जानिए फ्रांस में पिछले दस सालों में कब-कब हुए थे चरमपंथी हमले

फ्रांस (France) में हुआ इस तरह का हमला (Attack) पहला नहीं था पहले भी इस तरह के हमले होते रहे हैं.
फ्रांस (France) में हुआ इस तरह का हमला (Attack) पहला नहीं था पहले भी इस तरह के हमले होते रहे हैं.

फ्रांस (France) में हाल ही में हुई तीन लोगों की हत्या इस्लामी आंतकवाद (Islamic Terrorism) के हमले की पहली घटना नहीं है. पिछले दस सालों में बहुत बार आंतकी हमलों को चरमपंथियों (Extremists) ने अंजाम दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 3:57 PM IST
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फ्रांस (France) के नीस शहर में हुई आंतकी हत्याओं (Terrorists killing) पर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया हुई है चर्च के बाहर हुए तीन लोगों के निर्मम हत्या (Killing) की हर जगह निंदा हो रही है. फ्रांस में इस तरह की वारदात या आंतकी हमला पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले ही इसी सदी में बहुत बार यहां चरमपंथियों (Extremists) के हमले हो चुके हैं. यहां हुए हमले हमेशा ही किसी एक या फिर दो व्यक्तियों ने किए हैं. लेकिन इन घटनों में हमेशा ही चरमपंथियों की भूमिका रही है.

इसी महीने हुआ था एक हमला
इसी महीने की 16 तारीख को पेरिस में रहने वले इतिहास के एक शिक्षक सैमुएल पैटी पेरिस ने अभिव्यक्ति की आजादी पर अपनी कक्षा में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाए थे. इसको लेकर मॉस्को में पैदा हुए चेचन शरणार्थी अब्दुल्लाख आंजोरोव ने उन पर हमला किया था. बाद में पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

पिछले महीने भी दो लोगों पर हमला
इसके अलावा 25 सितंबर 2020 को भी फ्रांसीसी व्यंग्य पत्रिका के पेरिस स्थित मुख्यालय के बाहर दो लोगों को छुरा भोंक कर घायल कर दिया गया था. इस मामले में एक पाकिस्तानी व्यक्ति को गिरफ्तार कर उस पर आतंकवाद के आरोप लगाए गए थे.



2018 में पुलिस पर खुलेआम गोलियां
2019 में फ्रांस में आंतकी वारदात नहीं हुई थी. लेकिन मार्च 2018 में एक फ्रांसीसी मोरक्को नागरिक ने पुलिस पर गोलियां चलाने के  बाद एक सुपरमार्केट में कुछ लोगों को बंधक बनाया था. इसके बाद वह पुलिस की गोलीबारी में वह शख्स मारा गया था.



2017 में हुई थीं ये दो वारदातें
इसके पिछले साल ही जून 2017 में एक अल्जीरियाई व्यक्ति ने नोट्रे डेम कैथेड्रल के सामने गश्त कर रही पुलिस पर हथौड़े से हमला किया. इस व्यक्ति ने खुद के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंधित होने वाली बात को कबूल किया था. उससे पहले अप्रैल में एक बंदूकधारी ने पेरिस में पुलिस अधिकारी को गोली मार कर हत्या कर दी थी.

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उसी साल की पहली तिमाही में भी
वहीं उससे पहले उसी साल 8 मार्च को एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी को गोली मार कर घायल कर दिया था. इसके बाद वह चिल्लाते हुए यह कहता पाया गया कि वह मार कर अल्लाह के लिए मरना चाहता है. उसके पिछले महीने यानि 3 फरवरी 2017 को मिस्र के एक व्यक्ति ने अल्लाहोअकबर चिल्लाते हुए पेरिस के लौवर संग्रहालय की रक्षा करने वाले सैनिकों पर हमला किया था.

2016 में दो घटनाएं
साल 2016 में फ्रांस में दो चरमपंथी हमलों की घटनाएं हुई थी. उस साल 26 जुलाई को 85 वर्षीय पादरी की दो इस्लामी चरमपंथियों ने गला काट कर हत्या कर दी थी. उसी महीने की 14 तारीख को नीस में एक ट्रक के जरिए एक व्यक्ति ने 86 लोगों को रौंद कर मार दिया. इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी ली.

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फ्रांस में पैगंबर का कार्टून दिखाने पर एक शिक्षक की हत्या के बाद 9 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. PHOTO: AP


2015 में बड़ा हमला
साल 2015 में 13 नवंबर को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने बाटाक्लन कंसर्ट हॉल, फ्रांस के नेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम और अन्य स्थानों पर हमला किया जिसमें 130 लोग मारे गए. उससे पहले 7-9 जनवरी में व्यंग्य पत्रिका चार्ली हेब्दो के पेरिस कार्यालयों और कोसर किराना में 17 लोग मारे गए जिसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन अल कायदा ने ली. इसे चार्ली हेब्दो में पैगंबर मोहम्मद की चित्र छापने का बदला लेने के तौर पर पेश किया गया.

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उससे पहले मार्च 2012 में एक बंदूकधारी ने दक्षिण फ्रांस के टूलूज में तीन यहूदी स्कूली बच्चों, एक रब्बी और तीन पैराट्रपर्स को मार दिया. इस हमलावर ने खुद को अलकायदा से संबंधित होने का दावा किया था. इसके पिछले साल 2 नवंबर 2011 में चार्ली हेब्दो के कार्यालय में फायरबॉम से हमले हुए. उसमें कोई घायल नही हुआ था
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