इस मोर्चे पर कंधे से कंधा मिलाकर दुश्‍मन का मुकाबला करते हैं भारत और पाकिस्‍तान के सैनिक

इस मोर्चे पर कंधे से कंधा मिलाकर दुश्‍मन का मुकाबला करते हैं भारत और पाकिस्‍तान के सैनिक
(सांकेतिक तस्‍वीर)

टिड्डियों (Locust) के 27 साल के सबसे बड़े हमले से निपटने के लिए भारत (India) और पाकिस्‍तान (Pakistan) के साथ मुकाबला करने की बात चल रही है. कुछ लोगों को ये नामुमकिन लग सकता है तो आपको बता दें कि एक ऐसा मोर्चा भी है, जहां दोनों देश के सैनिक मिलकर दुश्‍मन से लड़ते हैं.

  • Share this:
टिड्डियों के झुंड ने भारत के राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, गुजरात और महाराष्‍ट्र में हमला कर दिया है. इससे पहले फरवरी में भी पाकिस्‍तान की ओर से आए टिड्डियों के झुंड (Locust Swarm) ने राजस्‍थान में फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था. ये टिड्डियां सऊदी अरब से चलकर पाकिस्‍तान (Pakistan) होते हुए भारत (India) में घुसकर बर्बादी फैलाती हैं. इससे निपटने के लिए भारत ने पाकिस्‍तान से मदद मांगी है. हालांकि, पाकिस्‍तान ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. दरअसल, भारत चाहता है कि टिड्डियों को पाकिस्‍तान में ही खत्‍म करके सरहद पार करने से रोका जा सके. कुछ लोगों को किसी भी मामले से निपटने के लिए दोनों देशों का साथ आना नामुकिन लग रहा है तो आइए जानते हैं कि एक ऐसा मोर्चा (Front) भी है, जहां सीमा पर एकदूसरे खिलाफ मुकाबला करने वाले भारत और पाकिस्‍तान के सैनिक (Soldiers) मिलकर दुश्‍मनों का सफाया करते हैं.

मिशन पर सैनिक भेजने के मामले में भारत पांचवे स्‍थान पर
दुनिया के अलग-अलग देशों में संयुक्‍त राष्‍ट्र मिशन (UN Mission) चल रहे हैं. भारत और पाकिस्‍तान के सैनिकों की एकसाथ इन यूएन मिशन पर ही तैनाती होती है. दोनों देश संयुक्त राष्ट्र के पीसकीपिंग मिशन (Peace Keeping Mission) में साथ काम करते हैं और जरूरत पड़ने पर साथ मिलकर दुश्मन का मुकाबला करते हैं. अब तक संयुक्‍त राष्‍ट्र 70 से ज्यादा पीसकीपिंग मिशन पूरे कर चुका है. इनमें भारत के सबसे ज्यादा 164 सैनिक शहीद हुए हैं. इन सभी मिशन में भारत और पाकिस्तान सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले शीर्ष-10 देशों में शामिल हैं. भारत जहां 5,433 सैनिकों की तैनाती के साथ पांचवे नंबर है. वहीं, पाकिस्‍तान 4,461 सैनिकों के साथ छठे पायदान पर है. यूएन मिशन पर सबसे ज्‍यादा सैनिक यूथोपिया (Ethiopia) भेजता है. इस समय यूएन मिशन पर उसके 6,558 सैनिक तैनात हैं.

यूएन मिशन पर सैनिक भेजने वाले शीर्ष 10 देशों में भारत पांचवें और पाकिस्‍तान छठे नंबर है.




बांग्‍लादेश के आधे से भी कम सैनिक भेजती है चीन सरकार


यूएन मिशन पर भारत और पाकिस्‍तान से ज्‍यादा सैनिक बांग्‍लादेश (Bangladesh) भेजता है. उसने यूएन मिशन पर अपने 6,435 सैन‍िक भेजे हैं और वह सूची में दूसरे स्‍थान पर है. दुनिया की सबसे ज्‍यादा आबादी वाला चीन (China) इस मामले में शीर्ष 10 देशों की सूची में सबसे नीचे है. चीन की ओर से यूएन मिशन पर 2,538 सैनिक भेजे गए हैं, जो बांग्‍लादेश के आधे से भी कम हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय भारत और पाकिस्तान 14 से ज्यादा मिशन पर साथ काम कर रहे हैं. यूएन का सबसे बड़ा मिशन लगातार कई युद्ध देख चके कांगो (Congo) में चल रहा है. संयुक्‍त राष्‍ट्र का ये पीसकीपिंग मिशन 1950 से चल रहा है. कांगो में यूएन मिशन पर आने वाले सैनिकों में सबसे ज्यादा भारत और पाकिस्तान के ही होते हैं. इस मिशन पर दोनों देश शुरू से ही साथ काम कर रहे हैं. माना जाता है कि भारत और पाकिस्तान इसी मिशन पर सबसे पहली बार साथ आए थे.

पाकिस्‍तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) और भारतीय सेना प्रमुख रहे जनरल बिक्रम सिंह (General Bikram Singh)
भारतीय सेना प्रमुख रहे जनरल बिक्रम सिंह और पाकिस्‍तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने लुसाका सीजफायर एग्रीमेंट को पूरा कराने के लिए साथ हतलकर काम किया था.


बाजवा और जनरल बिक्रम सिंह ने भी साथ किया है काम
पाकिस्‍तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) और भारतीय सेना प्रमुख रहे जनरल बिक्रम सिंह (General Bikram Singh) भी एक मिशन पर साथ मिलकर दुश्‍मनों से मुकाबला कर चुके हैं. बाजवा और जनरल बिक्रम सिंह ने 1999 लुसाका सीजफायर एग्रीमेंट को पूरा कराने के लिए एकसाथ काम किया था. कांगो में मिशन के दौरान 2012 में एक वक्‍त ऐसा भी आया, जब भारतीय सैनिकों ने घायल पाकिस्तानी जवानों का इलाज भी किया था. दरअसल, एक मुठभेड़ में पाकिस्‍तानी सैनिक जख्‍मी हो गए थे. भारतीय सैनिक भी उस समय कांगो में ही थे. भारतीय सेना की यूनिट गोमा में तैनात थी. पाकिस्तानी सेना के आठ घायल जवानों और एक अफसर को इलाज के लिए गोमा यूनिट लाया गया. बाद में पाकिस्तान के सेक्टर कमांडर ने अस्पताल का दौरा किया और भारतीय ब्रिगेड कमांडर का धन्‍यवाद किया.

ये भी देखें:

कोरोना मरीजों के लिए इन दो दवाओं का कॉम्बिनेशन हो सकता है जानलेवा

जानें अमेरिका में जॉर्ज फ्लायड की मौत के विरोध में जला दिए गए 'गांधी महल' की पूरी कहानी

इस महिला ने सियासत की बिसात पर मुगलों को मोहरों की तरह किया था इस्‍तेमाल

जानें अफ्रीकी देशों में बहुत धीमी रफ्तार से कैसे बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले

आखिर भारत में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में क्‍यों पेश आ रही हैं मुश्किलें?

जब भारत के 120 जवान चीन के 2000 सैनिकों पर पड़ गए भारी, 1300 को कर दिया था ढेर
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading