जानिए चीनी सेना के कितने सक्रिय अंग हैं और क्या है उनकी भूमिका

जानिए चीनी सेना के कितने सक्रिय अंग हैं और क्या है उनकी भूमिका
आम तौर पर सेनाओं के तीन अंग होते हैं, लेकिन चीन सेना के पांच प्रमुख अंग हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चीनी सेना (Chinese Army) के तीन नहीं पांच प्रमुख अंग हैं. इसमें जल, थल और वायु सेना के अलावा रॉकेट बल (Rocet Force) और रणनीतिक सहयोगी स्टाफ का भी काफी महत्व है.

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भारत के लद्दाख के गलवान (Galwan) में चीन (China) के साथ हुआ सीमा विवाद काफी गंभीर है. वैसे तो भारत-चीन सीमा (Indo china border) पर विवाद होना कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन इस मामले ने भारत-चीन संबंधों को काफी तनावपूर्ण स्थिति में ला दिया है. भारत में चीनी सामान की बहिष्कार की बातें होने लगी हैं तो वहीं भारत सरकार ने 59 चीनी ऐप्स पर पाबंदी लगा दी. भारत और चीन के बीच की सैन्य ताकत की तुलना भी होने लगी है. इस बात की चर्चा खास है कि भारत चीनी सेना का मुकाबला करने में कितना सक्षम है. आइए, जानते हैं कि चीन की सेना (Chinese Army) का स्वरूप क्या है.

चीन की सेना - PLA
चीनी सेना को पीएलए (PLA) यानी कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी कहा जाता है इसका लोकप्रिय नाम लाल सेना या रेड आर्मी भी है. यह दुनिया की सबसे बड़ी सेना है और इसका बजट दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा रक्षा बजट है. चीन अपनी जीडीपी का 1.9 प्रतिशत रक्षा में लगाता है.

चीन की थल सेना
चीन के पीएलए के पांच प्रमुख अंग हैं. पहला है थल सेना जिससे PLAA कहा जाता है. इसका काम चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा विकास के मुद्दे देखना है. यह जमीन और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा का खास तौर पर खयाल रखती है. लेकिन यह आमतौर पर जमीनी सीमा का काम ज्यादा देखती है. इसके पांच थिएटर कमान हैं जिसमें पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी और मध्य कमान शामिल हैं. इसके अलावा दो सैन्य कमान और हैं जिसे शिनजियांग सैन्य कमान और तिब्बत सैन्य कमान का जिम्मा भी इसी के हवाले हैं.



भारत चीन गलवान सीमा विवाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने लगा है. (प्रतीकात्मक फोटो)


चीन की जल सेना
चीनी सेना का दूसरा अंग है PLAN पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी. इसमें पनडुब्बी, सैन्य जहाज, एविएशन, मैरीन और समुद्री सीमा रक्षा बल शामिल हैं. इसके अंतर्गत डोंघाई, नन्हा और बेइहाई जहाजी बेड़े भी आते हैं. चीन की नौसेना तब से बहुत ज्यादा चर्चा में है जब चीन ने दक्षिण चीन सागर में अपना वर्चस्व बढ़ाने की कोशिश की है.

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वायुसेना ने की है बहुत तरक्की
लाल सेना का तीसरा अहम हिस्सा चीन की वायुसेना है जिसे PLAAF यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स कहते हैं. हाल ही में चीन ने अपनी सेना के हिस्से पर खास ध्यान दिया है. उसकी वायुसेना में एविशन सिस्टम, हवा से हवा में, हवा से जमीन और जमीन से हवा में मार करने वाले अस्त्र, उन्नत किस्म के राडार, आधुनिक तकनीक से सुसज्जित सैन्य संचार व्यवस्था आदि शामिल है. उसके पांच एयर फोर्स थिएटर कमान हैं. जिसमें एयर बेसेस, एविएशन ब्रिग्रेड, राडार ब्रिग्रेड शामिल हैं.

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चीन ने अपनी सेना के हर विभाग में तेजी से तरक्की की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


और यह खास रॉकेट फोर्स
चीन सेना का एक अलग हिस्सा उसकी सेना के आम तीन अंगों के ही समकक्ष है जिसे PLARF कहा जाता है. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स की चीन की सुरक्षा में अहम भूमिका है. इसमें न्यूक्लियर मिसाइल, परम्परागत मिसाइल, सहयोगी बल, और अन्य मिसाइल बेस शामिल हैं. हाल के समय में चीन ने अपने मिसाइल टेक्नोलॉजी में भी काफी तरक्की की है. उसने अपनी क्षमता में परमाणु हमले में जवाबी कार्रवाई करना, लंबी दूरी की मारक क्षमता में सटीकता, आधुनिक रॉकेट फोर्स को मजबूत करने के दिशा में तेजी से काम किया है.

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पीएलए का स्ट्रैटजिक सपोर्ट स्टाफ
चीनी सेना का पांचवां अहम हिस्सा भी है जिसे बहुत महत्व दिया जाता है, वह है PLASSF पीपुल्स लिबरेशन आर्मी स्ट्रैटजिक सपोर्ट स्टाफ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक कॉम्बैट फोर्स है. जिसका मुख्य कार्य युद्ध के समय अपनी सेना की लड़ाई क्षमता को बढ़ाना. यह युद्ध के मैदान में अपनी सेना को सहायता , सूचना, संचार और सूचना सुरक्षा प्रदान करने का काम करती है. इसके अलावा नई सैन्य तकनीक का परीक्षण करने की जिम्मेदारी भी PLASSF की ही है.
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