Home /News /knowledge /

जानिए इजराइल में दीवारों पर कैसे की जाती है खेती और उगाई जाती हैं सब्जियां

जानिए इजराइल में दीवारों पर कैसे की जाती है खेती और उगाई जाती हैं सब्जियां

इजराइल में वर्टिकल फार्मिंग का उपयोग अनाज की खेती के लिए किया जाता है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इजराइल में वर्टिकल फार्मिंग का उपयोग अनाज की खेती के लिए किया जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Vertical Farming पिछले कुछ सालों से लोकप्रिय हो रही है, इजराइल (Israel) में तो इसका उपयोग कर खेती भी की जा रही है.

    दुनिया में खाद्य (Food) आपूर्ति हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहा है. कृषि उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों पर भी शोध चल रहे हैं. वहीं एक तकनीक ने लोगों का शहरों में खास तौर पर ध्यान आकर्षित किया है. यह  तकनीक है वर्टिकल फार्मिंग (Vertical Farming) यानि की दीवार पर खेती. यह तकनीक धीरे-धीरे दुनिया में काफी लोकप्रिय हो रही है. इजराइल (Israel) में तो इसे खास तौर पर खेती के लिए उपयोग में लाया जा रहा है.

    जहां जमीन की कमी वहां के लिए बहुत उपयुक्त
    हमारे में कृषि के लिए बहुत जमीन है, लेकिन इजराइल जैसे देशों में जमीन की खासी कमी है, इसी समस्या से निजात पाने के लिए वहां लोगों ने वर्टिकल फार्मिंग का विचार अपनाया. यह आधुनिक कृषि के लिए एक नया क्षेत्र हैं दुनिया की आधी से ज्यादा जनसंख्या शहरों में होती है जहां से खेत बहुत ही ज्यादा दूर स्थित होते हैं. घने शहरों में लोगों का ध्यान इस तकनीक पर ज्यादा गया है.

    कई तरह के समाधान ने बनाया आकर्षक
    वर्टिकल फार्मिंग की तकनीक इन इलाकों में कई  तरह के समाधान लाती है. अपने घर की दीवार को एक छोटा सा फार्म बनाने के मौका का विचार कई लोगों को आकर्षित कर रहा है. कई लोग इसके जरिए अपने घर की दीवार को सजावट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं तो कुछ लोग इसके जरिए अपनी पसंद की सब्जी ऊगाने के लिए. इस पद्धति से बड़ी दीवारों पर गेहूं, चावल, जैसे अनाजों के अलावा कई तरह की सब्जियों का भी उत्पादन हो सकता है.

    Farming
    यह परंपरागत खेती से थोड़ी महंगी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    कैसे काम करती है यह तकनीक
    इस तकनीक के सरलतम रूप में दीवार पर ऐसी व्यवस्था की जाती है की पौधे अलग से छोटे-छोटे गमलों में लगाए जाते हैं और उन्हें व्यवास्थित तरीके से दीवार पर इस तरह से रख दिया जाता है कि वे गिर न सकें. इनकी सिंचाई के लिए खास तरह की ड्रॉप इरिगेशन (Drop Irrigation) की तरह की  व्यवस्था होती है जिससे इन पौधों को नियंत्रित तरीके से पानी दिया जाता है और इससे पौधों को दी जानी वाली पानी की मात्रा तो नियंत्रित होती है, पानी की बचत भी बहुत बचत होती है. इस पूरी सिंचाई व्यवस्था को कम्प्यूटर के जरिए नियंत्रित भी किया जा सकता है. हां यह जरूर है कि इन पौधों को खास समय पर यानी कि थोड़ा विकसित होने पर ही दीवार पर लगाया जाता है.

    पानी की वजह से आते हैं भूकंप और सुनामी, शोध में पता चला कैसे

    शहरी इलकों में बहुत फायदेमंद
    इस तरह के पद्धति को लोग अपने घरों में गार्डनिंग के लिए खास तौर पर पसंद कर रहे हैं. इसके पर्यावरण के लिहाज से भी बहुत फायदे हैं. सबसे अहम है कि यह शहरी इलाकों में काफी हरियाली ला सकता है. इसमें पानी का बहुत किफायत तरीके से उपयोग होता है जो परंपरागत गार्डनिंग से बहुत बेहतर है. दीवार पर पौधे होने से घर के तापमान में वृद्धि नहीं होती और यह आसपास के वातावरण में नमी बनाए रखता है. इससे ध्वनिप्रदूषण का असर भी कम होता है.

    Vertical Farming
    वर्टिकल फार्मिंग दुनिया भर के शहरों में ज्यादा लोकप्रिय हो रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    वर्टिकल फार्मिंग ये उन्नत तकनीकें भी
    वर्टिकल फार्मिंग में सबसे ज्यादा चर्चित हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स और एरोपोनिक्स जैसी तकनीकों की खासी चर्चा है. हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में मिट्टी का उपयोग नहीं होता है और उसके बिना ही पौधों को एक सोल्यूशन में उगाया जाता है. एरोपोनिक्स में तो केवल हवा में ही पौधों को विकसित किया जाता है. एरोपॉनिक्स का फिलहाल बहुत ही कम उपयोग देखा गया है, लेकिन हाइड्रोपोनिक्स या एक्वापोनिक्स में लोगों की दिलचस्पी खासी बढ़ रही है.

    बढ़ती उम्र से कमजोर हो जाती है नजर, खास रोशनी से घर पर ही हो सकता है इलाज- शोध

    यह पद्धतिअमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, चीन, कोरिया, जापान और भारत के बड़े शहरी इलाकों में तेजी से फैल रही है. लेकिन इस तकनीक के साथ सबसे बड़ी चुनौती इसका खर्चीला होना है. इस तकनीक का खासतौर पर शुरुआती खर्च बहुत ज्यादा होता है. लेकिन इसके बाद भी शहरी इलाकों में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है.

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर