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कपड़े तक धो चुके हैं जापान के नए सम्राट नारुहितो

News18Hindi
Updated: October 22, 2019, 5:48 PM IST
कपड़े तक धो चुके हैं जापान के नए सम्राट नारुहितो
जापान के नए सम्राट नारुहितो

जापान के नए सम्राट नारुहितो ने गद्दी संभाल ली. उन्हें विनम्र, साधारण और लीक से हटकर चलने वाला माना जाता है, जो टीम को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है

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  • Last Updated: October 22, 2019, 5:48 PM IST
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जापान में नए राजा नारुहितो ने परंपरागत तरीके से हुए समारोह के बीच राज्याभिषेक की रस्म पूरी कर ली है. इसके साथ जापान को नया राजा मिल गया है. नारुहितो का राजा बनना इस साल एक मई को ही तय हो गया था. लेकिन उनका राज्याभिषेक 22 अक्टूबर को हुआ है.

नए सम्राट नारुहितो 59 साल के हैं. राज्याभिषेक तोक्यो के इंपीरियल पैलेस में हुआ. ये उसी प्राचीन तरीके से हुआ, जिस तरह से सैकड़ों सालों से जापान में नया सम्राट गद्दी संभालता है.

नए राजा का जन्म 23 फरवरी 1960 को हुआ था. वो जापान के 126वें सम्राट हैं. जापान में राजा को कभी उनके नाम से नहीं बुलाया जाता. बल्कि उन्हें हिज मेजेस्टी द एम्परर ही कहा जाता है.

अच्छे इतिहासलेखक हैं

नारूहितो को पर्वतारोहण, घुड़सवारी और वायलिन बजाने में आनंद आता है. उन्हें इतिहास लेखन में भी खासी रुचि है. वो ऑक्सफोर्ड पढ़ने गए थे. वो पहले जापानी राजकुमार भी हैं, जो पढाई के लिए विदेश गए. वहां उन्होंने अपने काम खुद करना पसंद किया. उन्होंने अपने कपड़े तक धोए.

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नारुहितो के साथ नया युग भी 
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जापान में जब कोई राजा अपनी गद्दी छोड़ते हैं तो एक युग का अंत हो जाता है. नए राजा के बनने के साथ ही एक नया युग शुरू होता है. इस नए युग का नाम रेइवा है जो नारुहितो के शासनकाल तक चलेगा. 59 साल के नारुहितो को 28 साल की उम्र में युवराज घोषित कर दिए गए थे.

राज्यारोहण के समय जापान के नए सम्राट नारुहितो


भावी पत्नी से कैसे मुलाकात हुई 
1986 में एक चाय पार्टी के दौरान उनकी मुलाक़ात प्रिंसेज़ मसाको ओवाडा से हुई, जो बाद में 1993 में उनकी पत्नी बनीं. हालांकि राजमहल ने शुरू में उनकी शादी को रजामंदी नहीं दी थी लेकिन नारुहितो इसी शादी पर टिके हुए थे. इसके लिए उन्हें इंतजार भी करना पड़ा.

ये भी बताया जाता है कि शुरू में मसाको खुद इस शादी के लिए तैयार नहीं थीं.  राजमहल और उनके पेरेंट्स को इसकी अनुमति देनी पड़ी. मसाको की पढाई हार्वर्ड में हुई.

जापान के नए सम्राट अपनी पत्नी मसाको के साथ


एक ही बेटी, जो राजगद्दी पर नहीं बैठ सकेगी
नारोहितो और मसाको को सिर्फ़ एक बेटी है जिनका नाम प्रिंसेज़ आइको है. वो 18 साल की हैं. लेकिन जापान के मौजूदा क़ानून के तहत महिलाओं को राजगद्दी नहीं मिलती है इसलिए वो जापान की अगली वारिस नहीं हैं. नए सम्राट नारुहितो के भाई राजकुमार फ़ुमिहितो अगले वारिस हैं.

ये राजघराना क्यों अहम है
यह दुनिया में अकेला ऐसा राजघराना है जो पिछले 2600 साल से लगातार जापान पर शासन करता चला आ रहा है. जापान के सम्राट को भगवान समझा जाता था लेकिन अकिहितो के पिता सम्राट हिरोहितो ने दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के बाद सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उनके पास कोई दैवी शक्ति नहीं है.
विश्व युद्द के बाद जापान को जब आत्मसमर्पण करना पड़ा था तो उसके रुतबे को काफ़ी ठेस पहुंचा था लेकिन जब अकिहितो ने 1989 में राजगद्दी संभाली तब से उन्होंने जापान की शान-ओ-शौकत को दोबारा बहाल करने में बहुत हद तक सफलता पाई.
जापान के राजा आम जनता से शायद ही कभी मिलते थे लेकिन सम्राट अकिहितो ने इसे बदल दिया और आम लोगों से मेल-जोल करने लगे.

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First published: October 22, 2019, 4:46 PM IST
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