#zomato: जानिए कैसे-कैसे कारनामे कर रखे हैं पंडित अमित शुक्ल ने

मुस्लिम डिलीवरी बॉय की वजह से जोमैटो से मंगाया खाना कैंसिल करने वाले अमित शुक्ल के कुछ पुराने ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं. इसमें उन्होंने कुछ मशहूर महिलाओं पर बेहद भद्दे कमेंट किए हैं.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 3:42 PM IST
#zomato: जानिए कैसे-कैसे कारनामे कर रखे हैं पंडित अमित शुक्ल ने
मुस्लिम डिलीवरी बॉय की वजह से जोमैटो से मंगाया खाना कैंसिल करने वाले अमित शुक्ल के कुछ पुराने ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं. इसमें उन्होंने कुछ मशहूर महिलाओं पर बेहद भद्दे कमेंट किए हैं.
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Updated: August 1, 2019, 3:42 PM IST
जोमैटो के मुस्लिम डिलिवरीबॉय से खाना लेने से इनकार करने वाले पंडित अमित शुक्ल पूरे देश में मशहूर हो चुके हैं. सोशल मीडिया के दौर में उन्होंने काम ही ऐसा किया है कि उन्हें शोहरत पाते देर नहीं लगी. जबलपुर के किसी अनजान से इलाके में किसी आम शक्ल सूरत वाले गुमनाम से शख्स को आज पूरा देश जान रहा है. किसी ऊटपटांग हरकत से महज कुछ ही घंटों में इतना मशहूर हुआ जा सकता है, ये इसी दौर में मुमकिन है.

दरअसल मंगलवार रात को मध्यप्रदेश में जबलपुर के रहने वाले पंडित अमित शुक्ल ने जोमैटो से खाना ऑर्डर किया था. डिलीवरी के लिए जब जोमैटो से मैसेज आया तो पता चला कि डिलीवरी बॉय मुस्लिम है. इसी बात पर अमित शुक्ल ने जोमैटो के कस्टमर केयर को फोन मिला दिया. कहा कि वो गैर हिंदू के हाथों से खाना नहीं ले सकते. इसलिए उनका ऑर्डर कैंसिल कर दिया जाए. जोमैटो सिर्फ मुस्लिम डिलीवरी बॉय की वजह से खाना कैंसिल करने को राजी नहीं हुई.

इसके बाद अमित शुक्ल ने ट्वीट किया, "अभी-अभी मैंने जोमैटो से एक ऑर्डर रद किया. उन्होंने मेरा खाना गैर-हिन्दू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वे इसे न तो बदल सकते हैं और न ही ऑर्डर रद करने पर पैसा वापस कर सकते हैं. मैंने कहा कि आप मुझे खाना लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं. मुझे पैसा वापस नहीं चाहिए, बस ऑर्डर रद करो."

अमित शुक्ल के कुछ पुराने ट्वीट्स वायरल

बस इसी के बाद सोशल मीडिया पर उनका ट्वीट वायरल हो गया और वो रातोंरात मशहूर हो गए. बदनाम इसलिए नहीं कह सकते क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में ट्वीट करने वाले लोगों की भी कमी नहीं थी. इसके बाद पंडित अमित शुक्ल की खोजबीन शुरू हुई. जनाब हैं क्या चीज. सोशल मीडिया के कुछ धुरंधर खिलाड़ियों ने उनके बारे में कुछ दिलचस्प जानकारियां इकट्ठा की हैं.

उनके कुछ पुराने ट्वीट्स से उनके व्यक्तित्व को समझने की कोशिश की जा रही है. मसलन पंडित अमित शुक्ल ने तस्लीमा नसरीन और प्रियंका चोपड़ा को लेकर कुछ बेहद ही अश्लील ट्वीट किए हैं. अब उनके वही ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं. जिसके बाद अब अमित शुक्ल की पॉपुलैरिटी बढ़ती ही जा रही है.

तस्लीमा नसरीन को लेकर किया बेहद ही भद्दा कमेंट
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पंडित अमित शुक्ल ने तस्लीमा नसरीन के शारीरिक अंगों को लेकर बेहद ही भद्दा कमेंट किया है. इसलिए अब कहा जा रहा है कि वो मुस्लिमों को लेकर पहले से ही नफरत के शिकार रहे हैं. उनका दिमागी इलाज कराने की जरूरत है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है कि ये ट्वीट पंडित अमित शुक्ल ने ही किए हैं. उनका ट्विटर हैंडल भी गायब है.

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ये ट्वीट काफी वायरल हो रहा है


प्रियंका चोपड़ा को लेकर अश्लील कमेंट
प्रियंका चोपड़ा को लेकर किया गया अमित शुक्ल का ट्वीट भी वायरल हो रहा है. उस ट्वीट में भी वही सब दिमागी गंदगी दिख रही है, जैसी तस्लीमा नसरीन वाले में है. अमित शुक्ल के ट्विटर हैंडल से कमेंट में प्रियंका चोपड़ा की शारीरिक बनावट को बेहद भद्दे तरीके से लिखा गया है. अब इसे लेकर कहा जा रहा है कि सावन में मुसलमान के हाथ से खाना नहीं लेने वाले पंडित अमित शुक्ल बाकी दिनों में इस निचले स्तर तक गिर जाते हैं.

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प्रियंका चोपड़ा पर किया गया भद्दा ट्वीट


इस पूरे मामले में अमित शुक्ल की पत्नी का बयान भी आया है. उन्होंने कहा कि मैं घर पर नहीं थी, इसलिए मेरे पति ने जोमैटो से शाकाहारी खाना ऑर्डर किया था. जब डिलीवरी के लिए जोमैटो का मैसेज आया तो उसमें डिलीवरी बॉय का नाम बताया गया था. मेरे पति ने तुरंत जोमैटो को मैसेज किया कि डिलीवरी बॉय को चेंज कर दीजिए. उन्होंने कहा डिलीवरी बॉय चेंज नहीं कर सकते, तो मेरे पति ने कहा ऑर्डर कैंसिल कर दीजिए. उन्होंने ऑर्डर कैंसिल करने पर रिफंड नहीं दिया बस इतनी सी बात थी.

सोशल मीडिया पर अमित शुक्ल के पक्ष में बोलने वालों की कमी नहीं
अमित शुक्ल की पत्नी उनके बचाव में बोल रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके बचाव में सिर्फ वही हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे कई लोग हैं, जो लिख रहे हैं कि सावन के पवित्र महीने में क्या खाएंगे और क्या नहीं खाएंगे ये उनकी अपनी मर्जी है. दुनिया को इस पर ज्ञान देने की जरूरत नहीं है.

एक ट्विटर यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया है. उसमें कुछ मुस्लिम साफ सुथरे बर्तन को जीभ से चाटकर झूठा कर रहे हैं. वीडियो के साथ लिखा गया है इसलिए अमित शुक्ल ने मुस्लिम के हाथ से खाना नहीं लिया.



एक सज्जन ने लिखा है कि हलाल नॉन वेज के नहीं होने पर एक मुस्लिम कस्टमर का ऑर्डर जोमैटो कैंसिल कर देती है तो कोई विवाद नहीं होता. वहीं जब एक हिंदू कस्टमर सावन के महीने में गैर-हिंदू के हाथ से खाना लेने से मना कर देता है तो पूरी दुनिया उसे कोसने लगती है. ये हिप्पोक्रेसी है.



पूरे विवाद में जोमैटो ने बाजी मारी
बहुत सारे लोग जोमैटो की तारीफ कर रहे हैं. जिसने पूरे विवाद पर ट्वीट किया, "खाने का कोई धर्म नहीं होता है. खाना खुद ही एक धर्म है."

अब एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए जबलपुर से अमित शुक्ला ने कहा है कि संविधान ने सभी को धार्मिक स्वतंत्रता दी है. सावन का महीना चल रहा है. इसलिए मैंने डिलीवरी बॉय को बदलने का अनुरोध किया. मैं अब से जोमैटो से कुछ भी ऑर्डर नहीं करूंगा. उन्होंने बताया कि मैंने सिर्फ एक साधारण ट्वीट किया था. मेरे ट्वीट में कुछ भी धार्मिक मामला नहीं था.

मशहूर पत्रकार सबा नकवी ने इस पूरे मामले पर एक लेख लिखा है. उन्होंने बताया है कि नफरत इस कदर फैल रहा है कि अंदाजा नहीं लगा सकते. एक वाकये का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि अपने हिंदू ड्राइवर के छुट्टी पर जाने के बाद उन्होंने एक टैक्सी सर्विस ऐप की मदद से एक टैक्सी किराए पर ली. शाहिद नाम के उस मुस्लिम ड्राइवर ने एक नई टैक्सी ली थी. लेकिन उसने ओला या उबर में टैक्सी नहीं लगाई. दुखी मन से उसने बोला कि वो तंग आ चुका है. लोग नाम देखकर बुकिंग कैंसिल कर देते हैं. इसलिए उसने अपनी टैक्सी ओला या उबर में लगाई ही नहीं.

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First published: August 1, 2019, 2:31 PM IST
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