जानें क्‍या है क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया, जिसका इलाज कराने के लिए अमेरिका गए थे ऋषि कपूर

जानें क्‍या है क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया, जिसका इलाज कराने के लिए अमेरिका गए थे ऋषि कपूर
ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में निधन हो गया.

बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) ने न्‍यूयॉर्क में 8 महीने का इलाज पूरा होने के बाद मई, 2019 में चुप्‍पी तोड़ी और बताया कि उन्‍हें कैंसर (Cancer) था और अब ठीक हैं. इस साल फरवरी से वह बार-बार बीमार हो रहे थे. हाल में उनके कैंसर रीलैप्‍स की चर्चा भी हुई थी. आज सुबह मुंबई (Mumbai) के एचएन रिलायंस अस्पताल में उन्‍होंने अंतिम सांस ली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 12:35 PM IST
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बॉलीवुड के लिए अप्रैल जाते-जाते एक के बाद एक दो सदमे दे गया. पहले एक्‍टर इरफान खान (Irrfan Khan) ने कैंसर से जुड़ी समस्‍या के कारण बुधवार को दुनिया को अलविदा कहा तो बृहस्‍पतिवार सदाबहार अभिनेता ऋषि कूपर (Rishi Kapoor) के निधन की खबर के साथ शुरू हुआ. ऋषि कपूर ने भी कैंसर के चलते मुंबई के अस्‍पताल में आखिरी सांस ली. उनकी कुछ दिन से तबीयत खराब चल रही थी. इसलिए कुछ दिन पहले उन्‍हें मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर ने बताया था कि उन्हें आईसीयू में रखा गया है. उन्‍हें बार-बार वेंटिलेटर की भी जरूरत पड़ रही है. वह अमेरिका में कैंसर का इलाज कराने के बाद सितंबर, 2019 में भारत लौटे थे. अस्‍पताल के मुताबिक, उन्‍हें कैंसर संबंधित समस्या के चलते ही भर्ती कराया गया था. आज सुबह उनके निधन की जानकारी अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने ट्वीट कर के दी. इसके बाद परिवार ने आज उनके निधन की जानकारी देते हुए बताया कि वह दो साल से ल्‍यूकेमिया यानी ब्‍‍‍‍लड कैंसर से जूझ रहे थे.

कीमोथेरेपी के बाद भी बीमारी लौटने की रहती है आशंका
ल्यूकेमिया के चलते शरीर में गैर-सेहतमंद कोशिकाओं के बढ़ने से मरीज की इम्‍यूनिटी कमजोर होने लगती है. इससे वो इंफेक्शन और बुखार की चपेट में जल्दी-जल्‍दी आने लगता है. साथ ही इस बीमारी में मरीज की त्‍वचा भी पीली होने लगती है. वह हर वक्‍त थकान महसूस करने लगता है. स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि ल्यूकेमिया 66 साल की उम्र में होने वाला एक प्रकार का ब्लड कैंसर है, जिसे क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (CLL) के नाम से भी जाना जाता है. आमतौर पर इसमें ब्लड कैंसर के शुरुआती स्तर पर इलाज नहीं होता है, लेकिन जब यह कैंसर बढ़ जाता है और इसके लक्षण सामने आने लगते हैं, तब इसका इलाज शुरू होता है. कीमोथैरेपी के बाद भी इस बीमारी के लौटने की आशंका बनी रहती है. इसलिए बीमारी के वापस आने की आशंका को कम करने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जाता है.

न्‍यूयॉर्क में 11 महीने तक चला कैंसर का इलाज 
ऋषि कपूर को 2018 में ब्‍लड कैंसर का पता चला था. इसके बाद वह इलाज के लिए अमेरिका चले गए थे. इसके बाद 11 महीने अमेरिका में इलाज कराकर सितंबर, 2019 में भारत लौट आए थे. अमेरिका में पूरे वक्त उनके साथ पत्नी नीतू थीं. उनके बेटे रणबीर कपूर कई बार उनसे मिलने न्यूयॉर्क गए थे. वह जब न्यूयॉर्क में इलाज करा रहे थे तो उनके दोस्त और चाहने वाले लगातार उनकी सेहत का हाल जानने वहां पहुंचते रहते थे. प्रियंका चोपड़ा, आलिया भट्ट, अनुपम खेर, आमिर खान, शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण, करण जौहर और मलाइका अरोड़ा उनसे मिलने न्‍यूयॉर्क गए थे. इधर, भारत में उनके अमेरिका जाते ही कैंसर होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. इसके बाद मई, 2019 में उन्‍होंने खुद अपनी बीमारी पर 8 महीने लंबी चुप्‍पी तोड़ दी.



अमेरिका में 11 महीने 11 दिन चले इलाज के दौरान पत्‍नी नीतू लगातार साथ रहीं. वहीं, बेटे रणवीर कपूर उनसे मिलने जाते रहते थे.


8 महीने के इलाज के बाद बताई अपनी बीमारी
ऋषि कपूर जब इलाज कराने न्यूयॉर्क गए थे, तब उन्होंने कैंसर से ग्रसित होने की खबरों से साफ इनकार कर दिया था. लेकिन 8 महीने का इलाज पूरा होने के बाद उन्‍होंने बताया कि मुझे कैंसर हो गया था. भगवान की कृपा थी मुझ पर और अब मैं कैंसर फ्री हूं. साथ ही बताया कि कैंसर फ्री होने के बावजूद अभी मेडिकल ट्रीटमेंट बाकि है, जिसकी वजह से मुझे इंडिया लौटने में अभी टाइम लगेगा. मुझे बोनमैरो ट्रांसप्लांट कराना है, जिसमें अभी 2 महीने और लगेंगे. उसके बाद साल में एक बार या आधे साल में एक बार मुझे यहां चेकअप के लिए आना पड़ेगा.

ऋषि कपूर ने बताया कि जब मैं इलाज कराने के लिए अचानक अमेरिका चला आया था तो भारत में मेरे लिए सब बहुत परेशान थे. उन्‍होंने बताया कि मुझे मेरी इस परेशानी का तब पता चला जब मैं दिल्ली में शूटिंग कर रहा था. उस समय मुझे अपने सफेद बालों पर डाई करनी थी. लेकिन, मुझे जल्द से जल्‍द सलोअन कैटरिंग हॉस्पिटल जाने के लिए कहा गया. उस समय हर जगह ये अफवाह उड़ने लगी थी कि मेरी तबियत इतनी खराब है कि रातों रात मेरे बाल सफेद हो गए.

इलाज के दौरान घट गया था 26 किग्रा वजन
बॉलीवुड अभिनेता ने बताया कि इस अफवाह को गलत साबित करने के लिए जब भी मेरा कोई दोस्त मुझसे मिलने आता था तो वो मेरे साथ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करता था. ताकि सबको पता चले कि इस समय ऋषि कपूर कैसे दिख रहे हैं. धीरे-धीरे मेरी तबियत सुधरने लगी. उस समय मेरा एक साथ 26 किलो वजन घट गया था. मुझे शुरू के चार महीनों तक भूख नहीं लगती थी, लेकिन अब मैंने 7 से 8 किलो वजन बढ़ा लिया है.

ऋषि कपूर के इलाज के दौरान उनके दोस्‍त मिलने के लिए अक्‍सर न्‍यूयॉर्क पहुंच जाते थे.


कुछ दिन पहले ऋषि ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'अब मैं बहुत बेहतर महसूस कर रहा हूं और कोई भी काम कर सकता हूं. सोच रहा हूं कि एक्टिंग दोबारा कब शुरू करूं. पता नहीं लोगों को अब मेरा काम पसंद आएगा भी या नहीं.' उन्‍होंने बताया कि न्यूयॉर्क में मुझे कई बार खून चढ़ाया गया था. तब मैंने नीतू से कहा था, उम्मीद करता हूं कि नए खून के बावजूद मैं एक्टिंग नहीं भूलूंगा.

फरवरी में कैंसर रीलैप्‍स को लेकर हुई थी चर्चा
ऋषि कपूर फरवरी, 2020 में दो बार अस्पताल में भर्ती हुए थे. एक बार जब वह दिल्ली में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे तो उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस समय खुद ऋषि ने कहा था कि वह संक्रमण से पीड़ित थे. मुंबई लौटने के बाद, उन्हें फिर वायरल बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी तबियत जल्दी सुधर जाने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी. कुछ वक्त पहले ऋषि कपूर दिल्ली में एक ऐड की शूटिंग के वक्त बीमार पड़ गए थे. इसके बाद उन्हें मुंबई के हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था. तब उन्हें कैंसर रीलैप्स (फिर से वापस आना) की चर्चा शुरू हो गई थी. हालांकि, बाद में उन्‍होंने बताया कि उन्‍हें वायरल हुआ था. उन्‍होंने लोगों को उनकी इतनी चिंता करने के लिए धन्‍यवाद भी दिया था. सोशल मीडिया पर लॉजिकल और अग्रेसिव कमेंट्स के लिए मशहूर ऋषि कपूर ने 2 अप्रैल के बाद ट्विटर अकाउंट पर कुछ भी पोस्ट नहीं किया. उन्होंने बीते दिनों दीपिका पादुकोण के साथ हॉलीवुड फिल्म 'द इंटर्न' के रीमेक में काम करने की घोषणा भी की थी.

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