• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • सोनिया गांधी बनाम राहुल गांधी लीडरशिप : क्या हैं सवाल और आगे के रास्ते?

सोनिया गांधी बनाम राहुल गांधी लीडरशिप : क्या हैं सवाल और आगे के रास्ते?

उपसभापति के चुनाव में विपक्ष के साझे उम्मीदवार को जिता पाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है.

उपसभापति के चुनाव में विपक्ष के साझे उम्मीदवार को जिता पाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है.

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की भाजपा के खिलाफ दो बार बुरी तरह चुनाव हारने के बाद नेतृत्व संकट से जूझ रही कांग्रेस पार्टी (INC) के भीतर किस तरह की कलह है? संकट कितने गहरे हैं और गांधी परिवार (Nehru-Gandhi Family) को लेकर किस तरह की धारणाएं हैं? अब कांग्रेस के उद्धार के क्या रास्ते हैं? विशेषज्ञों के मुताबिक इन तमाम सवालों के जवाब.

  • Share this:
    देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी (Political Party) कांग्रेस में इन दिनों नेतृत्व संकट (Congress Crisis) का सवाल खड़ा है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि कांग्रेस में मौजूदा संकट की जड़ में राहुल गांधी ही वजह हैं. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल गांधी के बजाय उनकी टीम (Team Rahul Gandhi) के कारण कांग्रेस के भीतर भिड़ंत का माहौल है. पिछले लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद राहुल गांधी के इस्तीफा (Rahul Gandhi Resigned) देने के बाद यानी पिछले करीब एक साल से कांग्रेस में ये मुद्दे उभरे हैं.

    कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं की चिट्ठी में नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए जाने और कांग्रेस पार्टी में भारी बदलाव किए जाने की मांगों के बाद चर्चा यह है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी बतौर नेता कितने अलग हैं और कांग्रेस के लिए इस अंतर के क्या मायने हैं? विशेषज्ञों की राय के मुताबिक कुछ दिलचस्प पहलुओं को समझना चाहिए.

    अव्वल तो मुद्दा यही है कि जिस तरह अचानक राहुल गांधी ने इस्तीफा दिया, क्या वो सही फैसला था? देश की सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस के अध्यक्ष को बगैर अपना उत्तराधिकारी तय किए क्या अचानक इस्तीफा देना चाहिए था? दूसरी बात, ये कि क्या राहुल गांधी इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में प्रमुख भूमिका या ताकत अपने हाथ में नहीं रखे हुए हैं? कई सवालों के आईने में पूरी तस्वीर देखते हैं.

    rahul gandhi tweet, rahul gandhi age, sonia gandhi real name, sonia gandhi twitter,  congress party news, राहुल गांधी ट्वीट, राहुल गांधी भाषण, सोनिया गांधी हिस्ट्री, सोनिया गांधी का असली नाम, कांग्रेस अध्यक्ष लिस्ट
    न्यूज़18 क्रिएटिव


    राहुल के इस्तीफे की भाषा
    राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे में क्या लिखा था? एक झलक देखिए :

    मैं व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री, आरएसएस और तमाम विरोधी संस्थाओं के खिलाफ लड़ता रहा. मैं लड़ा क्योंकि मुझे भारत से प्यार है. जिन आदर्शों पर भारत खड़ा है, उन्हें बचाने के लिए मैं लड़ा. इस लड़ाई के दौरान मैं अकेला खड़ा रहा और मुझे इस पर गर्व है.


    वरिष्ठ पत्रकार और कॉलमिस्ट वीर संघवी ने कांग्रेस के भीतरी संपर्कों के हवाले से लेख में लिखा है कि राहुल ने वरिष्ठ नेताओं पर साथ न देने का इल्ज़ाम लगा दिया और उनके सिर पर कांग्रेस की हार का ठीकरा फोड़ दिया. लेकिन क्या यही उनकी भूमिका और ज़िम्मेदारी थी?

    पार्टी में लोकतंत्र क्या दिखावा है?
    कांग्रेस में पदाधिकारियों को चुनने का एक पूरा संविधान है. राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर भी लोकतंत्र की वकालत करते हुए खुद को एक उम्मीदवार के तौर पर रखा था और वो जीतकर पार्टी अध्यक्ष बने थे. संघवी कहते हैं कि अगर उन्होंने खुद को किसी उम्मीदवार के समर्थक के तौर पर रखा होता, तो शायद वो भी जीत जाता. लेकिन राहुल ने ऐसा नहीं किया था.

    ये भी पढ़ें :- तस्वीरों में देखें : कैसे कांग्रेस में भड़कती रही बगावत?

    अब भी पार्टी के भीतर यही माहौल है कि सोनिया अगर पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ती हैं तो राहुल को दोबारा इस पद पर लाने के लिए आवाज़ें उठती हैं. लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से कांग्रेस के भीतर क्या कुछ घट चुका है, संघवी ने इसके कुछ इशारे भी दिए.

    * केवल अंतरिम अध्यक्ष होने के कारण कांग्रेस दिशाहीन है.
    * राहुल गांधी अपना ही राग अलाप रहे हैं और अपने अंदाज़ में वीडियो बनाकर पेश करते रहे.
    * पार्टी के पुराने वफादारों ने पार्टी से दूरी बना ली है और एक नया धड़ा इतना हावी है कि वो राहुल के बिहाफ पर बात करता है.
    * पार्टी के सोशल मीडिया की गतिविधियां और उनके समर्थकों के संदेशों के भावार्थ बदल चुके हैं.

    आपको न्यूज़18 ने बताया था कि कांग्रेस पार्टी के संविधान और भीतरी लोकतंत्र की बातों पर भी सवाल खड़े हुए हैं. पार्टी के संविधान की हिफाज़त करती रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी पिछले कुछ समय में समझौते करती दिखी है. यानी अब स्थिति यह है कि कांग्रेस 'संविधान से छेड़छाड़' के जो आरोप बीजेपी पर लगाती रही थी, खुद भी उसी दायरे में दिखती है.

    rahul gandhi tweet, rahul gandhi age, sonia gandhi real name, sonia gandhi twitter,  congress party news, राहुल गांधी ट्वीट, राहुल गांधी भाषण, सोनिया गांधी हिस्ट्री, सोनिया गांधी का असली नाम, कांग्रेस अध्यक्ष लिस्ट
    न्यूज़18 क्रिएटिव


    कांग्रेसियों के बीच क्या माहौल है?
    जिन नेताओं ने कांग्रेस के लिए अपनी ज़िंदगी दी है, वो इन हालात में निराश हैं. संघवी के मुताबिक इन वरिष्ठों को चिंता है कि क्या राहुल गांधी सच में यही चाहते हैं कि कांग्रेस के नेताओं को निकम्मों की छवि में ही पेश किया जाता रहे? कुल मिलाकर राहुल गांधी को उनकी मां सोनिया गांधी से बिल्कुल उलट छवि में देखा जा रहा है.

    सोनिया गांधी की लीडरशिप कितनी अलग?
    कांग्रेस की पीढ़ियों को साथ लेकर चलने वाली सोनिया ने सबको साधने की कला दिखाई. इंदिरा गांधी के समय के प्रणब मुखर्जी, राजीव गांधी के समय के पी चिदंबरम और नरसिम्हा राव के समय के मनमोहन सिंह जैसे नेताओं को लेकर उन्होंने यूपीए सरकार का संचालन किया और गुटबाज़ी नहीं होने दी. पार्टी में जनरेशनों के बीच जंग जैसी कोई स्थिति सोनिया ने नहीं बनने दी.

    अपने 'खास' लोगों को आगे लाने के आरोपों से बचकर सोनिया ने पार्टी के भीतर सम्मान हासिल किया, जो राहुल की लीडरशिप की कमी रही. राहुल ने अपने लोगों का खेमा बनाने वाली राजनीति को पोसने में दिलचस्पी ली. संघवी के ही मुताबिक राहुल ने सोनिया की तरह सबकी सहमति से फैसले भी नहीं लिये.


    एक और खास अंतर दोनों के बीच यह दिखा कि सोनिया ने पार्टी के हित में पुरानी गलतियों को माफ करने और भूलने का एटिट्यूड (जैसे शरद पवार का किस्सा) दिखाया जबकि राहुल ने असंतोष वाला रवैया अपनाया.

    ये भी पढ़ें :-

    वेब सीरीज़ 'बैड बॉय बिलियनेयर्स' के खिलाफ कोर्ट क्यों गया चौकसी?

    कैसे शकुंतला देवी से भी तेज़ ह्यूमन कैलकुलेटर बने 21 साल के नीलकंठ?

    क्या राहुल अब भी नौसीखिए हैं?
    पार्टी के भीतर खेमेबाज़ी और दो पीढ़ियों के बीच तनातनी के हालात के पीछे राहुल को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है. न्यूज़18 के ओपिनियन में बताया गया था कि राजस्थान से राज्यसभा भेजे गए केसी वेणुगोपाल किस तरह राहुल गांधी के करीबी सिपेहसालार बन गए और वरिष्ठ नेताओं के बीच सही संदेश नहीं पहुंचा. कुल मिलाकर कांग्रेस के भीतर राहुल की लीडरशिप कई सवालों में घिरी है और सोनिया के पक्ष में माहौल अब भी बरकरार है.

    rahul gandhi tweet, rahul gandhi age, sonia gandhi real name, sonia gandhi twitter, congress party news, राहुल गांधी ट्वीट, राहुल गांधी भाषण, सोनिया गांधी हिस्ट्री, सोनिया गांधी का असली नाम, कांग्रेस अध्यक्ष लिस्ट
    न्यूज़18 क्रिएटिव


    भाजपा सरकार के प्रमुख चेहरे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दो बार चुनाव हार चुके राहुल गांधी को फिर 'नौसीखिया' कहने वाले प्रसिद्ध लेखक और इतिहासकार रामचंद्र गुहा उनकी लीड​रशिप में नुख्स निकाल चुके हैं. गुहा के मुताबिक 'सियासी इंटेलिजेंस' की कमी, लापरवाह ढंग से बोलना (खासकर हिंदी में), प्रशासनिक काबिलियत न होना, दृढ़ता व स्टैमिना की कमी और पूर्व प्रधानमंत्रियों का बेटा, पोता, पड़पोता होना राहुल गांधी की राजनीतिक राह में पांच रोड़े हैं.

    क्या कांग्रेस फिर उभरकर आएगी?
    राहुल या सोनिया? राहुल या सोनिया ही क्यों? इन सवालों में उलझी कांग्रेस को फिर देश की सबसे अहम पार्टी के तौर पर उभरने के लिए कई पापड़ बेलने ही होंगे. गुहा के मुताबिक सबसे पहले तो कांग्रेस को नेहरू गांधी परिवार से इतर नेतृत्व चुनना होगा. दूसरे, जो दिग्गज कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए हैं, उनकी वापसी सुनिश्चित करना होगी. यानी, वायएसआर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसी पार्टियों के मूल कांग्रेस में विलय के लिए अब सही समय है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज