RSS कार्यकर्ता, पर्रिकर के करीबी, आयुर्वेदिक डॉक्टर- यूं सफलता पाते गए प्रमोद सावंत

46 वर्षीय सावंत गोवा में बीजेपी के अकेले विधायक हैं जो आरएसएस से जुड़े रहे हैं. साल 2012 में वह पहली बार विधायक बने. राजनीति में आने से पहले वह सरकारी नौकरी कर रहे थे.

News18Hindi
Updated: March 19, 2019, 11:47 AM IST
RSS कार्यकर्ता, पर्रिकर के करीबी, आयुर्वेदिक डॉक्टर- यूं सफलता पाते गए प्रमोद सावंत
मनोहर पर्रिकर के साथ प्रमोद सावंत (फाइल फोटो)
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Updated: March 19, 2019, 11:47 AM IST
भारतीय जनता पार्टी ने प्रमोद सावंत को गोवा का नया मुख्यमंत्री बनाया है. अक्टूबर 2018 में पर्रिकर की बीमारी की घोषणा के बाद से ही सावंत गोवा के राजनीतिक परिदृश्य में सबसे आगे थे. फरवरी में बीजेपी नेता सावंत ने AIIMS में भर्ती कराए जाने के बाद पर्रिकर के स्वास्थ्य के बारे में जनता को बताया था. सावंत उत्तरी गोवा स्थित सैनक्वलिम विधानसभा सीट से विधायक हैं. वह पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं. उन्‍हें पर्रिकर का करीबी माना जाता रहा है.

46 वर्षीय सावंत गोवा में बीजेपी के अकेले विधायक हैं जो आरएसएस से जुड़े रहे हैं. गोवा के सीएम बनने से पहले वह पार्टी के प्रवक्ता और गोवा विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं. सावंत बचपन से ही आरएसएस के साथ जुड़े रहे हैं. उनके पिता पांडुरंग सावंत पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं. वह भारतीय जनसंघ, भारतीय मजदूर संघ के सक्रिय सदस्य भी रहे हैं. बीजेपी में काफी समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर उनकी पहचान है.



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राजनीति में आने से पहले वह सरकारी नौकरी कर रहे थे. वह मापुला स्थित उत्तरी जिला अस्पताल में आयुर्वेद के डॉक्टर के तौर पर तैनात थे. साल 2008 में सैनक्वलिम सीट खाली हुई थी जिससे उनको चुनाव लड़ने को कहा गया. इसके बाद उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से राजनीति में आ गए. हालांकि, इस उपचुनाव में उनकी हार हुई लेकिन वह राजनीति में ही सक्रिय रहे. सावंत ने आयुर्वेद औषधि में ग्रैजुएशन के बाद पोस्ट ग्रैजुएशन सामाजिक कार्य में किया. उन्होंने मेडिको-लीगल सिस्टम का भी अध्ययन किया है.

साल 2012 में वह पहली बार विधायक बने. इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में वह एक बार फिर वह सैनक्वलिम से निर्वाचित होकर गोवा विधानसभा में आए और मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया.

गोवा के राजनीतिक इतिहास में वह सबसे कम उम्र के विधानसभा अध्यक्ष थे. गोवा के युवा आंदोलन में उनके असाधारण कौशल के कारण उनको राज्य युवा पुरस्कार से नवाजा गया. वह भारतीय युवा जनता मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे हैं.

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उनकी पत्नी सुलक्षणा सावंत गोवा महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं. प्रमोद सावंत इससे पहले गोवा स्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवेलेपमेंट कॉर्पेोरशन के प्रेसिडेंट रहे हैं उस वक्त तटीय इलाकों में काफी काम हुआ.

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बता दें 40 सीटों वाले गोवा विधानसभा की 3 सीटें फिलहाल खाली है, जिनपर 23 अप्रैल को उपचुनाव होना है. ऐसे में फिलहाल 37 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 19 सीटों का है. सत्तारूढ़ बीजेपी (12) के पास महाराष्ट्र गोमंतक पार्टी (3) गोवा फॉरवर्ड पार्टी (3) और 3 निर्दलीय समेत 21 विधायकों का समर्थन है. जबकि, कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं. ऐसे में अगर बीजेपी के सहयोगी दलों का एक भी विधायक झटका देता है, तो बीजेपी गोवा में सरकार खो सकती है.

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