मुंबई के इतिहास में पहली बार कहर ढाएगा समुद्री तूफान?

मुंबई के इतिहास में पहली बार कहर ढाएगा समुद्री तूफान?
मुंबई में तूफान की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया.

ओडिशा (Odisha) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पिछले दिनों अम्फान (Amphan) ने तबाही मचाई और एक पखवाड़े के अंदर दूसरा चक्रवात (Cyclone) भारत को प्रभावित करने जा रहा है. मुंबई (Mumbai) में RED Alert जारी कर दिया गया है. जानिए कि क्या है तूफान निसर्ग (Nisarga Cyclone) और क्यों मुंबई पहली बार किसी चक्रवात का सामना करेगा.

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मुंबई का जितना इतिहास दर्ज है, उसके मुताबिक कभी ऐसा नहीं हुआ कि शहर को किसी चक्रवात से (Cyclone) जूझना पड़ा हो. लेकिन इस बार मौसम (Weather) की करवट से इतिहास बदलने जा रहा है. अरब सागर (Arabian Sea) में एक चक्रवात के हालात बन रहे हैं यानी 15 दिनों के भीतर अम्फान के बाद भारत (India) को एक और चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) से जूझना होगा. आपको जानना चाहिए कि मुंबई के सामने क्या स्थितियां बनने वाली हैं और कैसे इनसे निपटने की तैयारी हो रही है.

महाराष्ट्र के समुद्री किनारों पर बाढ़ का खतरा
आगामी बुधवार की शाम तक माना जा रहा है कि मुंबई से उत्तर की ओर करीब 110 किमी की दूरी पर यह चक्रवात सक्रिय होगा, जिसके कारण बाढ़ का खतरा न केवल मेट्रोपॉलिटन शहर मुंबई बल्कि महाराष्ट्र के तमाम समुद्री तटों पर रहेगा. च​क्रवात निसर्ग के कारण 115 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं आ सकती हैं.

मुंबई के लिए रेड अलर्ट



मुंबई समेत ठाणे, पालघर और रायगढ़ के तटीय इलाकों में निसर्ग तूफान के चलते बुधवार को बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार के लिए रेड अलर्ट घोषित किया. इसके अलावा, केंद्रीय जल आयोग ने सिंधदुर्ग, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, मुंबई और नासिक में भारी बाढ़ की आशंका जताई है. ये भी कहा गया है कि उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तटीय इलाकों में तेज़ और ऊंची लहरें उठ सकती हैं.



क्यों मुंबई में नहीं रहा चक्रवात का खतरा?
असल में, अरब सागर के भीतर मौसम की परिस्थितियों में जो चक्रवात बनते हैं, उनसे मुंबई को हमेशा कम से कम खतरा इसलिए रहा है क्योंकि अरब सागर की हवाओं की गति ज़्यादातर पश्चिम की तरफ रही. 1998 का हज़ारों जानें लेने वाला तूफान रहा हो या पिछले साल का वायु तूफान, अक्सर यही होता रहा है ​कि हर साल अरब सागर में बनने वाले एक या दो चक्रवातों का रुख या तो ओमान और एडन खाड़ी की तरफ मुड़ते रहे हैं या फिर ये तूफान गुजरात की तरफ असर दिखाते हैं.

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मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई तटीय ज़िलों में सतर्कता बरतने के निर्देश हैं. फाइल फोटो.


क्या है तूफान से निपटने की तैयारी?
आने वाले निसर्ग तूफान के बारे में माना जा रहा है कि यह बुधवार शाम से प्रभावी होगा. राष्ट्रीय आपदा रिस्पॉंस फोर्स की 16 में से 10 टीमें तटीय ज़िलों में तैनात की जा रही हैं. इनमें से 3 मुंबई और एक एक पालघर व दहानूं में. छह टीमें स्टैंडबाय मोड पर रहेंगी और ज़रूरत पर मौजूद होंगी. एक अधिकारी के हवाले से टीओआई की रिपोर्ट कहती है कि बांधों में पानी बढ़ सकता है.. हो सकता है कि तापी और तादरी के बीच पश्चिम प्रवाही नदियों में बाढ़ के हालात बनें.

मछुआरों को वापस लाने के निर्देश
मछली आखेट करने के लिए निकलीं करीब 15 हज़ार नावों को वापस लाए जाने के निर्देश दिए गए हैं और कोस्ट गार्ड को कहा गया है कि वो ये सुनिश्चित करें. साथ ही, चक्रवात की रफ्तार और दिशा पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.

और सावधानियां बरतना भी शुरू
1. मुंबई व जुहू एयरपोर्ट पर विमानों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करने को कहा गया.
2. बिजली कंपनियों को कनेक्शन जांचने को कहा गया.
3. केमिकल उत्पादन उद्योग को सेफ मोड में रहने को कहा गया.
4. पालघर में धारा 144 लागू की गई.
5. अस्पतालों को अलर्ट रहने को कहा गया और सीएम उद्धव ठाकरे ने अस्थायी व कमज़ोर घरों में रहने वालों को कैंप में शिफ्ट करने की बात कही.

बाद में जारी हुआ रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने बीते रविवार को आगामी 3 जून के लिए पहले ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, लेकिन बाद में सोमवार को पूर्व मध्य और दक्षिणपूर्व अरब सागर में हलचल देखने के बाद रेड अलर्ट में अपग्रेड किया गया. 31 मई से 1 जून के बीच पहले ही मुंबई में हल्की बारिश दर्ज की जा चुकी है. साथ ही, चेतावनी है कि आज यानी 2 जून की सुबह दक्षिण महाराष्ट्र की तरफ 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं पहुंचने लगी हैं.

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