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क्या निवार तूफान जितना खतरनाक होगा बुरेवी तूफान?

बुरेवी तूफान का डिप्रेशन इस नक्शे में तमिलनाडु पर साफ देखा जा सकता है.
बुरेवी तूफान का डिप्रेशन इस नक्शे में तमिलनाडु पर साफ देखा जा सकता है.

मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जब बुरेवी तूफान गुरुवार और शुक्रवार को भारतीय राज्य के पास गुज़रेगा तो 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 90 किमी प्रति घंटे तक प्रचंड हो सकती हैं.

  • News18India
  • Last Updated: December 3, 2020, 9:32 AM IST
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अगर बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) और अरब सागर (Arabian Sea) की बात एक साथ की जाए, तो पिछले करीब 10 दिनों में तीसरा तूफान दक्षिण भारत (South India) के लिए सिरदर्द बनने जा रहा है. मौसम विभाग की चेतावनी (Weather Alert) के मुताबिक कन्याकुमारी (Kanyakumari), तिरुनेलवेली, थूटुकुडी, तेनकाशी, रामनाथपुरम और शिवगंगई ज़िलों यानी तमिलनाडु (Tamil Nadu) के दक्षिणी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश (64 से 204 mm तक) की आशंका है. केरल (Kerala) के कोल्लम, तिरुवनंतपुरम, पटनमथिट्टा और अलप्पुझा ज़िलों पर भी नए तूफान का असर पड़ सकता है.

ठीक एक हफ्ते ने तमिलनाडु को एक और चक्रवात का सामना करना पड़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग की मानें तो इस तूफान के चलते तमिलनाडु और केरल में 5 दिसंबर तक भारी बारिश हो सकती है. पिछले दिनों निवार तूफान से निपटने वाले दक्षिण भारत के सामने एक और तूफान की आमद क्या मायने रखती है?

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क्या है तूफान बुरेवी?
बुधवार सुबह 8.30 बजे की स्थिति के मुताबिक बुरेवी तूफान श्रीलंका के त्रिंकोमाली से पूर्व में 200 किलोमीटर की दूरी पर था और पम्बन से दक्षिण पूर्व में 420 किमी और कन्याकुमारी से पूर्व व उत्तर पूर्व की तरफ 600 किमी दूर. कराइकल तट पर करीब सात दिन पहले निवार तूफान ने हमला बोला था और अब बुरेवी तफान कन्याकुमारी के तट पर दस्तक देने वाला है.

मालदीव ने इस तूफान का नाम दिया है बुरेवी, जो तट को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचाएगा, ऐसी आशंका कम है, लेकिन इस तूफान के असर से भारी बारिश का खतरा ज़रूर होगा. बुधवार शाम से ही बुरेवी के तेज़ होने की संभावनाओं के बीच कहा गया कि पहले यह तूफान श्रीलंका के किनारों से गुज़रेगा और फिर यह मन्नार की खाड़ी में पहुंचेगा.

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तूफान निवार का डिप्रेशन समुद्र और तमिलनाडु में इस ​तरह दिखा था.


भारत कब पहुंचेगा बुरेवी?
मन्नार की खाड़ी से इसका रुख भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से की तरफ होगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि कन्याकुमारी और पम्बन को यह तूफान शुक्रवार दोपहर तक क्रॉस करेगा और उस वक्त हवाओं की रफ्तार से 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी. एक हफ्ते पहले ही बचाव दलों ने चेन्नई में निवार पीड़ितों को खतरे के क्षेत्रों से निकालने की कवायद की थी, अब इन्हें दक्षिणी ज़िलों के तटीय इलाकों में सक्रिय किया जा रहा है.

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निवार के मुकाबले कैसा होगा बुरेवी?
25 नवंबर को कराईकल के तट पर 89 से लेकर 117 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तेज़ तूफान निवार बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ था. इसके बाद से ही यहां समुद्री हलचलों में डिस्टरबेंस बना हुआ है और स्थितियां बार बार बदलती हुई दिख रही हैं. इसके पूरे विश्लेषण के आधार पर मौसम विभाग ने कहा है कि बुरेवी तूफ़ान के निवार जितने मज़बूत होने की आशंका कम ही है.

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मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक जब समुद्र में एक ही क्षेत्र में लगातार इस तरह के सिस्टम बनते हैं, तो पहले वाला सिस्टम ज़्यादा मज़बूत होता है. इस प्रक्रिया में ठंडी लहरें समुद्र की की निचली सतह से समुद्र की ऊपरी सतह की तरफ उठती हैं. इस कंडीशन की वजह से बुरेवी जैसे तूफान को पूरी ताकत नहीं मिल पाती. कुल मिलाकर बुरेवी 5 दिसंबर के बाद से कमज़ोर पड़ना शुरू हो जाएगा.
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