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जानें पीएम नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' का क्या है मतलब, पैकेज से किसको क्‍या मिलेगा

जानें पीएम नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' का क्या है मतलब, पैकेज से किसको क्‍या मिलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुुए देश को आत्‍मनिर्भरर बनाने की बात की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुुए देश को आत्‍मनिर्भरर बनाने की बात की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है. साथ ही संकेत दिए कि देश को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए कई क्षेत्रों में आने वाले समय में रिफॉर्म्‍स भी किए जाएंगे.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लॉकडॉउन-3.0 के खत्‍म होने से पहले देश को संबोधित करते हुए बार-बार 'आत्‍मनिर्भर भारत अभियान' की बात की. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया जा रहा है, जो देश की जीडीपी का करीब 10 फीसदी होगा. उन्‍होंने कहा कि इस पैकेज से देश की अर्थव्‍यवस्‍था के विभिन्‍न स्‍तंभों (Pillars of Economy) को इकोनॉमिक सपोर्ट मिलेगा. यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा. आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ पर जोर दिया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि ये आर्थिक पैकेज देश के कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, एमएसएमई के लिए है. ये सेक्‍टर्स देश के करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं.

    पैकेज से देश के हर वर्ग को मिल सकेगी राहत
    पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक और किसान के लिए है, जो हर तरह हालात व मौसम में देश के लोगों के लिए दिनरात मेहनत करता है. वहीं, इस पैकेज से उस मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, जो पूरी ईमानदारी के साथ टैक्स देकर देश की तरक्‍की में योगदान देता है. यह भारत के उद्यमियों के लिए है, जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए वचनबद्ध हैं. इस दौरान उन्‍होंने स्पष्ट किया कि देश में बड़े पैमाने पर सुधार किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए सुधार की प्रतिबद्धता के साथ अब देश को आगे बढ़ाना जरूरी है. पिछले 6 वर्ष में हुए सुधारों के कारण ही ऐसे संकट के इस समय भी भारत की व्यवस्था ज्‍यादा समर्थ और सक्षम नजर आ रही है. आज भारत सरकार जो पैसे भेजेगी वो पूरा का पूरा गरीब की जेब में, किसान की जेब में पहुंच पाएगा.

    आर्थिक पैकेज से छोटे व मझोले उद्योगों को टैक्‍स में छूट मिल सकती है. इसमें मैंन्‍युफैक्‍चरिंग और निवेश बढ़ाने पर भी जोर रहेगा.


    आर्थिक पैकेज से किसको क्‍या मिल सकता है
    आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस पैकेज से छोटे व मझोले उद्योगों को टैक्‍स में छूट मिल सकती है. इससे मैंन्‍युफैक्‍चरिंग और निवेश बढ़ाने पर जोर रहेगा. इस साल 1.50 प्रतिशत रेट कट की उम्मीद भी की जा सकती है. जेफरीज ने कहा है कि ये पैकेज काफी बड़ा है. इससे MSMEs और एग्रीकल्‍चर सेक्टर को काफी राहत मिलेगी. अमेरिकी रेटिंग एजेंसी जेपी मॉर्गन के मुताबिक, ये पैकेज उम्मीद से बड़ा है. इसमें लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ पर जोर दिया गया है. वहीं, गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि सरकार निवेश बढ़ाने पर जोर देगी. किसानों को मजबूती देने लिए पैकेज में कई प्रावधान किए गए हैं. इस पैकेज के जरिये पीएम किसान सम्मान योजना का विस्तार किया जा सकता है. वहीं, किसानों की आय बढ़ाने पर भी वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारणम घोषणा कर सकती हैं.

    अब तक के सुधारों का मिला फायदा, रहेंगे जारी
    प्रधानमंत्री ने कहा कि जनधन, आधार, मोबाइल, जैम की शक्ति से जुड़े सिर्फ एक सुधार की वजह से लोगों को उनके हक का पूरा का पूरा मिल पा रहा है. अब हमें रिफॉर्म्स के इस दायरे को व्यापक करना है और नई ऊंचाई देनी है. किसानों को मजबूती देने के लिए खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में सुधार किए जाएंगे ताकि भविष्य में कोरोना जैसे किसी संकट के समय किसान पर कम से कम असर हो. इसके अलावा रेशनल टैक्स सिस्टम, सरल व स्पष्ट नियम कानून, इंफ्रास्ट्रक्चर, समर्थ व सक्षम मानव संसाधन और मजबूत फाइनेंशियल सिस्टम के निर्माण के लिए सुधार किए जाएंगे. कारोबारी गतिविधियों को प्रात्‍साहित करने, निवेश आकर्षित करने और मेक इन इंडिया के संकल्‍प को मजबूत करने के लिए सुधार किए जाएंगे.

    पीएम मोदी ने कहा कि बीते छह साल में किए गए आर्थिक सुधारों के कारण ही देश संकट के इस दौर में भी मजबूती से खड़ा है. कृषि समेत अन्‍य क्षेत्रों में सुधार आगे भी जारी रहेंगे.


    इन पांच पिलर्स पर खड़ा होगा आत्‍मनिर्भर भारत
    पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पांच स्तंभों पर खड़ा होगा. इनमें पहला पिलर ऐसी इकोनॉमी का होगा, जो इंक्रीमेंटल चेंज के बजाय क्वांटम जंप लाए. वहीं, दूसरा पिलर आधुनिक भारत की पहचान बनने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा. तीसरे पिलर के तौर पर एक ऐसा सिस्टम होगा, जो बीती शताब्दी की रीति-नीति नहीं बल्कि 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्थाओं पर आधारित हो. आत्‍मनिर्भर भारत का चौथा पिलर हमारी डेमोग्राफी है. दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी में हमारी वाइब्रेंट डेमोग्राफी हमारी ताकत है. आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है. पांचवां पिलर डिमांड का होगा. उन्‍होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था के डिमांड और सप्लाई चेन के सर्किल को पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने की जरूरत है. देश में डिमांड बढ़ाने के लिए, डिमांड को पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है. उन्‍होंने सप्लाई चेन और आपूर्ति व्यवस्था में स्‍थानीय चीजों को तव्‍वजो देने की बात की.

    पूरी दुनिया की चिंता करना ही भारतीय संस्‍कृति है
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान पूरी दुनिया की चिंता की बात भी की. उन्‍होंने कहा कि भारत की संस्कृति, संस्कार उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं, जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुम्बकम है. भारत जब आत्मनिर्भरता की बात करता है, तब आत्मकेंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता है. भारत की आत्मनिर्भरता में पूरी दुनिया के सुख, सहयोग और शांति की चिंता होती है. जो संस्कृति जय जगत में विश्वास रखती हो, जो जीव मात्र का कल्याण चाहती हो, जो पूरे विश्व को परिवार मानती हो, जो अपनी आस्था में मातृ भूमिः पुतौ अहम पृथ्वीः की सोच रखती हो, जो पृथ्वी को मां मानती हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि जब आत्मनिर्भर बनती है तो उससे सुखी समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है.

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    Tags: Coronavirus in India, Economic Package, Economic Reform, India agriculture, Indian FMCG industry, Nirmala sitharaman, Pm narendra modi

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