चार चरण में समझें कैसे किसी देश में महामारी का रूप ले लेता है कोरोना वायरस

चार चरण में समझें कैसे किसी देश में महामारी का रूप ले लेता है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस चार चरण में महामारी का रूप ले लेता है. इस समय भारत में संक्रमण का दूसरा चरण चल रहा है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) चार चरणों में महामारी (Epidemic) का रूप अख्तियार कर लेता है. इसे पहले चरण पर रोकना सबसे आसान होता है. वहीं, चौथे चरण (Four Stages) में इसकी रोकथाम बहुत मुश्किल हो जाती है. भारत इस समय दूसरे चरण (Second Stage) में है. तीसरे चरण में जाने से रोकथाम के लिए भारत (India) के पास एक महीने का समय है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2020, 3:50 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीन के वुहान (Wuhan) शहर से फैलना शुरू होने के बाद कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनिया भर के 166 देशों को अपनी चपेट में ले चुका है. इस वायरस से संक्रमित (Infected) लोगों की संख्‍या हर घंटे बढ़ रही है. अब तक पूरी दुनिया में 2,20,326 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें 8,983 लोगों की मौत हो चुकी है. इस वायरस का इलाज ढूंढने की कोशिशों के बीच कोई यह स्‍पष्‍ट तौर पर नहीं बता पा रहा है कि इस वैश्विक महामारी (Pandemic) पर कब काबू पाया जा सकेगा. भारत (India) में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्‍या 174 हो चुकी है. इनमें 3 लोगों की मौत हो गई है. आज अब तक 5 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, 15 लोगों को ठीक कर घर भेजा जा चुका है. ये बीमारी चार चरणों (4 Stages) में अपने चरम पर पहुंच जाती है. हालांकि, इसके बाद भी कई चरण हैं. लेकिन, COVID-19 चार चरणों में महामारी का रूप ले लेती है.

तीसरे चरण में जाने से बचने को भारत के पास है एक महीना
भारत में यह महामारी अभी दूसरे चरण में है. अब तक भारत में कुल 17 प्रदेशों में कोरोना वायरस से प्रभावित मरीज मिले हैं. तीसरे चरण में जाने से रोकने के लिए भारत के पास एक महीने का समय बचा है. इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार (Central Government) ने सभी देशों के साथ जुड़ी अपनी सीमाएं सील कर दी हैं. ट्रेनों, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और बसों को निलंबित कर दिया गया है. संक्रमित देशों से लोगों की भारत में एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. अमेरिका (US) ने न्यू जर्सी और सैन फ्रांसिस्को में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि इटली (Italy) और फ्रांस (France) लॉकडाउन हैं. स्पेन (Spain), रूस (Russia) ने अपनी सीमाएं सील कर दी हैं. जर्मनी (Germany) ने भी रोकथाम के उपाय के तहत लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है. कनाडा (Canada) ने भी कनाडाई और अमेरिकियों को छोड़कर दुनिया भर के नागरिकों के लिए अपनी सीमाएं सील कर दी हैं.

पहले चरण में कोरोना वायरस को हराना होता है सबसे आसान



कोरोना वायरस चार चरण में विकराल रूप अख्तियार कर लेता है. पहले चरण में कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से यात्रा कर लौटने वाले लोगों में संक्रमण पाया जाता है. ये संक्रमण उन्‍हीं लोगों तक सीमित रहता है जो जो विदेश की यात्रा से आए हैं. अगर संक्रमण को इसी चरण पर रोक दिया जाए तो सबसे बेहतर माना जाता है. दरअसल, ये माना जाता है कि इस चरण में वायरस को फैलने से रोकना सबसे आसान है. इसमें संक्रमण प्रभावित देश से लौटे व्‍यक्ति को आइसोलेट कर इलाज करना होता है. इसके बाद ठीक होने पर उसे घर भेज दिया जाता है. इस तरह से वह किसी दूसरे व्‍यक्ति में संक्रमण नहीं फैला पाता है. अगर यही एक संक्रमित व्‍यक्ति बिना किसी जांच या इलाज के खुले में आ जाएगा तो वारस के कैरियर के तौर पर कई लोगों को संक्रमण का शिकार बना सकता है.



Corona Virus, britain
कोरोना वायरस को विदेश से लौटे लोगों की जांच, निगरानी और इलाज कर पहले चरण में रोकना सबसे आसान है.


दूसरे चरण में सावधानी बरतकर संक्रमण पर लगा सकते हैं ब्रेक
फिलहाल भारत कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण में है. इस चरण को लोकल ट्रांसमिशन स्‍टेज भी कहते हैं. इसके तहत विदेश से लौटे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से उसके परिजन, रिश्तेदार, मिलने-जुलने वाले या रास्‍ते में साथ यात्रा करने वाले लोग संक्रमण का शिकार होते हैा. इस चरण में भी यह पता होता है कि संक्रमण किस जगह और व्‍यक्ति से फैल रहा है. इस चरण में भी वायरस के प्रसार की रफ्तार पर ब्रेक लगाए जा सकते हैं. हालांकि, संक्रमण की रोकथाम का काम पहले चरण के मुकाबले मुश्किल होता है. फिर भी संक्रमण के स्रोत की जानकारी होने के कारण प्रसार की रफ्तार पर अंकुश लगाना बहुत ज्‍यादा मुश्किल नहीं होता है. भारत में संक्रमण का यही चरण चल रहा है. अभी तक यहां एक व्‍यक्ति से दूसरे, तीसरे और चौथे-पांचवें व्‍यक्ति में संक्रमण नहीं फैला है.

तीसरे चरण में संक्रमण का स्रोत पता लगाना होता है मुश्किल
इसके बाद तीसरे चरण में वायरस का कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन होना शुरू हो जाता है. इस चरण में एक बड़े इलाके के लोग वायरस से संक्रमित हो जाते हैं. इस चरण में ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है, जो न कोरोना वायरस प्रभावित देश से लौटा है और न ही वह किसी दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो. इस चरण में संक्रमण के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है. इस चरण में बीमारी एक क्षेत्र, राज्‍य या अंतर-राज्‍यीय स्‍तर पर एक से दूसरे व्‍यक्ति में तेजी से फैलनी शुरू हो जाती है. इस स्थिति को रोकथाम के लिए सबसे जटिल और खतरनाक माना जाता है. भारत के पास इस चरण में पहुंचने से रोकथाम के लिए एक महीने का समय है. इस चरण में वायरस स्थानीय वातावरण के मुताबिक खुद को ढालना शुरू कर चुका होता है. इसी चरण में सरकार मॉल, दुकानें, बाजार, स्कूल बंद करा देती है. इस स्थिति को ही लॉकडॉउन कहते हैं. अच्‍छी बात है कि भारत ये कदम पहले ही उठा चुका है.

चौथे चरण में रोकथाम मुश्किल, संक्रमण बन जाता है महामारी
कोरोना वायरस संक्रमण के चौथे चरण को अंतिम पड़ाव माना जा रहा है. ये वो चरण है, जिसमें सरकार की हर कोशिश कम पड़ जाती है. चीन और इटली इस स्टेज से गुजर चुके हैं. ऐसी स्थिति में इसका हल खोज पाना मुश्किल होता है. चौथे चरण का मतलब ही महामारी होता है. जब देश के अंदर ही बड़े पैमाने पर बीमारी पैर पसार ले तो मान लीजिए यह चौथा चरण है. चीन में कोरोना वायरस ने महामारी की शक्ल ले ली थी. इसके अलावा इटली, ईरान और स्पेन में कोरोना वायरस चौथे चरण का पार कर चुका है.

दूसरे चरण में संक्रमण फैलाने वाले व्‍यक्ति और जगह की जानकारी होती है. वहीं, तीसरे चरण में संक्रमण के स्रोत का पता नहीं लग पाता. 


भारत ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए अब तक क्‍या किया
चीन, ईरान और इटली जैसे देशों में फंसे सैकड़ों भारतीय को केंद्र सरकार की निगरानी में भारत लाया जा चुका है. उन्हें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बनाए गए आइसोलेशन सेंटर्स में रखा गया है. हालांकि, पिछले तीन हफ्ते में अलग-अलग हवाई रूट्स से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों की संख्‍या भी कम नहीं है. हवाई अड्डों पर हुई स्क्रीनिंग में इस तरह के ज्‍यादातर लोगों में किसी तरह के लक्षण नहीं दिखे. ऐसे में एहतियातन दो से तीन हफ़्ते के लिए उन्हें अपने घरों में ही रहने का सुझाव दिया गया था. कुछ मामलों में या तो सावधानी नहीं बरती गई या फिर तथ्यों को प्रशासन से छिपाया गया. इसी वजह से देश में वायरस दूसरे चरण में पहुंच गया.

हर व्‍यक्ति अपने स्‍तर पर भी जागरूक रहकर करे पूरा सहयोग
भारत सरकार ने रोकथाम के उपायों के तहत सभी स्‍कूल-कॉलेजों, सिनेमाघरों, माल्‍स, सार्वजनिक स्‍थलों को बंद कर दिया है. इसके अलावा अपनी सभी सीमाओं को बंद कर दिया है. साथ ही ट्रेनों व बसों को रद्द कर दिया गया है. विदेश की ज्‍यादातर उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. भारत सरकार वायरस संक्रमण को तीसरे चरण में रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. एसे में लोगों को इसके प्रति जागरूक रहते हुए सतर्क रहने की जरूरत है ताकि संक्रमण फैलने की रफ्तार को थामा जा सके. हर व्‍यक्ति अपने स्‍तर पर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने की कोशिश करे.

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