भारत-चीन समेत कई देशों में कोरोना के खिलाफ जंग में ऐसे साथ दे रहे हैं 'रोबो योद्धा'

भारत-चीन समेत कई देशों में कोरोना के खिलाफ जंग में ऐसे साथ दे रहे हैं 'रोबो योद्धा'
भारत समेत दुनियाभर में कोविड-19 के खिलाफ मुकाबले में राबोट्स की काफी मदद ली जा रही है. (फोटो साभार: फोर्ब्‍स)

डेनमार्क ने ऐसा रोबोट (Robots) तैयार कर लिया है, जो अकेले ही कोरोना टेस्‍ट (Corona Test) करने में सक्षम है. भारत (India) में भी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में रोबोट्स का इस्‍तेमाल किया जा रहा है. वहीं, जापान (Japan) और चीन (China) समेत दुनिया के कई देश भी वैश्विक महामारी (Pandemic) के दौर में रोबोट्स की मदद ले रहे हैं.

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कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के अलावा इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े तमाम लोगों को कोरोना योद्धा की संज्ञा दी गई है. वैश्विक महामारी से इस मुकाबले में रोबोट्स (Robots) का योगदान भी कम नहीं है. ये रोबो योद्धा भारत (India) और चीन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना टेस्‍ट (Corona Test) के लिए संदिग्‍धों के सैंपल लेने, सफाईकर्मियों की मदद करने और कोरोना वार्ड में मरीज के लिए जरूरी चीजें ले जाने के साथ ही आम लोगों के दरवाजे तक जरूरी सामान पहुंचाकर संक्रमण को फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने में सहयोग कर रहे हैं. हाल में डेनमार्क (Denmark) में ऐसा रोबोट बनाया गया है, जो लोगों के कोविड-19 (COVID-19) का टेस्ट खुद ही कर लेगा.

संदिग्‍ध की नाक और गले से स्‍वाब लेकर खुद कर लेगा कोरोना टेस्‍ट
यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क का दावा है कि उन्‍होंने दुनिया का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक रोबोट तैयार कर लिया है, जो अकेले कोविड-19 का टेस्ट करने में सक्षम है. इसे किसी स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी की जरूरत नहीं है. ये खुद ही स्‍वाब टेस्‍ट भी कर लेगा. इससे सैंपल लेने वाले व्‍यक्ति के संक्रमित होने का खतरा खत्‍म हो गया है. स्वाब टेस्ट में नाक या गले के अंदर एक लंबा सा ईयरबड जैसा स्वॉब डालकर सैंपल लिया जाता है. इसके बाद जांच की जाती है. माना जा रहा है कि ये रोबोट जून से टेस्‍ट करना शुरू कर देगा. इस रोबोट को 3डी प्रिंटर की मदद से तैयार किया गया है. मरीज रोबोट के सामने बैठकर मुंह खोलता है और रोबोट उसके मुंह में स्वाब डालकर सैंपल ले लेता है. फिर रोबोट खुद ही सैंपल को टेस्ट ट्यूब में डालकर ढक्कन लगा देता है.

यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क का दावा है कि उन्‍होंने दुनिया का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक रोबोट तैयार कर लिया है, जो अकेले कोविड-19 का टेस्ट करने में सक्षम है.




केरल में सैनेटाइजर, मास्‍क बांटने के साथ जानकारी भी दे रहे रोबोट


विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) का महामारी की शुरुआत से ही ज्यादा से ज्यादा टेस्ट पर जोर है. हालांकि, टेस्ट की संख्‍या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों पर खतरा भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में ये रोबोट काफी मददगार साबित हो सकता है. भारत में केरल के कोच्चि में एक स्टोर्टअप ने दो रोबोट्स लगाए थे, जो लोगों को सैनेटाइजर, नैपकिन और मास्क बांट रहे थे. इतना ही नहीं ये रोबोट कोरोना को लेकर लोगों के सवालों का जवाब भी दे रहे थे. इन रोबोट्स को ASIMOV रोबोटिक्स ने बनाया था. केरल में 'कर्मी-बोट' रोबोट का इस्तेमाल एर्नाकुलम सरकारी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में किया जा रहा है. दुर्गापुर में सीएसआईआर के (CMERI) ने कम कीमत वाला एक रोबोट तैयार किया है. यह कोरोना संदिग्‍धों के स्वाब के नमूने लेने में स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों की मदद करता है.

उत्‍तर प्रदेश में कोरोना वार्ड में खाना और दवा पहुंचाने का कर रहे काम
उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर के स्‍टूडेंट्स निशांत शर्मा और अतुल कुमार का रोबोट 'कोबोट' कोरोना संक्रमित मरीजों के वार्ड में खाना व दवा पहुंचा रहा है. वहीं, नोएडा के एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए 'कोविड फाइटर' नाम के रोबोट का इस्‍तेमाला किया जा रहा है. ये रोबोट कई तरह के काम करने में सक्षम हैं. ये रोगियों को दवा, भोजन और अन्य सामग्रियों का वितरण, मरीजों से कचरा या यूज की जा चुकी दवाओं को इकट्ठा करने, मरीजों व हेल्थकेयर कार्यकर्ता के बीच कम्‍युनिकेशन मीडियम की तरह काम भी कर सकता है.

भारत में रोबोट्स केरल, राजस्‍थान, यूपी, मध्‍य प्रदेश समेत कई राज्‍यों में स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों और सफाइकर्मियों की मदद कर रहे हैं.


आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और बिहार में भी मददगार साबित हो रहे रोबोट्स
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में कोरोना मरीजों को रोबोट के जरिये चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में भी ऐसा ही एक रोबोट काम कर रहा है. भारत की रोबोटिक्स कंपनी का रोबोट संक्रमित मरीजों के वार्ड में खाना, पानी, कपड़े, दवाइयां पहुंचाएंगे. कंपनी का एक रोबोट जिनी-1 पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों को सैनिटाइजर दे रहा है. केरल के कन्‍नूर में 'नाइटएंगल-19 रोबोट जिला कोरोना वायरस केंद्र में मरीजों को खाना और दवाई देने के लिए तैनात किया गया है. इसमें एक विशेष डिस्प्ले सुविधा भी है. इसके जरिये कोरोना मरीज स्वास्थ्यकर्मियों और रिश्तेदारों से बात कर सकते हैं.

चीन में डिलिवरी से लेकर सड़कों को सैनेटाइज करने तक हर काम में जुटे
चीन ने कोरोना वायरस फैलने के दौरान रोबोट्स का कई तरह से इस्‍तेमाल किया. एक तरफ जहां रोबोट्स लोगों के दरवाजे तक रोजमर्रा की जरूरत की चीजें पहुंचा रहे थे. वहीं, दूसरी तरफ वे स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों और सफाईकर्मियों की मदद भी कर रहे थे. चीन ने लॉकडाउन का पालन कराने के लिए ड्रोन का भी इस्‍तेमाल किया था. वहीं, सार्वजनिक स्‍थानों, सड़कों और अन्य जगहों पर झाडू लगाने, सैनेटाइजर का छिड़काव करने और साफ-सफाई के लिए रोबोट की सहायता ली जा रही है. चीन की जिंगडॉन्ग लॉजिस्टिक ने बताया था कि ड्रोन से लेकर रोबॉट्स तक ग्राउंड जीरो पर सामान की डिलिवरी कर रहे हैं.

चीन, अमेरिका, इटली, जापान समेत कई देशों में भी अस्‍पतालों में रोबोट्स नर्सिंग स्‍टाफ की मदद कर रहे हैं. वहीं, इनसे सामान डिलिवरी कराने का काम भी लिया जा रहा है.


इटली का टॉमी नर्स की तरह करता है काम, जापान में डिग्री लेने भी गए
इटली में रोबोट टॉमी को रोगियों की मदद के लिए तैनात किया गया. ये रोबोट नर्स की तरह काम करता है. जापान सरकार ने कोविड-19 के कारण स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए. ऐसे में जब टोकियो ब्रेकथ्रू यूनिवर्सिटी में डिग्रियां बांटी गईं तो स्‍टूडेंट्स ने घर के रोबोट न्यूमी टेलिप्रेजेंस को कार्यक्रम में भेज दिया. ब्रिटेन में ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाने की डिलिवरी का काम रोबोट्स ने किया. स्टारशिप टेक्नोलॉजी के बनाए रोबो ऑटोमैटिक डिलिवरीन सिस्टम पर काम कर रहे हैं. ये रोबो शहर के करीब 2 लाख लोगों को खाना पहुंचा रहे हैं.

अमेरिका में नर्सिंग में कर रहे मदद तो ट्यूनीशिया में बने पुलिसकर्मी
ट्यूनीशिया में लॉकडाउन का पालन न करने वालों को रोबोट जागरूक कर रहे हैं. पुलिस की तरह रोबो रास्ते पर निकलने वालों की आईडी चेक कर रहे हैं. बीजिंग और कैलिफोर्निया में काम करने वाली कंपनी क्लाउडमाइंड्स के बनाए रोबोट्स ने अमेरिका के अस्‍पतालों में नर्सिग स्‍टाफ की काफी मदद की है. अमेरिका के कुछ अस्पतालों में क्लीनिंग और नर्सिंग के लिए रोबोट्स की मदद ली जा रही है. हॉस्पिटल में रोबोट्स होने से मेडिकल स्टाफ कम रहता है और संक्रमण का खतरा घट जाता है. रोबॉट्स खुद मरीजों की मॉनीटरिंग का काम भी कर सकते हैं.

फ्लोरिडा के मेयो क्लीनिक ने कोरोना टेस्टिंग के लिए ऑटोनोमस व्हीकल लॉन्च किया. यह सैंपल लेकर लैब में पहुंचाता है. वॉशिंगटन में स्टारशिप टेक्नोलॉजी ने डिलिवरी रोबोट के जरिये सामान भेजा. अमेरिकी सेना ने कोरोना किलर रोबोट के इस्तेमाल की बात कही है. इस रोबोट के टॉप पर अल्ट्रा वायलेट लाइट लगी हुई है. यह 110 वॉट की लाइट सेना के बैरक और मेस हॉल को संक्रमण मुक्‍त करने में मदद करेगी.  इसके अलावा अमेरिका में रोबोट्स मरीजों का डांस और गाकर मनोरंजन भी कर रहे हैं.

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First published: May 30, 2020, 9:06 AM IST
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