क्या होता है वेट मार्केट, वुहान में जहां से Corona संक्रमण फैला?

WHO के मुताबिक किसी लैब से नहीं, बल्कि वुहान के वेट मार्केट से कोरोना संक्रमण फैला- सांकेतिक फोटो (pixabay)

कोरोना की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन पहुंची WHO टीम ने अपनी जांच सामने रखी है. उनके मुताबिक किसी लैब से नहीं, बल्कि वुहान के वेट मार्केट (wet market in Wuhan, China) से कोरोना संक्रमण फैला.

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    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की टीम चीन के वुहान में कोरोना संक्रमण की जांच करने पहुंची. बता दें कि वुहान से ही कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत हुई थी, जो अब तक कहर मचा रहा है. ऑरिजिन के कारणों की जांच के लिए पहुंची WHO टीम के मुताबिक संक्रमण वुहान वेट मार्केट से फैला. ये वो बाजार है, जहां सब्जियां-फल और मांस एक साथ मिलते हैं.

    क्या कहना है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का
    WHO टीम के एक वैज्ञानिक डॉ. पीटर डस्जाक के मुताबिक ऐसा हो सकता है कि कोरोना वायरस ने जंगली जानवरों के जरिए वहां खेती या दूसरे काम-धंधे में लगे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और उनसे होते हुए संक्रमण वुहान वेट मार्केट पहुंच गया. वैसे इससे पहले से ही वुहान वेट मार्केट संदेहों के घेरे में रहा था. इस बाजार को चीन में जंगली जानवरों से लेकर समुद्री जंतुओं के फ्रेश मीट का सबसे बड़ा सुपर मार्केट माना जाता है.



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    वुहान वेट मार्केट की खासियत
    करीब 3 तीन साल पहले जब वुहान में तमाम तरह के जानवरों के मीट का ये सुपर बाजार खुला तो ये देश का सबसे बड़ा और अनोखा सी-फूड मार्केट था, जो करीब 16,000 स्क्वायर मीटर में फैला है. इसमें 300 से ज्यादा दुकानें हैं. ये मार्केट दावा करता है, जितने जानवरों का मीट वो बेचता है, उतने कहीं नहीं मिलते और वो एकदम फ्रेश. हालांकि पूरे चीन में छोटे स्तर से ऐसे बाजार बहुतायत में हैं. वहीं वुहान वेट मार्केट की खासियत ये है कि यहां 112 से ज्यादा जंतुओं का मीट मिलता है. कितने ही जानवर इस बाजार में जिंदा पिंजरों पर लटके रहते हैं. आर्डर आते ही उन्हें कस्टमर के सामने पलक झपकते काट दिया जाता है.

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    वुहान वेट मार्केट करीब 16,000 स्क्वायर मीटर में फैला है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    क्या होते हैं वेट मार्केट
    वेट मार्केट या पब्लिक मार्केट में फ्रेश मीट, मछलियां, सीफूड जैसी चीजें मिलती हैं. कई वेट मार्केट में जिंदा जानवर भी बेचे जाते हैं, जहां कस्टमर की डिमांड पर दुकानदार उन जीवों को मारकर मीट सप्लाई करते हैं. हालांकि ऐसे मार्केट को बैन करने की मांग पेटा (PETA) लगातार करता रहा है. वेट मार्केट दुनिया के कई हिस्से में मौजूद हैं लेकिन चीन सहित कुछ दक्षिण एशियाई देशों में इसका सबसे ज्यादा प्रचलन है. वैसे सभी वेट मार्केट में जहरीले और जंगली जानवरों के मीट नहीं बेचे जाते हैं. लेकिन वुहान के जिस मार्केट से कोरोना के निकलने की बात की जा रही है वहां पर ऐसे जीव बेचे जाते हैं.

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    कब और क्यों पड़ा वेट मार्केट नाम
    वेट मार्केट टर्म की शुरुआत साल 1970 के दशक में सिंगापुर से मानी जाती है. तब वहां की सरकार ने इस टर्म का इस्तेमाल पारंपरिक बाजारों से अलग फ्रेश मीट मार्केट के लिए शुरू किया था. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में इस टर्म को साल 2016 में शामिल किया गया. डिक्शनरी में जिक्र है कि इस टर्म का ज्यादातर इस्तेमाल दक्षिणीपूर्वी एशिया में किया जाता है.

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    क्या कहता है शब्दकोश
    ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के मुताबिक सिंगापुर के अखबार The Straits Times में टर्म का साल 1978 में शुरुआती इस्तेमाल मिलता है. WET या गीले शब्द के इस्तेमाल के पीछे इन बाजारों की जमीन पर पानी फैला होना माना जाता है. आम तौर पर मीट मार्केट में मीट धोने से पानी जमीन पर फैल जाता है. अगर वेट मार्केट की बात की जाए तो चीन के अलावा अन्य कई देशों में भी इसका खूब प्रचलन है.

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    यहां सी-फूड के अलावा एग्जॉटिक जानवर भी बेचे जाते हैं- सांकेतिक फोटो (piqsels)


    हांगकांग में भी विशाल वेट मार्केट
    मिसाल के तौर पर हांगकांग में वेट मार्केट का पुराना इतिहास है. यहां तकरीबन हर इलाके में वेट मार्केट मिल ही जाएगा. वेट मार्केट सैलानियों के घूमने की जगह भी मानी जाती है क्योंकि यहां के लोगों का मानना है कि इन वेट मार्केट में रियल हॉन्गकॉन्ग दिखता है. लेकिन हॉन्गकॉन्ग में एक भी ऐसा वेट मार्केट नहीं जहां पर जहरीले या जंगली जानवरों का मांस बेचा जाता हो. हॉन्गकॉन्ग के वेट मार्केट अपेक्षाकृत काफी साफ माने जाते हैं और यहां पर फ्लू को फैलने से रोकने के लिए काफी प्रयास किए जाते हैं.

    इंडोनेशियाई खानपान का हिस्सा
    इंडोनेशिया के वेट मार्केट वहां के पारंपरिक बाजारों का हिस्सा हैं. इन्हें पसार पागी कहा जाता है. हालांकि यहां के वेट मार्कट में काम करने वाले लोगों को सुपरमार्केट स्टोर से चैलेंज मिल रहा है. 2018 में वेट मार्केट वेंडरों ने सरकार से चिंता जाहिर की थी. देश में बीते एक दशक के दौरान शहरी इलाकों में कई वेट मार्केट का जीर्णोद्धार कराया गया है. साल 2018 में राजधानी जकार्ता में पहला आधुनिक वेट मार्केट शुरू किया गया था जिसमें एक लैब के साथ मीट को फ्रीज करने की सुविधा भी मौजूद है.

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    हांगकांग में तकरीबन हर इलाके में एक वेट मार्केट मिल ही जाता है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    पड़ोसी देश मलेशिया में भी वेट मार्केट
    कोरोना की वजह से साल 2020 से मलेशिया ने आधिकारिक तौर पर ऐसे बाजार बंद कर दिए. यहां कई जगहों पर वेट मार्केट के रात में खुलने का प्रावधान है. ये पारंपरिक स्वरूप वाले वेट मार्केट होते हैं जहां मीट की गुणवत्ता जानने का कोई तरीका नहीं होता है. इन देशों के अलावा मैक्सिको, फिलीपींस और सिंगापुर जैसे देशों में भी वेट मार्केट का चलन है. सिंगापुर में तो वेट मार्केट में सरकार सब्सिडी भी देती है.

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    कोरोना फैलने के साथ ही चीन का वुहान वेट मार्केट चर्चा में आ गया. हालांकि कई देश लगातार इस बात को चीन की साजिश या लापरवाही बताते रहे हैं. अमेरिका समेत ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने साल 2020 में आरोप लगाया था कि वायरस बाजार से नहीं, बल्कि वुहान के लैब 4 से फैला है, जहां खतरनाक वायरसों पर प्रयोग हो रहा है. यहां तक कि WHO पर भी चीन से मिलीभगत का आरोप लगा. इसी वजह से WHO टीम चीन में जांच के लिए पहुंची.

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