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जाने स्मॉग के जहरीले पदार्थ, जो कर सकते हैं आप को बहुत बीमार

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Updated: November 4, 2019, 1:21 PM IST
जाने स्मॉग के जहरीले पदार्थ, जो कर सकते हैं आप को बहुत बीमार
वायु प्रदूषण में मौजूद हानिकारक पदार्थों से कई गंभीर बीमारियां होती हैं.

प्रदूषित वायु (polluted air) में मौजूद जहरीले तत्व के छोटे-छोटे कण सांस लेते वक्त हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं और हमारे दिल, फेफड़े और मस्तिष्क में पहुंच कर कई गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं.

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  • Last Updated: November 4, 2019, 1:21 PM IST
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दिल्ली (Delhi) में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते हालात बहुत खतरनाक हो गए हैं. दरअसल प्रदूषित वायु में कई हानिकारक पदार्थ मौजूद होते हैं. जो मानवीय जीवन और स्वास्थ्य पर कई गंभीर असर डालकर समस्याओं को जन्म देती हैं. रविवार को दिल्ली-एनसीआर का एयर क्वालिटी इनडेक्स जहरीले स्तर को पार कर गया. जिसके चलते सरकार ने पब्लिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समस्या को लेकर रविवार को प्रमुख कैबिनेट सचिव के साथ हाई लेवल मीटिंग की.

बता दें कि प्रदूषित वायु में मौजूद जहरीले तत्व के छोटे-छोटे कण सांस लेते वक्त हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं. प्रदूषित जहरीले कण हमारे दिल, फेफड़े और मस्तिष्क में पहुंच कर कई गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं. प्रदूषित वायु से कैंसर, पार्किंसंस, दमा, खांसी, आंखों मे जलन और खतरनाक एलर्जी की बीमारी होती है. इसके अलावा प्रदूषित वायु के प्रभाव से ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की समस्या भी उत्पन्न होती है. जिसका मानव स्वास्थ्य पर गंभीर हानिकारक प्रभाव पड़ता है.

दूषित जहरीले कण हमारे दिल, फेफड़े और मस्तिष्क में पहुंच कर कई गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं.


दूषित वायु में उद्योगों और वाहनों से निकलने प्रदूषित गैसें

गौरतलब है कि प्रदूषित वायु में उद्योगों और वाहनों से निकलने वाली धुआं और प्रदूषित गैसें के अलावा धूल के कण भी शामिल होते हैं. एक रिसर्च के अनुसार हवा में मौजूद धूण के कणों में 10 माइक्रोग्राम की कमी से व्यक्ति औसत जीवनकाल में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है. वायु प्रदूषण का हृदय और मस्तिष्क के रोगों से सीधा संबंध है.

प्रदूषित वायु में शामिल सबसे जहरीली गैस सल्फर डाई ऑक्साइड होती है. यह गैस का उत्सर्जन कोयला, पेट्रोलियम और दूसरे फ्यूल से पदार्थों के जलने से होता है. वायु प्रदूषण में कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन जैसी गैसों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है. इस गैस के प्रभाव से गंभीर सांस और फेफड़ो की बीमारी होती है. साथ ही मस्तिष्क के रोगों के साथ-साथ दिल के दौरे में भी प्रदूषित वायु मुख्य कारण है.

वायु प्रदूषण में कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन जैसी गैसों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है.

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वायु प्रदूषण से पृथ्वी के तापमान में बृद्धि
वायु प्रदूषण में शामिल कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड गैंसे पृथ्वी का तापमान बढ़ाने में अपना योगदान देती है. ये गैंसे पृथ्वी के वायु मंडल में एक परत का निर्माण करती हैं. ये परत धरातल से निकलने वाली ऊर्जा को रोक देती हैं. जिससे पृथ्वी के तापमान में बृद्धि होती है और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा करती है.

पृथ्वी के तापमान में अचानक वृद्धि के कारण दस्त, पेट में दर्द, उल्टी, सिरदर्द, बुखार और शरीर में दर्द की समस्या बढ़ रही है. साथ ही गर्मी में वृद्धि से त्वचा के रोग और खुजली की समस्याएँ भी उत्पन्न हो रही हैं. वहीं कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस को ज्यादा मात्रा में सूंघने मातृ से मौत हो सकती है.

तापमान में अचानक वृद्धि के कारण दस्त, पेट में दर्द, उल्टी, सिरदर्द, बुखार और शरीर में दर्द की समस्या बढ़ रही है.


वायु प्रदूषण से होने वाली प्रमुख बीमारियां
1-वायु प्रदूषण के कारण सबसे ज्यादा समस्या फेफड़ों की बीमारी को लेकर आती है. जिससे विशेषरूप से बच्चे प्रभावित होते हैं. वायु प्रदूषण से फेफड़ों की होने वाली बीमारी में अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज हैं. इसके अलावा प्रदूषण से वायु में रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर की अधिकता से कई श्वसन रोग हो सकते हैं.

2- वायु प्रदूषण से फेफड़ों में होने वाले कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाले कैंसर का लोग शिकार हो रहे हैं. साथ ही फेफड़े के कैंसर, ट्यूमर और तपेदिक के लिए भी वायु प्रदूषण जिम्मेदार है.

3- प्रदूषित वायु में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड के कारण लोगों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा वायु प्रदूषण के प्रभाव से छाती में दर्द, कफ, सांस लेने में दिक्कत, सांस लेते वक्त आवाज निकलना और गले का दर्द की बीमारी होती है.

4- कमजोर दिल वाले लोगों में वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर होता है. प्रदूषित वायु में लबसे समय तक सांस लेने से ह्दय रोग का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा प्रदूषित वायु से हृदय की मांसपेशियों को भी कमजोर करती है और कोरोनरी स्ट्रोक में वृद्धि होती है.

कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड के कारण लोगों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.


5- दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण यहां रहने वाले लोगों में मस्तिष्क से संबंधित बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. एक रिसर्च से यह साबित हुआ है कि वायु प्रदूषण के कारण लोगों के मस्तिष्क में नैनोकण पाए जाते हैं. जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है. जिसके चलते लोग अल्जाइमर रोग से पीड़ित हो रहे हैं.

6- हाल ही में आए एक शोध रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण से गुर्दा संबंधी रोगों की समस्या तेजी से बढ़ रही है. इसके अलावा वायु प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चे पर हो रहा है. प्रदूषित वायु में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और बच्चों में मस्तिष्क की विकृति, अस्थमा और मस्तिष्क की अयोग्य विकास जैसे विभिन्न रोगों का हमेशा खतरा बना रहता है.

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First published: November 4, 2019, 1:18 PM IST
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