ताजमहल पर्यटकों के लिए खुल रहा है, तो अजंता एलोरा क्यों नहीं?

ताजमहल पर्यटकों के लिए खुल रहा है, तो अजंता एलोरा क्यों नहीं?
फोटोग्राफी करता एक पर्यटक. (File Photo)

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) को नीति बनाकर महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को खोलना चाहिए और लोकल पर्यटकों पर फोकस करना चाहिए, लेकिन क्या सच में Covid-19 का प्रकोप इसकी इजाज़त नहीं दे रहा?

  • News18India
  • Last Updated: September 15, 2020, 2:57 PM IST
  • Share this:
कोरोना वायरस (Corona Virus) के प्रकोप के कारण जो उद्योग सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे हैं, उनमें पर्यटन (Tourism Industry) भी शामिल है. सीधी बात है, जब लॉकडाउन (Lockdown) के चलते यात्राएं ही प्रतिबंधित रहीं, तो पर्यटन को नुकसान होना तो तय था ही. अब, अनलॉक (Unlock) हो रहे भारत में भीड़ भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को सिलसिलेवार और एहतियात के साथ खोला जा रहा है. इसी कड़ी में आगामी 21 सितंबर से आगरा स्थित विश्व धरोहर ताज महल (Taj Mahal Reopening) छह महीने बाद खुलेगा. इस खबर के बाद सवाल ये खड़ा होता है कि ताजमहल खुल रहा है, तो अजंता और एलोरा (Ajanta & Ellora Caves) जैसे विश्व धरोहर स्थल क्यों नहीं?

महाराष्ट्र (Maharashtra) के औरंगाबाद ज़िले में स्थित एलोरा और अजंता गुफाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहरों की सूची में स्थान प्राप्त है और यहां दुनिया भर से पर्यटक आते रहे हैं. इन दो स्थानों के साथ महाराष्ट्र के और भी कुछ पर्यटन स्थलों को खोला जाना अभी बाकी है. इन हालात में, 'औरंगाबाद पर्यटन' पर आधारित एक परिचर्चा में विशेषज्ञों ने ताजमहल के खुलने के तर्क से सवाल खड़ा करते हुए ये भी कहा कि महाराष्ट्र की इन विश्व धरोहरों के डिजिटल प्रमोशन की ज़रूरत पेश आ रही है.

क्या वाकई बढ़ सकता है पर्यटन?
औरंगाबाद पर्यटन विकास फाउंडेशन की सिविल एविएशन कमेटी के प्रमुख सुनील कोठारी ने परिचर्चा में यह सवाल खड़ा किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वे के आगरा सर्कल ने ताजमहल को खोलने का फैसला कर लिया है, तो अजंता और एलोरा के बारे में क्यों विचार नहीं हो रहा? कोठारी की मानें तो पर्यटन स्थलों को सोशल मीडिया के ज़रिये प्रमोट करने का यह समय सही है और इसके लिए पूरी रणनीति बननी चाहिए.
maharashtra tourism, maharashtra tourist place, taj mahal ticket, covid 19 updates, corona virus updates, महाराष्ट्र पर्यटन, महाराष्ट्र पर्यटन स्थल, ताजमहल टिकट, कोविड 19 अपडेट, कोरोना वायरस अपडेट
महाराष्ट्र में पर्यटन स्थलों को दोबारा खोले जाने को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं.




ये भी पढ़ें :- क्या है पेरिस का '15 मिनट सिटी' कॉंसेप्ट? क्या भारतीय शहर भी अपनाएंगे?

ये तर्क दिया गया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए पर्यटकों को यहां आकर्षित किया जा सकता है और अन्य सावधानियां भी बरती जा सकती हैं. इसके साथ ही, चूंकि अभी उड़ानें और आवागमन ज़्यादातर प्रतिबंधित है इसलिए विदेशी पर्यटकों के बजाय स्थानीय और देसी पर्यटकों पर फोकस करते हुए पर्यटन उद्योग को नए ढंग से नीतियां बनानी चाहिए ताकि पड़ोसी ज़िलों और राज्यों से लोगों को रिझाया जा सके.

क्यों नहीं खुल रहा महाराष्ट्र में पर्यटन?
इस परिचर्चा में यह भी कहा गया कि औरंगाबाद में होटल नहीं खोलने दिए जा रहे. सिर्फ औरंगाबाद ही नहीं, महाराष्ट्र के प्रमुख ज़िलों में भी यही हाल है. अस्ल में, मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे महाराष्ट्र के प्रमुख शहर कोरोना वायरस की चपेट में बुरी तरह आए हैं. पुणे जहां देश में सबसे ज़्यादा कोविड केसों वाला शहर है, तो महाराष्ट्र सबसे प्रभावित राज्यों में शुमार है.

ये भी पढ़ें :- जासूस चीन: क्या है 'हाइब्रिड वॉरफेयर', डेटा को कैसे इस्तेमाल कर सकता है चीन?

इन तमाम हालात के मद्देनज़र एक हफ्ते पहले ही MTDC ने कहा था कि रिसॉर्ट्स वगैरह फिलहाल बंद रहेंगे और कुछ ही खुल सकेंगे, जो सेफ ज़ोन में हैं. महाराष्ट्र में यात्राओं और होटल व रेस्तरां जैसी सुविधाओं के बंद रहने के चलते यहां पर्यटन फिलहाल होल्ड पर ही है.

सरकार और लोग मिलकर करें प्रमोट
औरंगाबाद पर्यटन फाउंडेशन के जसवंत सिंह ने परिचर्चा में खुले तौर पर कहा कि औरंगाबाद में पर्यटन की जितनी संभावनाएं हैं, पर्यटन उद्योग उतना बड़ा रहा ही नहीं. इसके लिए एक तरफ तो महाराष्ट्र राज्य सरकार को दूसरे देशों तक राज्य के पर्यटन स्थलों का आकर्षण पहुंचाना चाहिए और दूसरी तरफ, स्थानीय नागरिकों को भी अपने स्तर पर अपनी धरोहरों को प्रमोट करना चाहिए.

परिचर्चा में यह बात भी सामने आई कि औरंगाबाद को महाराष्ट्र की पर्यटन राजधानी का दर्जा देकर राज्य के पर्यटन विभाग के मुख्यालय यानी MTDC को यहां शिफ्ट किया जाना चाहिए. साथ ही, औरंगाबाद को महाराष्ट्र के पर्यटन के गेटवे के तौर पर प्रोजेक्ट किए जाने से उद्योग बेहतर होने की संभावनाएं हैं.

कैसे आएंगे पर्यटक?
इस परिचर्चा में वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोविड 19 के संकट के समय में लोग घबराए और परेशान हैं इसलिए स्मारकों और धरोहर स्थलों की साफ सफाई और मेंटेनेंस पर ज़्यादा से ज़्यादा काम किया जाना चाहिए. इसके साथ ही, महामारी के दौर में संक्रमण से बचाव के तमाम सुरक्षा उपायों की व्यवस्था हर प्रमुख पर्यटन स्थल पर की जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें :-

रोज़ाना दो बार 100 दंड-बैठक लगाने वाले नए जापानी पीएम से मिलिए

देश में जब भांग गैर कानूनी नहीं है तो गांजा और हैश क्यों?

खबरों की मानें तो इस परिचर्चा के आयोजकों ने कहा कि पैनल के सुझाव राज्य सरकार और महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे को भेजे जाएंगे.

maharashtra tourism, maharashtra tourist place, taj mahal ticket, covid 19 updates, corona virus updates, महाराष्ट्र पर्यटन, महाराष्ट्र पर्यटन स्थल, ताजमहल टिकट, कोविड 19 अपडेट, कोरोना वायरस अपडेट
लॉकडाउन के लंबी अविध के बाद ताजमहल पर्यटकों के लिए खुलेगा.


कैसे खुलने जा रहा है ताजमहल?
उत्तर प्रदेश में स्थित देश के सबसे अधिक प्रतिष्ठित ऐतिहासिक व पुरातात्विक पर्यटन स्थल ताजमहल को कोविड 19 के दौर में दोबारा खोले जाने को लेकर यह साफ है कि पर्यटकों व स्टाफ के लिए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, प्रतिदिन पर्यटक संख्या 5000 तक सीमित कर दी जाएगी, जो महामारी से पहले औसतन 20 हज़ार प्रतिदिन रहा करती थी.

ताजमहल में लंच से पहले और लंच के बाद ही पर्यटकों को एंट्री मिलेगी. इसी तरह, आगरा में 21 सितंबर से ही खुलने जा रहे लाल किले के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं और यहां प्रतिदिन पर्यटक संख्या को 2500 तक सीमित कर दिया गया है. हफ्ते में कुछ ही दिनों के लिए खुलने जा रहे इन पर्यटन स्थलों के लिए टिकट बुकिंग ऑनलाइन की जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading