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पता नहीं लग पा रही है Covid-19 की मृत्यु दर, जानिए आखिर क्या है वजह

Vikas Sharma | News18Hindi
Updated: April 5, 2020, 12:47 PM IST
पता नहीं लग पा रही है Covid-19 की मृत्यु दर, जानिए आखिर क्या है वजह
कोरोना वायरस के संक्रमित और मृत्यु के मामलों की संख्या के आंकड़े फिलहाल स्पष्ट नहीं आ पा रहे हैं. (फोटो: Reuters)

कोरोना वायरस (Corona virus) के कारण हुई मौतों का आंकड़े स्पष्ट और सटीक नहीं हैं. इस वजह से वैज्ञानिकों को इस महामारी की मृत्युदर तय करने में काफी परेशानी हो रही है. अलग-अलग देशों से अलग तरह के आंकड़े आ रहे हैं.

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  • Last Updated: April 5, 2020, 12:47 PM IST
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नई दिल्ली:  कोरोना वायरस (Corona Viurs) के प्रकोप के बीच इसको लेकर तमाम तरह की खबरें आ रही हैं. लोग ये जानने को उत्सुक हैं कि इससे संक्रमित लोगों और इसकी वजह से मरने वालों की संख्या कहां तक पहुंची. दुनिया की कई मशहूर वेबसाइट पर इससे सबंधित ताजा आंकड़े हर समय अपडेट हो रहे हैं. ऐसे में भी वैज्ञानिक यह दावे से यह नहीं बता पा रहे हैं कि इस महामारी की मृत्यु दर अभी कितनी है.

मुश्किल है यह तय करना
वैज्ञानिकों ने इस नए कोरोना वायरस को सार्स कोव -2  (SARS Cov2)  नाम दिया है तो इस बीमारी का नाम कोविड-19 (Covid-19) नाम दिया है जो तेजी से अब भी दुनिया में फैल रही है. इसके आंकड़े तेजी से बदल रहे हैं. न्यूसाइंडिस्टडॉटकॉम में प्रकाशित लेख के मुताबिक  इस वजह से वैज्ञानिकों को यह तय करने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है कि वर्तमान में कोविड-19 की वैश्विक मृत्यु दर क्या है.

बिखरे आंकड़े आ रहे हैं



फिलहाल मिल रही जानकारियों के मुताबिक यह दर हजार में एक से लेकर 30 में एक की बताई जा रही है. कोरोना वायरस की वजह से किसी की मौत कई बातों पर निर्भर करती है. जिसमें उम्र, आपके पहले का स्वास्थ्य, इलाज की सुविधा जैसे बहुत से पहलू शामिल हैं.



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र​विवार को देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 3,374 हो गए हैं-


आंकड़ों में है समस्या
कई देशो से कुछ आंकड़े सामने तो आए हैं लेकिन इनमें भी एक बड़ी समस्या है. एक तो यह दुनिया के किसी भी देश में संक्रमित लोगों का स्पष्ट आंकड़ा नहीं हैं. इस वजह से यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि अभी अज्ञात संक्रमित लोग हैं उनमें से बाद में कितने लोग मर भी सकते हैं. वहीं कई जगह मरने वालों की संख्या भी पता नहीं चल सकी है क्योंकि मरने वाले संक्रमित होने के बाद भी अन्य बीमारियों से भी मर रहे हैं और उनकी मौत आंकड़ों में शामिल नहीं हुई हो ऐसे मामले भी होने की संभावना कम नहीं है.

अलग तरह की दर है यह
अनिश्चितता की वजह से जो दर निकाली जा रही है उसे इंफेक्शन फैटिलिटी रेट (IFR) नाम न देकर क्रूड केस फैटिलिटी रेट (CCFR) दिया जा रहा है. यूके में 2 अप्रैल को 33718 में से 2921 मारे गए और सीसीएफआर 9 प्रतिशत रहा. वहीं यह आंकड़ा इटली में 12 प्रतिशत और जर्मनी में एक प्रतिशत रहा.

दर अलग होने की कई वजह हैं
यह दर दक्षिण कोरिया में बाद में बढ़ी थी. यूके की लीवरहुल्मे डीमोग्राफिकस साइंस सेटर की मेलिंडा मिल्स कहती हैं कि विभिन्न देशों में यह दर अलग होने की कई वजह हैं.  जिनमें से एक उम्र भी है. दक्षिण कोरिया और जर्मनी में युवाओं में संक्रमण ज्यादा  हुआ है. जबकि इटली और स्पेन में उल्टा हुआ है. जहां अधिक उम्र कि आबादी ज्यादा संक्रमित हुई.

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कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में तेजी से शोधकार्य हो रहा है.


अंतर दिख सकता है IFR और CCFR में
सबसे अहम बात  यह है कि क्या बिना लक्षणों वाले संक्रमित लोग छूट रहे हैं. ऐसे में IFR का आंकड़ा CCFR से बहुत कम होगा.  यूके में जहां केवल गंभीर मरीजों की ही जांच हो रही थी तो वहीं दक्षिण कोरिया और जर्मनी में व्यापक जांच हुई. इससे आंकड़ों में अंतर दिखा.

इस तरह के शोध भी हुए हैं
वहीं लंदन के इंपीरियल कॉलेज नील फर्ग्यूसन की टीम ने चीन में वुहान से पॉजिटिव होकर बाहर आए लोगों का अनुमान लगाया. उनका मानना है कि चीन में IFR  0.66 प्रतिशत था. इस मामले में कई और शोध के आंकड़े भी आए हैं जिसमें अंतर साफ दिख रहा है. स्विटजरलैंड में एक शोध  में जहां माना गया कि दुनिया में 80 के संक्रमित लोगों का पता चल ही गया है. तो वहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक शोध में माना गया कि सभी मौतें कोरोना वायरस की वजह से नहीं हुईं.

सावधानी बरतने की जरूरत है
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि इस तरह के आंकड़ों को लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. कुछ आंकड़े खास जानकारी जुड़ने पर चौंका देते हैं जैसे इटली के एक शहर नेम्ब्रो में इस साल 158 लोग मरे जबकि पिछले पांच सालों में यहां का मृत्यु औसत 35 है. जबकि 158 में से केवल 31 मौते ही यहां कोविड-19 की वजह से हुई हैं.

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कोरोना वायरस से संक्रमित हर शख्स का एक अलग अनुभव है. कुछ में इसके बेहद सामान्य या फिर यूं कहें कि बेहद कम लक्षण नजर आए थे तो कुछ में यह काफी गंभीर था.


ऐसे में अभी इंफेक्शन फैटिलिटी रेट के बारे में स्पष्टता से नहीं कहा जा सकता. कुछ समय बाद यह स्पष्ट और सटीक जानकारी मिलने पर ही इस मामले में कुछ कहा जाए तो सही होगा.

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First published: April 5, 2020, 12:47 PM IST
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