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ट्रंप क्यों नहीं चाहते कि आप उनकी पढ़ाई के दौरान उनके नंबर्स के बारे में जानें?

ट्रंप क्यों नहीं चाहते कि आप उनकी पढ़ाई के दौरान उनके नंबर्स के बारे में जानें?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. न्यूज़18 क्रिएटिव.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. न्यूज़18 क्रिएटिव.

अमेरिका कोरोना वायरस संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बन गया, तो प्रेसिडेंट ट्रंप की कई तरफ से आलोचना भी हुई. इसी बीच उनके अजीब बयानों के कारण बात यहां तक पहुंच गई कि लोग फिर वही सवाल करने लगे कि आखिर ट्रंप कितने बुद्धिमान हैं या उन्होंने किस स्तर पर, कैसे छात्र के तौर पर पढ़ाई-लिखाई की.

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    'कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचने के लिए न तो आप कीटनाशक (Disinfectant) पिएं, न खाएं और न ही ऐसा इन्जेक्शन लगाएं.' दुनिया भर के स्वास्थ्य और अकादमिक विशेषज्ञों (Health Experts) ने यह सलाह इसलिए दी क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल में कीटनाशक के इंजेक्शन से कोविड 19 (Covid 19) से बचने का आइडिया उछाला. ऐसे बेतुके बयान ट्रंप हमेशा से देते रहे हैं, जिससे उनकी बुद्धिमत्ता पर सवाल उठते रहे हैं.

    दूसरी तरफ, ट्रंप खुद अमेरिका (USA) के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान से ग्रैजुएट होने की बात कहकर शेखी बघारते रहे हैं कि 'जिस संस्थान ने दुनिया को बेहतरीन दिमाग दिए हैं, मैं वहां से पढ़ा हूं.' मौजूदा वैश्विक महामारी (Pandemic) के संकट के दौरान भी ट्रंप जिस तरह की बयानबाज़ी करते रहे हैं, उसके चलते भी लोगों ने उनकी पढ़ाई को लेकर सवाल खड़े किए. आप भी जानिए कि ट्रंप आखिर कैसे स्टूडेंट (Trump Education) थे.

    पहले ओबामा पर ट्रंप के आरोप जानें
    जब बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे और ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की होड़ में थे, तब कई बार ट्रंप ने ओबामा की शिक्षा और जन्म प्रमाण पत्र को मुद्दा बनाया था. मुख्य रूप से ट्रंप ने दो आरोप लगातार लगाए थे : 1. कोलंबिया के कॉलेज के उन कई छात्रों को ओबामा याद ही नहीं है, जो उनके साथ पढ़ते थे. 2. कोलंबिया आईवी लीग स्कूल में कई अच्छे अंकों और रसूख वाले छात्रों तक को एडमिशन नहीं मिला, तो औसत छात्र होने के बावजूद ओबामा को एडमिशन कैसे मिला?

    क्या ये दोनों आरोप ट्रंप पर भी हैं?
    आपको नहीं लगता कि इस सवाल का जवाब हां हुआ तो मज़ाक हो जाएगा कि जो व्यक्ति खुद जिन आरोपों से घिरा है, वही दूसरे पर ऐसे आरोप लगाता है? ख़ैर, पैनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के जिस प्रतिष्ठित व्हॉर्टन स्कूल से ट्रंप को अर्थशास्त्र में बीएस की डिग्री मिली, वहां उनका ए​डमिशन परिवार के एक खास कनेक्शन के तहत हुआ था, ऐसा पुरानी रिपोर्ट्स कह चुकी हैं.

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    न्यूज़18 क्रिएटिव.


    दूसरी बात ये कि ट्रंप के पुराने क्लासमेट्स ने भी इन रिपोर्ट्स में दावा किया था कि अकादमिक तौर पर ट्रंप ऐसे स्टूडेंट में नहीं थे कि उन्हें याद रखा जा सके. अस्ल में, ट्रंप ये दावा भी कर चुके थे और 70 के दशक में कुछ अखबारों में ऐसी खबरें भी छपी थीं कि व्हॉर्टन में ट्रंप अपनी क्लास में अव्वल रहकर ग्रैजुएट हुए, लेकिन स्कूल के ऑनर्स रोल में उनका नाम कभी नहीं आया.

    कैसे छात्र थे ट्रंप?
    द डीपी यानी डेली पैनसिल्वेनिया की रिपोर्ट में 1968 ट्रंप के साथ कॉलेज के छात्र रहे पत्रकार स्टीव पेरेलमैन के हवाले से लिखा गया कि 'ट्रंप में कोई नेतृत्व क्षमता नहीं थी. वह बेशक उस क्लास के सबसे स्मार्ट छात्र नहीं थे.' यह राय ट्रंप के उस दावे के खिलाफ छापी गई थी, जिसमें ट्रंप ने खुद को बेहद स्मार्ट और बहुत ज़्यादा आईक्यू रखने वाला व्यक्ति बताया था.

    दूसरी तरफ, इसी रिपोर्ट में ट्रंप के कुछ क्लासमेट्स के बयानों के आधार पर कहा गया कि उस वक्त ट्रंप क्लास बंक किया करते थे और वीकेंड पर न्यूयॉर्क चले जाया करते थे. कैंपस में ट्रंप बहुत कम दिखा करते थे, कैंपस की गतिविधियों में शामिल नहीं होते थे और यहां तक कि इयरबुक में समूह के चित्र में भी ट्रंप शामिल नहीं थे.


    अब बात ट्रंप के नंबरों की?
    जैसा कि ट्रंप का अव्वल रहने का दावा झूठा साबित हुआ, उसके उलट ट्रंप की पढ़ाई के वक्त उनके नंबर आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए. क्यों? वजह है कि ट्रंप नहीं चाहते कि लोग उनके नंबरों के बारे में जानें.

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    डोनाल्ड ट्रंप पर शिक्षा के आंकड़ों संबंधी आरोप लगते रहे हैं.


    इसका सबूत यह है कि ट्रंप के अटॉर्नी यानी वकील रहे माइकल कोहेन अमेरिकी कांग्रेस में खुलासा करते हुए कह चुके हैं कि उन्होंने ट्रंप के कहने पर फोर्डहैम और पैनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के संस्थानों को सख्त हिदायत भेजी थी कि ट्रंप के नंबरों का खुलासा न किया जाए. यही नहीं, कभी भी खुलासा करने पर धमकी भी दी गई थी कि कानूनी कार्यवाही के साथ ही उन्हें जेल में बंद करवा दिया जाएगा.


    बात साफ है कि ट्रंप और उनके प्रशंसक ट्रंप की बुद्धिमत्ता को लेकर कितने भी दावे करें, अगर ट्रंप उन संस्थानों को इस तरह की धमकी देते हैं, तो ज़ाहिर है कि वो किसी किस्म की हीनभावना से ग्रस्त हैं या उन्हें पता है कि सच उनके खिलाफ हो सकता है.

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    Tags: Corona, Corona Virus, Coronavirus, COVID-19 pandemic, Donald Trump, Donald Trump administration, United States of America

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