चार फुटबाल मैदानों के बराबर वो जहाज, जिसके फंस जाने से बढ़ेंगी तेल की कीमतें

मालवाहक जहाज़ स्वेज़ नहर में फंसा

मालवाहक जहाज़ स्वेज़ नहर में फंसा

दुनिया भर के जहाज़ों को अटका देने वाले इस समुद्री ट्रैफिक जाम (Sea Traffic Jam) के कारण एक्सपर्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि जो आपको रिटेल स्टोरों (Retail Stores) में दिखती हैं, उनमें से ज़्यादातर चीज़ों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 11:33 AM IST
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एशिया और यूरोप (Asia to Europe) के बीच समुद्री रास्ते का शॉर्टकट देती है स्वेज़ नहर और दुनिया भर के लिए समुद्री व्यापार (Water Trade) के सबसे व्यस्त रूटों में से अहम है. ताज़ा खबरों की मानें तो चार फुटबॉल मैदानों जितनी लंबाई के एक जहाज़ की वजह से यह रूट ब्लॉक हुआ तो कई जहाज़ों की आफ़त आ गई और उन्हें समुद्र में हुए ट्रैफिक जाम के कारण काफी देर तक इंतज़ार करना पड़ा. इस रुकावट का बड़ा मतलब आप ऐसे समझ सकते हैं कि इंटरनेशनल मार्केट (International Markets) में तेल की कीमतें बढ़ने लगीं.

यह मालवाहक जहाज़ एवर गिवन के नाम से जाना जाता है, जो एवरग्रीन कंपनी के मालिकाना हक वाला जहाज़ है. पनामा में रजिस्टर यह जहाज़ वास्तव में चीन के दावे वाले ताईवान की कंपनी का है जो मेडिटेरेनियन की तरफ जाते हुए तेज़ हवाओं के कारण मंगलवार को स्वेज़ नहर में फंस गया. इसे जब तक रेस्क्यू किया जाता, तब तक दुनिया भर के दर्जनों जहाज़ों को इंतज़ार करना पड़ा. लंबे समय बाद मिस्र ने समुद्री ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए नहर का पुराना चैनल खोला और जहाज़ों को निकाला.

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कैसा है ये जहाज़?
ताईवान की कंपनी एवरग्रीन मरीन का यह जहाज़ 2018 का बना हुआ है, जिसकी लंबाई 400 मीटर (1,312 फीट) है और चौड़ाई 50 मीटर. इसकी कुल मालवाहक क्षमता 2,19,000 टन से भी ज़्यादा की है. आपको बताएं कि मालवाहक जहाज़ों की कई श्रेणियां होती हैं, जिनमें से पैनामैक्स जहाज़ों की लंबाई 300 मीटर से ज़्यादा नहीं होती.

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स्वेज़ नहर में एवरग्रीन कंपनी का एवर गिवन जहाज़ तकनीकी खराबियों से रुक गया.


इसी तरह, अल्ट्रा लार्ज कंटेनर शिप की लंबाई सामान्य तौर पर 366 मीटर देखी गई है. लेकिन एवर गिवन इससे भी करीब 40 मीटर और लंबा जहाज़ है. इस जहाज़ का मैनेजमेंट बर्नहार्ड शिप मैनेजमेंट कंपनी के सुपुर्द है, जिसके एक्सपर्टों के हवाले से कहा गया है कि जहाज़ को दुरुस्त करने में कई दिन भी लग सकते हैं. एक्सपर्ट के हवालों से आ रही खबरों की मानें तो स्वेज़ नहर में उतरने वाला सबसे बड़ा जहाज़ यही है.



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दुनिया भर की समाचार एजेंसियां और मीडिया इस जहाज़ को लेकर कई तरह की खबरें दे रहा है. इनकी मानें तो यह जहाज़ 20 फीट के 20,000 शिपिंग कंटेनर कैरी कर सकने की क्षमता रखता है, जो स्वेज़ नहर के बीच खराब होकर अटक गया है.

स्वेज़ नहर है सबसे बिज़ी रूट

एशिया और यूरोप के समुद्री छोरों को सबसे कम दूरी के साथ जोड़ने वाली स्वेज़ नहर मेडिटेरैनियन और लाल सागर के बीच है, जहां से दुनिया भर का करीब 12% समुद्री व्यापार होता है. साल 2020 में इस नहर से होकर गुज़रने वाले जहाज़ों की संख्या 19,000 थी. इसका मतलब यह है कि हर ​रोज़ 51 से ज़्यादा जहाज़ औसतन इस नहर के थ्रू गुज़रते हैं.

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यह नहर 193 किलोमीटर लंबी है, जिसमें तीन कुदरती झीलें हैं और दोनों सागरों के बीच एक भूखंड भी है. 2015 में इजिप्ट सरकार ने इस नहर का बड़ा विस्तार ओपन किया था, जिससे करीब 35 किलोमीटर का समानांतर चैनल जहाज़ों को मिल गया था.

स्वेज़ नहर दुनिया भर के समुद्री व्यापार और आवागमन के लिए न केवल अहम बल्कि ऐतिहासिक रही है. 1869 में इसकी शुरूआत हुई थी और 2015 में इसके 22 मील लंबे पैरेलल रूट को शुरू किया गया था. यह नहर 205 मीटर चौड़ी है और 24 मीटर गहरी.

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एवर गिवन जहाज़ के फंसने के संबंध में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए जा रहे हैं.


नहर में जहाज़ फंसने से क्या होगा?

खबरों की मानें तो एवर गिवन जहाज़ के नहर में मंगलवार को फंस जाने के बाद कम से कम 35 जहाज़ अटक गए. जाम में अटकने वाले जहाज़ों में से 20 से ज़्यादा वो जहाज़ हैं जो तेल के टैंकरों और रिफाइन्ड प्रोडक्ट्स को ले जा रहे थे. खराब हुए जहाज़ को दुरुस्त करने में अगर और कुछ दिन लग जाते हैं तो सैकड़ों जहाज़ों के आवागमन के प्रभावित होने की आशंका है.

एक्सपर्ट डर जता रहे हैं कि स्वेज़ नहर में हुए इस ट्रैफिक जाम के कारण इंटरनेशनल मार्केट्स में तेल की कीमतें 4 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. यही नहीं, जहाज़ों के ​ज़रिये ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले कई प्रोडक्टों की कीमतों पर असर पड़ेगा, अगर अटके हुए विशालकाय जहाज़ को जल्दी ठीक नहीं किया जा सका.
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