जानें दो लोगों को अंतरिक्ष भेजने वाली 'स्‍पेस एक्‍स' के एलन मस्‍क कैसे बने दुनिया के बड़े कारोबारी

जानें दो लोगों को अंतरिक्ष भेजने वाली 'स्‍पेस एक्‍स' के एलन मस्‍क कैसे बने दुनिया के बड़े कारोबारी
अमेरिकी उद्यमी एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेस एक्‍स का रॉकेट आज नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आईएसएस के लिए रवाना हुआ है.

नासा (NASA) के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर निजी रॉकेट कंपनी स्‍पेस एक्‍स (Space-X) का मिशन शनिवार आधी रात के बाद अमेरिका के फ्लोरिडा में कैनेडी स्‍पेस सेंटर से रवाना हुआ. आईए जानते हैं कि इस निजी कंपनी के सीईओ एलन मस्‍क (Elon Musk) ने 25 साल में एक स्‍टार्टअप से अमेरिका के बड़े कारोबारियों में कैसे जगह बनाई.

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अमेरिका की निजी कंपनी स्‍पेस एक्‍स (Space-X) ने दो लोगों को अपने रॉकेट के जरिये अंतरिक्ष भेजकर इतिहास रच दिया है. कंपनी के रॉकेट में नासा के अंतरिक्ष यात्री रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले सवार हैं. ये रॉकेट उन्‍हें अमरीका के फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से लेकर इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) के लिए रवाना हुआ है. एलन मस्‍क (Elon Musk) इस निजी रॉकेट कंपनी के सीईओ और चीफ टेक्‍नोलॉजी ऑफिसर हैं. आइए जानते हैं कि दक्षिण अफ्रीका (South Africa) का एक पढ़ाकू लड़का कैसे अमेरिका (US) का इतना बड़ा कारोबारी बन गया? बता दें कि एलन मस्‍क ने इंसानों को दूसरे ग्रहों (Planets) पर बसाने का संकल्प लिया है.

भाई के साथ मिलकर शुरू किया था स्‍टार्टअप जिप-2
दक्षिण अफ्रीका में 28 जून 1971 में जन्मे एलन रीव मस्क दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका के नागरिक हैं. उनकी मां माये मस्क मॉडल और डाइटीशियन थीं, जबकि एरॉल मस्क इलेक्ट्रोमेकेनिकल इंजीनियर थे. एलन मस्‍क तीन संतानों में सबसे बड़े हैं. उनका बचपन किताबों और कंप्यूटर के बीच बीता. वह 1995 में पीएचडी करने के लिए अमेरिका की सिलिकॉन वैली पहुंचे. उन्होंने यहां की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अप्लाइड फिजिक्स विभाग में दाखिला लिया, लेकिन दो ही दिन बाद उसे छोड़कर आ गए. उस वक्त छोटे भाई किम्बल मस्क ने क्‍वींस यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था. किम्बल एलन से 15 महीने छोटे हैं. वह भाई के पास कैलिफोर्निया आ गए. उस दौरान इंटरनेट का दौर शुरू ही हुआ था. दोनों भाइयों ने मिलकर एक स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया. उन्‍होंने उसका नाम जिप-2 रखा. यह एक ऑनलाइन बिजनेस डायरेक्ट्री थी, जो नक्शों से लैस थी.

एलन मस्‍क ने 1995 में अपने छोटे भाई किम्‍बल मस्‍क के साथ मिलकर स्‍टार्टअप जिप-2 खोलकर कारोबारी दुनिया में कदम रखा.




शुरू की X.com, कॉनफिनिटी से मर्ज कर बनाई पेपाल


एलन और किम्‍बल को निवेशक मिलते गए और कंपनी बढ़ती चली गई. उन्होंने 1999 में इस कंपनी को 30 लाख अमेरिकी डॉलर में कंप्यूटर निर्माता कॉम्पैक को बेच दिया. इसके बाद एलन ने अकेले X.com नाम से ऑनलाइन फाइनेंस कंपनी खोली. एलन ने जिस बिल्डिंग में कंपनी का दफ्तर खोला था, उसमें कुछ महीने बाद ही इसी कारोबार से जुड़ी दूसरी कंपनी भी खुल गई. इस कंपनी का नाम कॉनफिनिटी था, जो X.com की प्रतिद्वंद्वी बन गई थी. मार्च 2000 में ये दोनों कंपनियां मर्ज हो गईं और आज दुनिया इसे पेपाल (PayPal) के नाम से जानती है. डीडब्‍ल्‍यू की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2002 में ईबे ने डेढ़ अरब अमेरिकी डॉलर के शेयर के बदले पेपाल को खरीद लिया. पेपाल छोड़ने के बाद एलन मस्क ने स्पेस एक्स और टेस्ला मोटर्स समेत कई कंपनियां बनाईं. बाद में उन्‍होंने अपनी पूरी पूंजी इन्‍हीं दोनों कंपनियों में निवेश कर दी.

इंसानों पर मंडरा रहे खतरों का उपाय खोजना मकसद
मस्क की इस समय चल रही सभी कंपनियों का उद्देश्‍य इंसानी अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरों का उपाय खोजना है. उनका मानना है कि इंसान के अस्तित्‍व को सबसे ज्‍यादा खतरा जलवायु परिवर्तन, एक ही ग्रह पर इंसानी निर्भरता और इंसानों की नस्ल का किसी काम का ना रह जाने की आशंका है. मशीनें ज्‍यादा ताकतवर होने के साथ इंसान के लिए खतरा बढ़ती जा रही हैं. टेस्ला मोटर्स, सोलर सिटी और द बोरिंग कंपनी ऊर्जा के साफ विकल्पों के इस्तेमाल से जलवायु परिवर्तन का सामना करने की कोशिश में लगी हैं. मस्क का मानना है कि इंसान अगर एक ही ग्रह पर सीमित रहेंगे तो अपना अस्तित्व नहीं बचा पाएंगे. इसलिए मई, 2002 में उन्होंने धरती से बाहर जीवन खोजने के मकसद से स्पेस एक्स की शुरुआत की. उन्होंने रॉकेट डिजाइन करना सीखा. आज एलन मस्‍क ना केवल स्पेस एक्स के सीईओ हैं, बल्कि वहां के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर भी हैं.

एलन मस्‍क हफ्ते में 80 घंटे काम करते हैं. उन्‍होंने टेस्‍ला की फैक्‍ट्री कोरोना के कारण प्रशासन की मंजूरी नहीं मिलने के बाद भी खोल दी.


हफ्ते में 80 घंटे काम करते हैं, तनाव में बहुत चिल्‍लाते हैं
मस्क मानते हैं कि आर्टिफिशियल जनरल सुपरिंटेलीजेंस (AGSI) इंसानों के लिए खतरा है. दूसरे शब्‍दों में समझें तो मशीनों की कृत्रिम बुद्धि को बढ़ाना खुद के लिए खतरा पैदा करना है. इसी सोच के साथ दिसंबर, 2015 में उन्होंने गैर लाभकारी कंपनी ओपन एआई की शुरुआत की. हालांकि, मस्क के साथ काम कर चुके लोग बताते हैं कि वह हफ्ते में 80 घंटे काम करते हैं और दूसरों से भी यही उम्मीद करते हैं. जब वे काम को लेकर तनाव में होते हैं तो अपनी टीम पर खूब चिल्लाते हैं. ट्विटर पर भी उनका यह मिजाज देखने को मिलता है. कई बार वे ऐसे ट्वीट कर चुके हैं, जिनके लिए बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़ी है. कोरोना संकट के बीच जब अमेरिका में उनकी टेस्ला की फैक्ट्री बंद हुई तो दो महीने बाद उन्होंने खुद ही उसे खोलने का फैसला कर लिया. हालांकि, प्रशासन की ओर से कहा गया था कि टेस्ला का कारखाना जरूरी उद्योगों की सूची में नहीं आता है. इस संकट के बीच ही उन्‍होंने स्पेस एक्स की ओर से अंतरिक्ष में अपना मिशन भेज भी दिया.

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