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कौन हैं तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद जिन्हें तलाश रही है पुलिस

News18Hindi
Updated: April 2, 2020, 4:34 PM IST
कौन हैं तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद जिन्हें तलाश रही है पुलिस
तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना मुहम्मद साद कांधलवी को दिल्ली पुलिस ने दूसरा नोटिस भेजा है.

विवादों के बाद मौलाना साद फरार हैं. पुलिस उन्हें तलाश रही है. साद तबगीली जमात के फाउंडर मेंबर के पोते हैं.

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भारत में कोरोना वायरस (Corona Pandemic) के बढ़ते मामलों के साथ तबलीगी जमात  (Tablighi Jamaat) की चर्चा सोशल मीडिया (Social Media) से लेकर मुख्य मीडिया तक जोरों पर चल रही है. साथ ही तबगीली जमात के प्रमुख मौलाना साद कांधलवी (Maulana Muhammad Saad Kandhlawi)  पुलिस के रडार पर आ गए हैं. पुलिस ने उन पर लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने के लिए केस दर्ज किया है. विवादों के बाद मौलाना फरार हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तबलीगी समाज के इस कदम को तालिबानी ठहराया है.

फाउंडर मेंबर के पोते हैं साद
56 साल के मौलाना साद ही उस कार्यक्रम के आयोजक थे जिसकी वजह से देशभर में अब तक कोरोना की वजह से 11 मौत हो चुकी हैं और 150 पॉजिटिव मामले पाए गए हैं. 10 मई 1965 को जन्में मौलाना साद दरअसल तबगीली जमात के फाउंडर मेंबर मौलान मुहम्मद इलियास के पोते हैं. वो जमात के निजामुद्दीन मरकज के प्रमुख हैं. उनके अनुयायी दुनिया के 213 मुल्कों में फैले हुए हैं.

2015 में बने जमात के अमीर



16 नवंबर 2015 को जमात का प्रमुख बनने के पहले साद 20 सालों तक शूरा (केंद्रीय समिति) के सदस्य रहे. ये समिति जमात का सबसे महत्पूर्ण और ताकतवर अंग मानी जाती है. जमात के प्रमुख या अमीर का चयन यही शुरा करती है. इसके अलावा जमात के अन्य बुजुर्ग सदस्यों की राय भी ली जाती है. प्रमुख का पद मृत्यु तक के लिए होता है. किसी प्रमुख की मृत्यु के बाद ही दूसरा प्रमुख चुना जाता है.



तीन बेटे, एक बेटी
साद ने मदरसा कशीफ-उल-उलूम से मौलवियत की पढ़ाई की है. वो निजामुद्दीन बस्ती में रहते हैं. उनके तीन बेटे और एक बेटी है. उनके पास दिल्ली के जाकिर नगर और यूपी के कांधला में भी एक-एक घर हैं.

tabligi jamat, तब्लीगी जमातियों की फ़ाइल फ़ोटो.
तब्लीगी जमातियों की फ़ाइल फ़ोटो.


जबरदस्ती अमीर या प्रमुख बनने के आरोप
मोहम्मद साद पर आरोप हैं कि वो जमात के प्रमुख जबरदस्ती करके बने हैं. दरअसल 20 साल तक साद जिस शूरा के सदस्य थे उन्होंने उसे ही मानने से इंकार कर दिया था. 20 साल तक शूरा ने ही संगठन का कामकाज संभाला था. उन्होंने शूरा को मानने से इंकार कर दिया था और खुद जमात के प्रमुख बन बैठे. जब से वो जमात के प्रमुख बने हैं तबसे उनके ही लोगों का संगठन में दबदबा है. जमात में एक और गुट है मौलान जुबेर के बेटों का.

क्या दर्ज है FIR में
पुलिस के मुताबिक मौलाना साद के साथ अन्य 6 लोगों पर भी FIR दर्ज की गई है. FIR के मुताबिक साद और अन्य 6 लोगों मुफ्ती शहजाद, मुहम्मद सैफी, युनुस, मोहम्मद सलमान, और मोहम्मद अशरफ ने लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं किया. बड़ा कार्यक्रम आयोजित करवाया जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ी.

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First published: April 2, 2020, 4:14 PM IST
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