बेस्ट चीनी फाइटरों से कितना और कैसे बेहतर माना जा रहा है राफेल?

बेस्ट चीनी फाइटरों से कितना और कैसे बेहतर माना जा रहा है राफेल?
राफेल विमान के लिए प्रतीकात्मक तस्वीर.

भारत चीन सीमा पर बनी तनाव (India China Border Tension) की स्थिति के बीच खबरें हैं कि भारतीय वायुसेना (IAF) के बेड़े में फ्रांस ​निर्मित लड़ाकू विमान राफेल एंट्री करने जा रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो राफेल के इस्तेमाल में भारतीय वायुसेना को बहुत वक्त नहीं लगेगा. जानिए कि चीनी वायुसेना (PLAAF) की ताकत के खिलाफ राफेल भारत की स्थिति कैसे मज़बूत करेगा.

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भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के हमलावर बेड़े में राफेल के शामिल होने से क्या चीनी वायुसेना (China Air Force) की हमलावर ताकत को चुनौती देना मुमकिन होगा? विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले राफेल लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल होते ही दुश्मन को चुनौती दी जा सकेगी. ऐसा कैसे संभव होगा? इसके साथ ही ये भी जानें कि चीनी वायुसेना के बेड़े में जो फाइटर (Chinese Fighters) मौजूद हैं, उनके मुकाबले राफेल कितना कारगर साबित होगा.

भारतीय वायुसेना में शामिल होने जा रहे हथियारों के बड़े जत्थे ले जाने में सक्षम राफेल विमानों के ऑपरेशनल होने के लिए बहुत कम समय लगेगा क्योंकि इंडियन एयरफोर्स इस तरह की असेंबलिंग में माहिर रही है इसलिए रूसी फाइटर भी आम तौर पर भारत में ही असेंबल होने आते रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक राफेल के आते ही भारतीय वायुसेना बहुत कम समय में इसका इस्तेमाल कर सकेगी.

चीनी फाइटरों के मुकाबले कहां ठहरता है राफेल?
चीन की वायुसेना यानी PLAAF के प्रमुख लड़ाके Chengdu J-20 और Shenyang J-31 हैं जिन्हें चीनी मीडिया में काफी तवज्जो मिली और इन्हें ​पांचवीं जेनरेशन के फाइटर के तौर पर 4.5 जेनरेशन के राफेल की तुलना में बेहतर बताया गया. हालांकि ये भी कहा गया है कि चीनी फाइटरों की जो क्षमताएं प्रचारित की गई हैं, वो सिर्फ कागज़ों पर हैं और बहुत कुछ साबित होना बाकी है.
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न्यूज़18 क्रिएटिव


ये सही है कि राफेल में गुप्त रहने की क्षमता नहीं है लेकिन इसे लो आरसीएस अवधारणा पर आधारित बनाया गया है जबकि J-20 के बारे में दावे हैं कि यह रडार की पकड़ में नहीं आता लेकिन ये अफवाहें ही हैं क्योंकि अगर इसमें एक्स्ट्रा फ्यूल के लिए अतिरिक्त और बाहरी हार्डपॉइंट्स हैं तो यह दावा वैसे ही खारिज हो जाता है. वैसे भी, रडार से गुप्त रहने वाले विमान अब तक एक कल्पना ही हैं.

जो विमान इस तरह की गोपनीयता का दावा कर रहे हैं, वो असल में लो ऑब्ज़र्वेबल आधारित हैं और दुश्मन के सेंसरों से हर दिशा से बच पाने का दावा गंभीर नहीं है. पहले भी IAF कह चुकी है कि चीनी विमान J-20s को Su 30 रडार पर ट्रैक किया जा चुका है.

इंजन, हथियार और तकनीक किसकी बेहतर?
हथियारों के लिए इंटरनल कैपिसिटी सीमित होने और सुपरक्रूज़ क्षमता न होने के कारण चीनी लड़ाकू विमानों के सामने चुनौती है. वहीं, राफेल इस सिलसिले में बहुत आगे है. लो आरसीएस, हथियार कैरी करने की अच्छी क्षमता के साथ ही इसमें सुपरक्रूज़ ताकतें भी हैं. तकनीक की बात की जाए तो राफेल में सबसे ज़्यादा एडवांस्ड रडार तैनात हैं. इसके साथ ही, राफेल में AESA और उपयुक्त एवियोनिक्स का इस्तेमाल हुआ है.

हालांकि ये देखना अभी बाकी है कि इस तरह की तकनीक को चीनी वायुसेना कितना मैच कर पाती है. राफेल में तैनात SPECTRA सुरक्षा मदद सिस्टम इसे अगले पायदान का लड़ाकू विमान बनाता है. विमान की सुरक्षा के लिहाज़ से कई तरह के सेंसरों की प्रक्रिया इसमें खास है.

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IAF को जो राफेल पैकेज हासिल होने वाला है उसमें SCALP और Meteor एक और बड़ी ताकत है. एक तरफ SCALP ज़मीनी हमले में कारगर है तो Meteor, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए वर्तमान में उपलब्ध दुनिया में सबसे कारगर BVR है. इनकी तुलना में J-20 को देखा जाए तो यह पीएल सीरीज़ की मिसाइलों के लिए है. रेंज के मामले में PL 15 काफी हद तक Meteor को टक्कर देता है जबकि ज़्यादा रेंज वाले PL 21 का अभी ऑपरेशनल होना बाकी है.

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कौन जीतेगा असली लड़ाई?
संरचना और तकनीक के अलावा ज़्यादा अहम ये है कि लीबिया, इराक और सीरिया के युद्धक्षेत्रों में फ्रेंच फाइटर राफेल अपनी गुणवत्ता साबित कर चुका है जबकि चीनी फाइटरों को अभी वास्तविक युद्ध में अपनी क्षमता साबित करनी है. एक तरफ J-31 की मशीन को लेकर संदेह की स्थितियां हैं तो दूसरी तरफ J-20 को लेकर भी कुछ दिक्कतों की छुपी खबरें सामने आई हैं.

आखिरकार, ये कहना भी मुनासिब है कि लड़ाकू विमानों की कोई तुलना कागज़ी डेटा के आधार पर नहीं की जा सकती बल्कि इनकी असली परख युद्ध क्षेत्र में ही होती है. राफेल और चीनी बेड़े की तुलना पर आधारित अपने लेख में भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर रह चुके अमित रंजन गिरि ने ये भी कहा कि युद्ध के समय जो खेमा अपने हथियारों और ताकत का इस्तेमाल ज़्यादा कुशलता से कर पाता है, वही विजेता होता है.
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