कैसी है ईरान की जिंदगी, इस्लामिक शासन से GDP तक जानिए सबकुछ

कैसी है ईरान की जिंदगी, इस्लामिक शासन से GDP तक जानिए सबकुछ
ईरान की सभ्यता अन्य आदिम सभ्यताओं की तरह नहीं रही. ईरान में सिविलाइजेशन का पुराना इतिहास रहा है.

क्या आप जानते हैं कि पश्चिम एशिया (West Asia) के तकरीबन सभी देशों में ईरान (Iran) के साथ भारत के सबसे नजदीकी संबंध रहे हैं? तमाम योद्धाओं की धरती ईरान की ऐतिहासिकता बेहद महत्वपूर्ण है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2020, 10:29 AM IST
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वैश्विक महाशक्ति अमेरिका (America) के साथ इस समय ईरान (Iran) के युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. दोनों ही तरफ से लगातार आक्रामक स्टेटमेंट आ रहे हैं. क्या आप जानते हैं कि पश्चिम एशिया के तकरीबन सभी देशों में  ईरान के साथ भारत के सबसे नजदीकी संबंध रहे हैं? तमाम योद्धाओं की धरती ईरान की ऐतिहासिकता बेहद महत्वपूर्ण है.

ईरान की सभ्यता अन्य आदिम सभ्यताओं की तरह नहीं रही. ईरान में सिविलाइजेशन का पुराना इतिहास रहा है. यहां बड़े-बड़े साम्राज्य रहे हैं, तो क्रूरतम शासकों का देश भी ईरान रहा है. ईरान में सिविलाइजेशन और साम्राज्यों का इतिहास हजारों साल पुराना है. यहां खेती बाड़ी और शुरुआती शहरीकरण ईसा से 5000 साल पहले ही हो चला था.

फारसी सम्राट साइरस
ईरान का पुराना नाम पर्सिया या फारस है. ईरान में 4000 साल पहले से ही ग्रामीण और शहरी जीवन का प्रादुर्भाव हो चुका था, जबकि समूची दुनिया तब तक कबीलों के तौर पर रहा करती थी. ईरान में मेदी साम्राज्य सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा है. ईसा पूर्व 1500 सालों पहले फारसी सम्राट साइरस ने महान साम्राज्य खड़ा कर लिया था. ये साम्राज्य ईसा पूर्व 525 तक रहा, जिसका फैलाव मिस्र के नील नदी के तट तक था.



फारसी भाषा में ईरान का शाब्दिक अर्थ है आर्यों की जमीन. ईरान का आधिकारिक नाम है इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान, जो 11 फरवरी 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद अस्तित्व में आया. ईरान को सन 1935 तक समूची दुनिया फारस के नाम से ही जानती थी. ईरान की आधिकारिक भाषा फारसी है, जिसका इस्तेमाल शिक्षा, प्रशासन और व्यावसायिक जीवन में प्रमुखता से होता है.



ईरान में अजेरी, कुर्दिश, अरेबिक और आर्मेनियन भाषाएं भी बोली जाती हैं. फारसी भाषा का इस्तेमाल ईरान के अतिरिक्त तजाकिस्तान और अफगानिस्तान में आज भी होता है. करीब 200 सालों पहले फारसी भाषा भारत के साम्राज्यों की आधिकारिक भाषा हुआ करती थी. खासकर मुगलों व अन्य मुस्लिम साम्राज्यों की. ईरान क्षेत्रफल के मामले में दुनिया का 18वां सबसे बड़ा देश है. वहीं, 80 मिलियन की आबादी के साथ जनसंख्या में भी ईरान का 18वां स्थान ही है.

ईरान में इस्लाम धर्म ही राजधर्म है. यहां शिया मुस्लिम ही बहुमत में हैं. शिया के बाद सुन्नी मुस्लिमों की सर्वाधिक आबादी है, तो यहूदी, इसाई और बहाई भी इरान में रहते हैं. ईरान की राजधानी का नाम तेहरान है, जिसका अर्थ है गर्म टीला. यहां फासदी मूल के लोगों की संख्या 61 फीसदी है. ईरान में विश्व धरोहरों की लंबी सूची है. सर्वाधिक धरोहरों के मामले में ईरान का स्थान सातवां हैं.



ईरान दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस उत्पादक देश है, तो तीसरा ऑयल रिजर्व. ईरान की सीमा 10 देशों से मिलती हैं. जिसमें आर्मेनिया, अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ओमान, यूएई, कुवैत, इराक और तुर्की हैं. ईरान दुनिया के महान योद्धाओं दानियल, साइरस महान, रानी ईस्थर, दारियस महान की धरती रहा है. ईरान में परिवार सामाजिक जिम्मेदारी है. जो समाज की पहली सीढ़ी है. परिवार का मुखिया ही पूरे परिवार के लिए जिम्मेदार होता है.

ईरान में अगर आपको किसी के घर से न्यौता मिला हुआ है, तो दरवाजे पर ही देख लें कि उस व्यक्ति ने घर में जूता या चप्पल पहना है या नहीं. अगर नहीं, तो दरवाजे पर ही जूते उतार दें. ईरानी घरों में टेबल और कुर्सियां नहीं होती. यहां लोग जमीन पर बैठकर भोजन करते हैं और खास तरह के तकियों का इस्तेमाल करते हैं.

टेलिविजन पर रोक
ईरान में सेटेलाइट टेलीविजन पर रोक है. लेकिन डीटीएच के माध्यम से काफी लोग मनोरंजन का लुत्फ उठाते हैं. ईरान के मौजूदा झंडे में 3 रंग है, जो 1980 को अंगीकृत किया गया था. इसमें हरा, सफेद और लाल रंग है. हरा रंग विकास और इस्लाम का प्रतीक है, तो सफेद रंग इमानदारी और शांति का. वहीं, लाल रंग बहादुरी और शहादत का. सफेद पट्टी के बीच अल्लाह शब्द लिखा हुआ है.

ईरान दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है. ईरान की 70 फीसदी आबादी 30 साल के नीचे है. ईरान में जो लोग विवाह नहीं करते, वो अपने परिवार के साथ ही रहते हैं. ईरान में शादी का प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 1 घंटे का लेक्चर सुनना होता है, जो गर्भनिरोधकों पर होता है. देश में 13-15 साल के ऊपर की बच्चियों को हिजाब पहनना अनिवार्य है. वहीं, पुरुष किसी भी तरह के सभ्य कपड़े पहन सकते हैं.

ईरान की मुद्रा रियाल है. इस देश की कुल जीडीपी 987.1 बिलियन डॉलर(2013) है. ईरान और इराक के बीच सितंबर 1980 से अगस्त 1988 तक युद्ध चला, जो बीसवीं शताब्दी का सबसे लंबा युद्ध था. ईरान-इराक युद्ध के समय अमेरिका का डबल रोल सामने आया था. एक तरफ अमेरिका युद्ध में इराक को सहयोग दे रहा था, तो दूसरी तरफ वो ईरान को युद्ध सामग्री व हथियार बेच रहा था. इसे ईरान गेट प्रकरण नाम से जाना गया.

1953 के पहले था लोकतंत्र
ईरान में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने निर्वाचित लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ 1953 में शाह के साथ मिलकर अभियान चलाया और शाह को संपूर्ण सत्ता प्रदान की. जिसके बाद शाह ने ईरान के 40 फीसदी तेल उत्पादों को अमेरिका के हवाले कर दिया. अमेरिका की भूमिका लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकने में सामने आने के बाद ईरानी जनता ने विद्रोह कर दिया और सालों की लड़ाई के बाद शाह की सत्ता को उखाड़ फेंका.

इस्लामिक क्रांति के बाद आयतुल्लाह खामनेई ईरान वापस लौटे थे.
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सन 1979 में इस्लामिक छात्रों और राष्ट्रवादियों के समूह ने तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोलकर सभी को बंधक बना लिया. ये बंधक संकट ईरानी क्रांति के समर्थन में था. ये बंधक संकट 444 दिनों तक चला. ईरान में कारुन नाम की सिर्फ एक ही नदी है. यहां पर सिर्फ छोटी दूरियों के लिए ही जलमार्ग का इस्तेमाल होता है.
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