाइलैंड ने कोरोना वायरस को लेकर बड़ा ऐलान किया था. थाइलैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया था कि उनके पास इस वायरस से निपटने के लिए इंजेक्शन है. उन्‍होंने कहा कि इस इंजेक्‍शन के इस्‍तेमाल से मरीज को आराम हो रहा है. यही नहीं रिकवरी में भी कम समय लग रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कोरोना वायरस से प्रभावित एक चीनी महिला का थाइलैंड के डॉक्टरों ने सफल इलाज किया है. इस महिला का इलाज करने वाले थाई डॉ. क्रिएंगसक एटिपोर्नवानिच ने बताया कि 71 साल की बीमार महिला को एंटी-वायरल के कंबिनेशन से बनी दवा दी गई, जिससे वो ठीक हो गई. इस दवा को फ्लू और एचआईवी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटी-वायरल के मिश्रण से बनाया गया. इलाज के 48 घंटे बाद हुए लैब टेस्ट में महिला कोरोना वायरस निगेटिव पाई गई.

महज 48 घंटे में ठीक हो गई महिला
डॉ. क्रिएंगसक ने बताया कि थाइलैंड में कई संक्रमित लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं. वहीं, कुछ लोगों का दवाइयों के इसी कॉम्बिनेशन के जरिये इलाज चल रहा है. थाइलैंड के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने यह भी बताया कि डॉक्टर्स ने एंटी-फ्लू ड्रग ओसेल्टामिविर को लोपिनाविर और रिटोनाविर के साथ मिलाया था. यह दवाहयां एचआईवी और फ्लू का इलाज करने के काम आती हैं. टैक्‍सी ड्राइवर के अलावा थाइलैंड की एक और महिला भी इस वायरस से पूरी तरह से ठीक हो चुकी है. 73 वर्षीय महिला जाइमुई साई-उंग दिल की मरीज हैं. उंग वायरस के फैलने की शुरुआत वाले शहर वुहान से लौटी थीं. उन्‍हें बुखार और थकान महसूस हो रही थी. पहले उन्‍हें लगा कि चीन की लंबी यात्रा या दिल की बीमारी के कारण ऐसा हो सकता है. डॉक्‍टरों ने उनका मेडिकल टेस्‍ट किया तो कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि की. डॉक्‍टरों ने उन्‍हें 48 घंटे के इलाज के बाद कोरोना वायरस निगेटिव घो‍षित कर दिया.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने हाल में दवाइयों के खास कॉम्बिनेशन के जरिये कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज की अनुमति दे दी है.


ICMR ने कॉम्बिनेशन को दी मंजूरी
देश के हेल्‍थ सेक्‍टर की सबसे बड़ी रिसर्च संस्‍था इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने हाल में दवाइयों के इस कॉम्बिनेशन के जरिये कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज की अनुमति दे दी है. आईसीएमआर ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए एचआईवी/एड्स के उपचार में इस्‍तेमाल होने वाली लोपिनाविर (Lopinavir) और रिटोनाविर (Ritonavir) समेत 58 एक्टिव फार्मास्‍यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) के इस्‍तेमाल की मंजूरी दी है. सरकार ने सभी राज्‍यों के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशंस से कहा है कि सभी दवा निर्मातओं से आईएमसीआर की ओर से जारी 58 एपीआई की उपलब्‍धता के बारे में पड़ताल करें. हालांकि, कुछ घरेलू दवा निर्माताओं का कहना है कि देश में इन एपीआई का सिर्फ दो महीने का ही स्‍टॉक बचा है. भारत इन एपीआई का 65-70 फीसदी आयात चीन से ही करता है.

लगातार ठीक हो रहे हैं संक्रमित लोग
चीन में हुवेई प्रांत के वुहान (Wuhan) शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस की चपेट में अब तक 1,26,623 लोग आ चुके हैं. इनमें 4,640 लोगों की मौत हो चुकी है. वर्ल्‍डोमीटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में अब तक 68,325 संक्रमित लोगों को ठीक किया जा चुका है. यानी दु‍निया भर में इस समय कुल 53,697 लोग संक्रमित हैं. इनमें 47,987 लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है. वायरस की चपेट में आए 5,710 लोगों की हालत गंभीर है. चीन में सबसे ज्‍यादा 80,796 लोग इसकी चपेट में आए हैं. आज 18 नए मामलों की पुष्टि हुई है. इनमें 62,813 लोगों को ठीक कर लिया गया है. यानी चीन ने संक्रमण पर काफी हद तक काबू पा लिया है क्‍योंकि शुरुआत में चीन में हर दिन सैकड़ों नए मामले सामने आ रहे थे. अकेले चीन में अब तक 3,180 लोगों की मौत हो चुकी है. चीन के बाद इटली (Italy) में सबसे ज्‍यादा 12,462 लोग कोरोना की चपेट में आए. इनमें 827 की मौत हो गई. वहीं, 1045 लागों को ठीक किया जा चुका है.

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