जानें अफ्रीकी देशों में बहुत धीमी रफ्तार से कैसे बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले

जानें अफ्रीकी देशों में बहुत धीमी रफ्तार से कैसे बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले
वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण हुई मौतों और संक्रमितों की संख्‍या के मामले में अफ्रीका सबसे कम प्रभावित महाद्वीप है.

वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, जहां दूसरे देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) तेजी से फैल रहा है. वहीं, अफ्रीकी देशों (African Countries) में इसकी रफ्तार धीमी है. पूरी दुनिया में दर्ज संक्रमण के मामलों में से सिर्फ 1.5 फीसदी केस ही अफ्रीका महाद्वीप में हैं.

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विश्व स्वास्थ संगठन (WHO) के मुताबिक, कोरोना वायरस (Coronavirus) फैलने के मामले में अफ्रीका महाद्वीप की हालत बाकी दुनिया से बेहतर है. डब्‍ल्‍यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस गेब्रियस (Dr. Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा कि अफ्रीकी देश (African Countries) संक्रमण से सबसे कम प्रभावित हुए हैं. दुनिया के लगभग आधे देशों में कोरोना वायरस का प्रकोप देश के मुख्य शहरों में फैल चुका है, लेकिन संक्रमण के कारण हुई मौतों और संख्‍या के मामले में अफ्रीका सबसे कम प्रभावित महाद्वीप है. उन्होंने कहा कि दुनिया में अभी तक दर्ज किए गए संक्रमण के मामलों में सिर्फ 1.5 फीसदी केस ही अफ्रीका में दर्ज हुए है. वहीं, वैश्विक मृत्यु की दर (Mortality Rate) अफ्रीका में 0.1 प्रतिशत से भी कम है. हालांकि, उन्‍होंने यह भी कहा कि अफ्रीका में कोरोना की जांच (Corona Test) में अभी भी तेजी नहीं आई है. ऐसे में ये भी संभव है कि बहुत से पॉजिटिव मामले नजर में आने से छूट गए हों.

अफ्रीका में हर दो हफ्ते में संक्रमितों की संख्‍या हो रही दोगुनी
डॉ. गेब्रियस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की मदद से कई अफ़्रीकी देशों ने कोरोना से निपटने के लिए अच्‍छी तैयारी की है. वैश्विक महामारी (Pandemic) की शुरुआत में केवल एक दर्जन अफ़्रीकी देशों ने ही इससे निपटने की योजना बनाई थी, लेकिन अब 48 देशों के पास इसकी योजना तैयार है. अफ्रीका महाद्वीप में अब तक कोरोना वायरस के 1,35,375 मामले सामने आए हैं. इनमें 3,923 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 56,401 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं.

डॉ. टेड्रोस गेब्रियस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की मदद से कई अफ़्रीकी देशों ने कोरोना से निपटने के लिए अच्‍छी तैयारी की है.




न्‍यूज डॉट कॉम डॉट एयू की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते तक अफ्रीका में हर दो हफ्ते में संक्रमितों की संख्‍या दोगुनी हो रही थी. वहीं, अमेरिका (America) में पॉजिटिव मामले दोगुने होने में महज 3 दिन लग रहे थे. हालांकि, अफ्रीका में एक पब्लिक हेल्‍थ कंसोर्टियम का कहना है कि महाद्वीप में संक्रमित होने वालों की वास्‍तविक संख्‍या बताई जा रही तादाद से करीब आठ गुना तक ज्‍यादा हो सकती है.



अफ्रीका महाद्वीप में बहुत धीमी है कोरोना टेस्‍ट की रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि महाद्वीप में कोरोना टेस्टिंग की संख्‍या बहुत कम होने के कारण संक्रमितों की संख्‍या काफी कम नजर आ रही है. हालांकि, चीन (China) के उद्योगपति जैक मा ने अफ्रीका को 10 लाख कोरोना टेस्‍ट किट (Test Kit) दान की हैं. फिर भी ज्‍यादातर अफ्रीकी देशों में कोविड-19 का पता लगाने के लिए दूसरे जरूरी उपकरण उपलब्‍ध नहीं हैं. एक तरफ चीन में जहां हर दिन 10 लाख लोगों की जांच की जा रही है. वहीं, अफ्रीका में अब तक मुश्किल से कुल 10 लाख कोरोना टेस्‍ट हो पाए होंगे. इनमें भी आधे कोरोना टेस्‍ट दक्षिण अफ्रीका (South Africa) और घाना (Ghana) में हुए हैं. इसके अलावा संक्रमण फैलने की रफ्तार कम होने का दूसरा कारण ये भी हो सकता है कि महाद्वीप में बहुत जल्‍द कंटेनमेंट मानकों (Containment Measures) को लागू कर दिया गया था.

अफ्रीका में अब तक मुश्किल से 10 लाख कोरोना टेस्‍ट हो पाए होंगे. इनमें भी आधे कोरोना टेस्‍ट दक्षिण अफ्रीका और घाना में हुए हैं.


बाकी देशों से पहले अफ्रीका में लगा दिया गया था लॉकडाउन
अफ्रीका में बाकी देशों के मुकाबले पहले ही लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया था. अब तक अफ्रीका के कम से कम 42 देशों में लॉकडाउन लगाया जा चुका है, जबकि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 39 देशों में सख्‍त नियम बना दिए गए हैं. अफ्रीका में डब्‍ल्‍यूएचओ की डायरेक्‍टर एम. मोयती का कहना है कि बेशक महाद्वीप में कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार धीमी है, लेकिन ये यहां ज्‍यादा लंबे समय तक रहेगा.

एम. मोयती ने डब्‍ल्‍यूएचओ के दूसरे सहयोगियों के साथ लिखे रिसर्च पेपर में कहा है कि अफ्रीकी लोग यात्राएं कम करते हैं. इसलिए भी महाद्वीप में संक्रमण तेजी से नहीं फैला. शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर अफ्रीका में कंटेनमेंट मानक लागू नहीं किए जाते तो महाद्वीप में 16 से 26 फीसदी तक लोग संक्रमित हो सकते थे. वहीं, 2.9 करोड़ से लेकर 4.4 करोड़ लोग बिना लक्षणों के संक्रमित होते. वहीं, मरने वालों की संख्‍या 83,000 से 1,90,000 लोगों की मौत हो सकती थी.

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First published: May 30, 2020, 9:12 PM IST
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