जानें किस देश में कोरोना वायरस के बीच हो रहे हैं चुनाव, कैसे कराया जा रहा है मतदान

जानें किस देश में कोरोना वायरस के बीच हो रहे हैं चुनाव, कैसे कराया जा रहा है मतदान
दक्षिण कोरिया में हुए चुनाव में राष्ट्रपति मून जे इन की पार्टी को भारी बहुमत मिला

दक्षिण कोरिया (South Korea) में संसदीय चुनाव (General Elections) के लिए मतदाना जारी है. लोग अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल करने के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं. खुद राष्‍ट्रपति मून जे इन ने शुक्रवार को मतदान किया. वोटिंग के लिए मतदान केंद्रों पर खास इंतजाम किए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2020, 11:35 AM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) पूरी दुनिया में बर्बादी मचा रहा है. ज्‍यादातर देश संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) का सहारा ले रहे हैं. ऐसे में एक देश ऐसा भी है, जहां संसदीय चुनाव (General Elections) हो रहे हैं. लोग मतदान के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं. मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं. वैश्विक महामारी के बीच दक्षिण कोरिया (South Korea) ऐसा पहला देश बन गया है, जहां इस भयंकर माहौल में भी चुनाव हो रहे हैं. हालांकि, दक्षिण कोरिया ने मतदान के लिए जबरदस्‍त इंतजाम किए हैं. मतदान के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया गया है. वोट डालने पहुंचे लोगों की सबसे पहले थर्मल स्‍क्रीनिंग की जा रही है. अगर किसी व्‍यक्ति का टैम्‍प्रेचर सामान्‍य से ज्‍यादा निकल रहा है तो उसे मतदान के लिए दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा है. मतदान के बाद उसका कोरोना टेस्‍ट (Corona Test) कराया जा रहा है. फिर पूरे मतदान केंद्र को सैनेटाइज किया जा रहा है.

खुद राष्‍ट्रपति मून ने भी मतदान केंद्र पहुंचकर डाला वोट
दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन (Moon Jae-in)  खुद शुक्रवार को वोट डालने पहुंचे. इस दौरान उन्‍होंने फेस मास्‍क लगाया हुआ था. मतदान केंद्र पर पहुंचते ही उनका टैम्‍प्रेचर लिया गया. इसके बाद उनके हाथ धुलवाए गए और उन्‍हें प्‍लास्टिक के ग्‍लव्‍स दिए गए. फिर उन्‍होंने मतदान किया. दक्षिण कोरिया में चुनाव 15 अप्रैल यानी आज होने हैं, लेकिन वहां पहले ही वोटिंग शुरू कर देने की परंपरा है. ये व्‍यवस्‍था 2013 से शुरू की गई थी ताकि जो लोग चुनाव के दिन मतदान नहीं कर पाने की स्थिति में हों वे पहले ही अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल कर सकें. इस बार इसके लिए 3,500 मतदान केंद्रों की व्‍यवस्‍था की गई है. चुनाव विश्‍लेषकों का मानना था कि इस बार कोरोना वायरस के कारण मत प्रतिशत पिछले चुनावों के मुकाबले कम रहेगा.

मतदान केंद्रों पर युवा टीम मतदाताओं से सोशल डिस्‍टेंसिंग का सख्‍ती से पालन करा रही है.

2016 के चुनाव से ज्‍यादा हो चुका है अब तक मतदान


चुनाव विश्‍लेषकों के अनुमान को खारिज करते हुए मंगलवार तक 26.7 फीसदी लोग अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल कर चुके हैं. डीडब्‍ल्‍यू की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मतप्रतिशत 2016 में हुए चुनाव के दौरान शुरुआती दौर में डाले गए वोट से दोगुना से भी ज्‍यादा है. चार साल पहले चुनाव से पहले 12.2 फीसदी लोगों ने ही अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल किया था. दरअसल, दक्षिण कोरिया की सरकार अपने 4.40 करोड़ मतदाताओं को ये भरोसा दिलाने में कामयाब रही है कि वोट डालने के लिए घर से निकलना उनके लिए पूरी तरह से सुरक्षित होगा. साथ ही सरकार ने मतदान केंद्रों पर लोगों की भीड़ जमा नहीं होने देने के पर्याप्‍त इंतजाम भी किए. एक जगह पर ज्‍यादा लोगों के जमा होने पर दक्षिण कोरिया में अभी भी पाबंदी लगी हुई है.

युवाओं को सैनिक सेवा से छूट देकर कराई चुनाव ड्यूटी
दक्षिण कोरिया ने चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए सरकारी कर्मचारियों के साथ ही युवाओं की मदद भी ली है. टीआरटी वर्ल्‍ड की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने युवाओं को चुनाव ड्यूटी करने के बदले अनिवार्य सैनिक सेवा करने से छूट दे दी है. इन युवकों ने देश भर में बनाए गए कुल 14,000 मतदान केंद्रों को सैनेटाइज करने का काम किया है. युवाओं की ये टीम सुनिश्चित कर रही है कि मतदाता वोटिंग सेंटर्स पर सोशल डिस्‍टेंसिंग का पूरी तरह पालन करें और एकदूसरे से कम से कम 1 मीटर की दूरी पर खड़े हों. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस से राष्ट्रपति मून की सरकार को बड़ा राजनीतिक फायदा मिला है. संक्रमण को काबू करने के लिए उनकी हर तरफ तारीफ हो रही है. उनकी अप्रूवल रेटिंग में काफी उछाल आया है. फिलहाल उनकी रेटिंग 15 फीसदी के उछाल के साथ 41 फीसदी से 56 फीसदी पर पहुंच गई है.

वैश्विक महामारी को काबू करने के बाद राष्ट्रपति मून के खिलाफ सभी राजनीतिक शिकायतों को आम मतदाता खारिज कर रहे हैं.


संक्रमण से पहले राष्‍ट्रपति मून की हो रही थी आलोचना
राष्‍ट्रपति मून की सरकार की कोरोना वायरस के फैलने से पहले तक अर्थव्यवस्था की खस्‍ता हालत के कारण काफी आलोचना हो रही थी. हर जगह सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे थे. वहीं, महामारी को काबू करने के बाद राष्ट्रपति मून के खिलाफ सभी राजनीतिक शिकायतों को आम मतदाता खारिज कर रहे हैं. पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया में संक्रमित होने वालों की संख्या हर दिन 50 से नीचे रही, जबकि 29 फरवरी को ये संख्या 813 रोगी रोजाना थी. अब तक दक्षिण कोरिया में 10,591 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें 225 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 7,616 लोग ठीक होकर घर वापस भी जा चुके हैं. माना जा रहा है कि दक्षिण कोरिया के बड़ी संख्या में लोगों का कोरोना टेस्‍ट कराने और उन्‍हें आइसोलेट कर इलाज करने के कारण ज्‍यादातर लोग ठीक हो गए.

हालात सामान्‍य करने की कोशिश कर रही है सरकार
दक्षिण कोरिया ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राजनीतिक रैलियों और धार्मिक जमावड़ों पर पाबंदी लगाई हुई है. हालांकि, अब वहां स्कूल और कॉलेज खोल दिए गए हैं साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी कराई जा रही है. दक्षिण कोरिया ने अपनी आक्रामक रणनीति के कारण बिना लॉकडाउन किए ही संक्रमण पर काबू पा लिया. राजधानी सोल में मेट्रो सेवाएं पहले की तरह चल रही हैं. लोगों की भीड़ भी पहले की तरह ही है, लेकिन सभी मास्क और दस्ताने पहन रहे हैं. दक्षिण कोरिया की सरकार लोगों से वोट डालने के लिए घर से बाहर आने की अपील कर रही है. इससे साफ है कि सरकार अब हालात को सामान्‍य करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, साथ ही ये भी मान रही है कि कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई अभी खत्‍म नहीं हुई है.

चुनाव में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के मतदान का भी विशेष ध्यान रखा है.


संक्रमित मतदाताओं के लिए बनाए अलग मतदान केंद्र
दक्षिण कोरिया की सरकार ने इस चुनाव में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के मतदान का भी विशेष ध्यान रखा है. उन्हें 23 से 28 मार्च के बीच डाक से मतदान करने का विकल्प दिया गया था. जब ये समय समाप्त हो गया तो आठ जगह पर इन लोगों के लिए अलग मतदान केंद्र बनाए गए, जहां चुनाव कार्यकर्ताओं ने प्रोटेक्टिव सूट पहनकर मतदान करवाया. दक्षिण कोरिया के चुनाव भारत की तरह बहुत शोरगुल वाले होते हैं. राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता लोगों का ध्यान खींचने के लिए म्‍यूजिक का सहारा भी लेते हैं. सड़कों पर हर जगह लाउड स्पीकर और पोस्टरों से लदे वाहन नजर आते हैं. इस बार चुनाव में इस तरह से प्रचार करने से परहेज रखा गया. उम्मीदवारों को सलाह दी गई थी कि वो हर समय मास्क पहनें और हाथ मिलाने ना मिलाएं.

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