जानें भारत के किन फाइटर्स जेट में मिड-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता, कितने रिफ्यूलर टैंक विमान

जानें भारत के किन फाइटर्स जेट में मिड-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता, कितने रिफ्यूलर टैंक विमान
भारत का तेल टैंकर एयरक्राफ्ट इल्यूशिन 2-78 फाइटर जेट मिराज2000 को मिडएयर फ्यूलिंग करता हुआ.

भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) में नए शामिल हुए फाइटर जेट राफेल (Rafale Fighter Jet) में फ्रांस से भारत आने के दौरान दो बार हवा में रिफ्यूलिंग (Mid-Air Refueling) हुई. जानें भारत के कितने फाइटर जेट हवा में ईंधन भराने की क्षमता से लैस हैं. साथ ही ये जानने लायक बात है कि क्या भारत के पास ऐसे टैंकर एयरक्राफ्ट हैं, जो लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन भर दें.

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-ब पांच फाइटर राफेल जेट (Rafale Fighter Jet)  फ्रांस से उड़कर भारत पहुंचे तो 7000 किलोमीटर के रास्ते में दो बार उनकी हवा में रिफ्यूलिंग (Mid-Air Refueling) हुई. साथ चल रहे फ्रांस के विमानों के जरिए ये ईंधन राफेल में हवा में उड़ने के दौरान ही भरा गया. ऐसे में ये सवाल स्वाभाविक है कि भारत के कितने फाइटर्स जेट में मिड-एयर रिफ्यूलिंग की सुविधा है. हमारे पास कितने ऐसे टैंकर विमान हैं जो ये सुविधा दे सकते हैं.

दरअसल जितने भी नए फाइटर जेट अब बनते हैं, वो हरिफ्यूलिंग वा में की क्षमता से लैस होते हैं लेकिन पुराने विमानों में ये सुविधा नहीं थी. लिहाजा इन्हें अपग्रेड करके इस सुविधा से लैस किया जा रहा है. भारत के पास भी कई ऐसे फाइटर जेट हैं, जो मिड एयर तकनीक से युक्त हैं.

इन फाइटर जेट में है क्षमता
रक्षा विशेषज्ञ और डिफेंस मॉनिटर मैगजीन के संपादक सुशील शर्मा ने बताया, "फिलहाल भारत के पास मिराज-2000, सुखोई-30, जगुआर और तेजस ऐसे फाइटर जेट हैं, जो मिडएयर रिफ्यूलिंग से लैस हैं. तेजस तो चूंकि नया स्वदेशी जेट है, इसलिए उसको इस तकनीक के साथ ही बनाया गया लेकिन मिराज-2000 और सुखोई-30 को बाद में अपग्रेड करके इस क्षमता से युक्त कर दिया गया."
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उन्होंने बताया, " भारत के मिग-21 में मिडएयर रिफ्यूलिंग की सुविधा नहीं है. अलबत्ता अपाचे हेलिकॉप्टर भी इससे लैस है. बकौल उनके, मिडएयर रिफ्यूलिंग की सविधा के बाद फाइटर्स जेट की रेंज भी बढ़ जाती है और वो समय का बेहतर उपयोग भी कर पाते हैं. रिफ्यूलर टैंकर एयरक्राफ्ट के लिए भारत अब तक इल्यूसिन 2-78 पर निर्भर है लेकिन अब भारत को नए रिफ्यूलर टैंकर एय़रक्राफ्ट की जरूरत है, इसके लिए वायुसेना ने टेंडर निकाले हैं."

राफेल विमान में फ्रांस से भारत आने के दौरान हवा में हुई रिफ्यूलिंग


तेजस में दो साल पहले हवा में रिफ्यूलिंग का सफल परीक्षण
04 सितंबर 2018 को भारतीय वायुसेना के इतिहास में नया अध्याय लिखा गया जबकि भारत के तेजस विमानों में हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया था. तेजस भारत में विकसित विमान है. जब इसमें फ्यूल हवा में उड़ने के दौरान भरा गया, तब इसे टेस्ट पायलट ग्रुप कैप्टेन राजीव जोशी उड़ा रहे थे.

फिलहाल भारत के पास कितने तेल रिफ्यूलर टैंकर एयरक्राफ्ट
इंडियन एयरफोर्स के पास 06 इल्यूशिन 2-78 तेल टैंकर एयरक्राफ्ट हैं, जो हवा फ्यूलिंग में सक्षम है. लेकिन जिस तरह से भारत अपने बेड़े में लगातार फाइटर जेट बढ़ा रहा है, उससे उसके पास तेल रिफ्यूलर टैंकर एयरक्राफ्ट की कमी जरूर है.
भारतीय वायुसेना इसके लिए प्रयास कर रही है. ताकि उनकी संख्या बढ़ाकर फाइटर जेट्स की रेंज और क्षमता को बढ़ाया जा सके. गौरतलब है कि हवा में रिफ्यूल करने की क्षमता रखने वाले टैंकर विमान महंगे होते हैं. इसी को लेकर एयरफोर्स की राह में अड़चन भी आ रही है.

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मेंटीनेंस की समस्या से जूझ रहे इल्यूशिन तेल टैंकर्स
भारत के पास 06 रूसी इल्यूशिन-78 टैंकर्स विमान जरूर हैं लेकिन उनमें से ज्यादातर मेंटीनेंस की समस्या से जूझ रहे हैं. उन्हें वर्ष 2003-04 में खरीदा गया था. तब हर टैंकर विमान की कीमत 132 करोड़ थी.

भारत ने वर्ष 2003 में रूस से छह तेल टैंकर एयरक्राफ्ट इल्यूशिन-78 खरीदे थे लेकिन ये आमतौर पर मेंटीनेंस और सर्विसिंग की समस्या से ही जूझते रहते हैं


एक्सपर्ट्स लगातार कहते रहे हैं कि अगर भारत को हवा में अगर अपने फाइटर्स की रेंज और क्षमता बढ़ानी है तो हवा में रिफ्यूलिंग की ताकत बढ़ानी होगी. पिछले 10 सालों में वायुसेना ने दो बार ऐसे टैंकर शार्टलिस्ट करने की कोशिश की लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया.

अब फिर हुई है पहल
अब भारत ने फिर इस दिशा में पहल की है.उसने 06 मिडएयर रिफ्यूलिंग प्लेन के लिए रिक्वेस्ट लांच की है. पिछले दिनों भारतीय वायुसेना प्रमुख एय़र चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने ये जानकारी दी थी. वर्ष 2007 के बाद ये भारतीय वायुसेना की इस मामले में तीसरी कोशिश होगी. इसके लिए मल्टीरोल यूरोपीय एयर बस 330 और रूस के इल्यूशिन2-78 से बात चली लेकिन ये टेंडर उनकी कीमतों के कारण स्क्रैप कर दिए गए.
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