क्या होता है कॉन्सुलर एक्सेस, कुलभूषण जाधव को इससे क्या होगा फायदा?

News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 12:49 PM IST
क्या होता है कॉन्सुलर एक्सेस, कुलभूषण जाधव को इससे क्या होगा फायदा?
कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं.

कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) का मतलब है कि जिस देश का कैदी है उस देश के राजनयिक या अधिकारी को जेल में बंद कैदी से मिलने की इजाजत दी जाए. आइए जानते हैं इससे कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) के केस पर क्या असर होगा...

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 2, 2019, 12:49 PM IST
  • Share this:
पाकिस्तान (Pakistan) की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) के लिए आज अहम दिन हैं. अंतराराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के आदेशानुसार पाकिस्तान आज कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) दे रहा है. इसके तहत पाकिस्तान में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर (Deputy High Commissioner) गौरव अहलूवालिया (Gaurav Ahluwalia) जाधव से मिलने पाक विदेश मंत्रालय के दफ्तर पहुंचे हैं. उनसे मुलाकात के बाद डिप्टी कमिश्नर भारत सरकार को रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी.

आइए जानते हैं आखिर क्या होता है कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) और इससे क्या होगा:-

क्या है कॉन्सुलर एक्सेस?
कॉन्सुलर एक्सेस का मतलब है कि जिस देश का कैदी है उस देश के राजनयिक या अधिकारी को जेल में बंद कैदी से मिलने की इजाजत दी जाए. जैसे- भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव. उन्हें पाकिस्तान ने जेल में कैद कर रखा है. भारतीय सरकार की ओर से भारतीय उच्चायुक्त या उच्चायोग के अधिकारी को कुलभूषण से मिलने की इजाज़त मिली है, इसे ही कॉन्सुलर एक्सेस कहते हैं.

कॉन्सुलर एक्सेस का कंसेप्ट कहां से आया?
कॉन्सुलर एक्सेस का कंसेप्ट 1963 में हुए वियना कन्वेंशन (Vienna Convention on Consular Relations) में आया था. ये वो दौर था जब सोवियत रूस और अमेरिका के जासूस एक-दूसरों के मुल्कों जासूसी करते थे. कॉन्सुलर एक्सेस देने के पीछे उद्देश्य ये था कि पकड़े गए जासूसों तक पहुंच बनाई जा सके. VCCR दुनिया में हुई कुछ चुनिंदा संधियों में से एक है, जिसे 170 से ज्यादा देश मान्यता देते हैं.

Loading...

VCCR के आर्टिकल 36 के तहत अगर किसी भी विदेशी नागरिक को पकड़ा जाता है, तो इस बात की सूचना बिना देर किए संबंधित दूतावास या उच्चायोग को दी जानी चाहिए. दूतावास/उच्चायोग का हक बनता है कि वो अपने देश के नागरिक से मिल सके और उसकी कानूनी मदद कर सके.


हालांकि, इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है. ये निर्भर करता है कि कितनी जल्दी दूतावास/उच्चायोग कैदी तक पहुंच पाता है. जितनी जल्दी पहुंचेंगे उतना ही बचने का चांस ज्यादा होता है.



इससे क्या होगा?
कॉन्सुलर एक्सेस से अधिकारी दूसरे देश में कैद अपने देश के नागरिक का हाल चाल लेते हैं. मसलन उनसे पूछा जाता है कि जेल में उनके साथ कैसा बर्ताव हो रहा है? उनके साथ कोई हिंसक घटना तो नहीं हुई है? क्या किसी भी तरह कैदी को टॉर्चर किया गया है? पूरा मामला क्या है? कैदी आगे क्या चाहता है?

JADHAVV
2017 में कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी ने मुलाकात की थी.


कुलभूषण जाधव केस में इसका क्या महत्व है?
कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को नकारा जा चुका है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था.

पाकिस्तान के आर्मी कोर्ट ने सीक्रेट ट्रायल के बाद कुलभूषण को फांसी की सज़ा सुनाई थी, जिसके बाद ये मामला सामने आया. जाधव के लिए कॉन्सुलर एक्सेस मिलने का मतलब ये है कि भारत के राजनयिक इस केस में कुलभूषण जाधव को उचित सलाह देकर पाकिस्तान के पक्ष को कमजोर कर सकते हैं. कॉन्सुलर एक्सेस मिलने के बाद इस केस में जाधव की बात भी रखी जा सकेगी, जो अब तक सामने नहीं आ पाई है. इसके पहले पाकिस्तान कुलभूषण जाधव का एक वीडियो जारी कर चुका है, जिसमें दबाव डालकर जाधव से जासूसी की बात मनवाई गई. कॉन्सुलर एक्सेस के तहत जाधव से मिलकर अधिकारी उस वीडियो की सच्चाई भी जान पाएंगे.

पाकिस्तान ने पहले रखी थी ये शर्त
हालांकि, पहले पाकिस्तान की ओर से शर्त लगाई गई थी जब भारतीय राजनयिक उससे मुलाकात करेंगे तब पाकिस्तान का एक अधिकारी भी उनके साथ होगा. लेकिन भारत को ये बात मंजूर नहीं थी. इसलिए ये प्रस्ताव काफी समय से लटका हुआ था. अब बिना शर्त कॉन्सुलर एक्सेस से जाधव की बात सामने लाई जा सकेगी और पाकिस्तान का पर्दाफाश किया जा सकेगा.

ये भी पढ़ें:

कुलभूषण जाधव केस: अगर पाकिस्तान ने ICJ का फैसला नहीं माना तो क्या होगा?
भारत के पक्ष में आईसीजे का फैसला, कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 2, 2019, 12:27 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...