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जानें 3 से 5 संदिग्‍धों का सैंपल मिलाकर लैब में क्‍यों किया जा रहा है कोरोना टेस्‍ट, क्‍या हैं फायदे-नुकसान

जानें 3 से 5 संदिग्‍धों का सैंपल मिलाकर लैब में क्‍यों किया जा रहा है कोरोना टेस्‍ट, क्‍या हैं फायदे-नुकसान

कोरोना वायरस संदिग्‍धों में संक्रमण का तेजी से पता लगाने के लिए एकसाथ कई लोगों के सैंपल्‍स को मिलाकर कोरोना टेस्‍ट किया जाता रहा है.

कोरोना वायरस संदिग्‍धों में संक्रमण का तेजी से पता लगाने के लिए एकसाथ कई लोगों के सैंपल्‍स को मिलाकर कोरोना टेस्‍ट किया जाता रहा है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संदिग्‍ध मरीजों में कोरोना वायरस का तेजी से पता लगाने के लिए लैब्‍स 3 से 5 लोगों के सैंपल्‍स को मिलाकर जांच कर रही हैं. इस तरह से पूल टेस्टिंग (Pool Testing) करने की कुछ सीमाएं और कुछ फायदे हैं.

    भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) को जल्‍द हराने के लिए ज्‍यादा से ज्‍यादा कोरोना टेस्‍ट करने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसके लिए रैपिड एंटीबॉडी टेस्‍ट (Rapid Antibody Test) का सहारा लिया जा रहा है. लेकिन, मंगलवार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने रैपिड टेस्‍ट के नतीजे सही नहीं आने के कारण अगले 48 घंटे यानी बृहस्‍पतिवार तक इस तकनीक से कोरोना टेस्‍ट नहीं करने का निर्देश दिया. इसके अलावा भारत में लैब्‍स तेजी से टेस्‍ट करने के लिए 3 या 5 लोगों के नाक या गले से लिए गए सैंपल्‍स मिलाकर जांच (Pool Testing) कर रही हैं. बता दें कि देश में बुधवार शाम तक संक्रमितों की संख्‍या बढ़कर 20,471 हो गई, जिनमें 652 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 3,959 लोग ठीक हो चुके हैं. ऐसे में मरीजों का जल्‍द पता लगाने के लिए लैब्‍स पूल टेस्टिंग का सहारा ले रही हैं. आइए जानते हैं कि पूल टेस्टिंग क्‍या है और इसके नफा-नुकसान क्‍या हैं...

    आईसीएमआर ने राज्‍यों को दी पूल टेस्टिंग की अनुमति
    भारत में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में हालात ज्‍यादा खराब है. दिल्ली में हॉटस्पॉट की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में संक्रमितों का जल्द पता लगाने के लिए सरकार ने पहले के मुकाबले हर दिन होने वाले कोरोना टेस्‍ट (Corona Test) की संख्‍या में इजाफा कर दिया है. इसके लिए जहां संदिग्‍धों की तादाद ज्‍यादा है, उन इलाकों में पूल और रैपिड टेस्‍ट किए जा रहे हैं. आईसीएमआर ने भी राज्‍यों को पूल टेस्टिंग की अनुमति दी है. काउंसिल ने राज्‍यों को लिखा है कि पॉजिटिव मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसलिए कोरोना टेस्‍ट की संख्‍या में इजाफा करना जरूरी है. कोरोना टेस्‍ट में पॉजिटिव मामले कम आ रहे हैं. ऐसे में एक टेस्‍ट किट से एकसाथ 5 संदिग्‍धों तक का कोरोना टेस्‍ट करने से काफी मदद मिल सकती है. बता दें कि उत्‍तर प्रदेश (UP) के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राज्‍य में तेजी से संक्रमितों का पता लगाने के लिए पूल टेस्टिंग पर जोर दिया है.

    पूल टेस्टिंग में 3 या 5 कोरोना संदिग्‍धों के सैंपल लेकर उन्‍हें मिलाया जाता है. फिर उनकी एकसाथ स्‍क्रीनिंग की जाती है.


    तीन या पांच लोगों के सैंपल समान मात्रा में लेने होते हैं
    पूल टेस्टिंग में एक से ज्‍यादा सैंपल एकसाथ मिलाकर टेस्ट करके संक्रमण का पता लगाया जाता है. पूल टेस्टिंग का इस्तेमाल ऐसे इलाकों में किया जाता है, जहां संक्रमण के कम मामले सामने आए हों. वहीं, संक्रमण के ज्‍यादा मामले वाले इलाकों में हर व्‍यक्ति का कोरोना टेस्‍ट अलग किया जाता है. आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, अधिकतम 5 लोगों की पूल टेस्टिंग की जा सकती है. कुछ लैब्‍स में तीन लोगों के सैंपल लेकर भी एकसाथ टेस्टिंग की जा रही है. पूल टेस्टिंग में पहले लोगों के गले या नाक से स्वैब सैंपल लिया जाता है. फिर उसकी टेस्टिंग के जरिये नोवल कोरोना वायरस का पता लगाया जाता है. इसके लिए सभी सैंपल समान मात्रा में लेने होते हैं. इससे पुख्‍ता नतीजे मिल रहे हैं. हालांकि, इसका नुकसान ये है कि एकसाथ ज्‍यादा सैंपल लेने से वायरस का पकड़ में आना थोड़ा मुश्किल होता है.

    पूल टेस्‍ट से कोरोना वायरस का ऐसे लगाया जाता है पता
    पूल टेस्‍ट में तीन से पांच लोगों के सैंपल लेने के बाद उन्हें मिलाया जाता है. फिर उनसे आरएनए निकाला जाता है. इसके बाद रियल टाइम पीसीआर (RT-PCR Test) टेस्ट किया जाता है. इसमें पहले स्क्रीनिंग कर ई-जीन का पता लगाया जाता है. ई-जीन से कोरोना वायरस के कॉमन जीन (Common Genome) का पता लगता है. कोरोना वायरस की एक पूरी फैमिली है, जिसमें कई तरह के कोरोना वायरस हैं. इन्हीं में से एक वायरस कोविड-19 (COVID-19) है. किसी पूल टेस्ट में ई-जीन पॉजिटिव आने का मतलब होता है कि लिए गए सैंपल्‍स में किसी ना किसी में वायरस है. हालांकि, इससे ये स्‍पष्‍ट नहीं होता है कि ये वायरस कोविड-19 ही है. अब कोविड-19 का पता लगाने के लिए अलग टेस्ट किया जाता है. इस टेस्‍ट से पता चल जाता है कि ये कोरोना वायरस है या नहीं.

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    पूल टेस्टिंग 5 फीसदी से ज्‍यादा पॉजिटिव केस वाले इलाकों में कारगर नहीं होती है. ऐसे इलाकों में हर व्‍यक्ति का अलग कोरोना टेस्‍ट करना जरूरी होता है.


    पूल टेस्‍ट का रिजल्‍ट पॉजिटिव आने पर क्‍या होता है
    किसी पूल के नतीजे निगेटिव आने का मतलब है कि लिए गए सैंपल्‍स में से किसी में भी कोरोना वायरस नहीं है. वहीं, जिस पूल का रिजल्‍ट पॉजिटिव आता है, उसमें किसी ना किसी में वायरस मौजूद आता है. ऐसे में उस पूल के हर सैंपल की दोबारा अलग-अलग टेस्टिंग की जाती है. पूल टेस्ट का इस्‍तेमाल करने के दो फपायदे हैं. पहला टेस्टिंग किट बचती हैं और दूसरा ज्‍यादा से ज्‍यादा टेस्टिंग कम से कम समय में हो जाती हैं. इसको ऐसे समझ सकते हैं कि मान लीजिए किसी इलाके में 100 संदिग्‍ध हैं. अब अगर एक-एक का कोरोना टेस्‍ट करते हैं तो 100 टेस्‍ट करने होंगे. वहीं, अगर 5 के पूल में टेस्‍ट करते हैं तो कुल 20 टेस्‍ट करने होंगे. अब मान लीजिए इन 20 में 5 पूल में कोरोना पॉजिटिव आता है तो 25 लोगों के फिर से अलग-अलग टेस्‍ट करने होंगे यानी 100 लोगों की जांच के लिए कुल 45 टेस्‍ट ही करने होंगे. इस तरह से 55 टेस्‍ट किट्स और समय की बचत होगी.

    ज्‍यादा पॉजिटिव मामले वाले इलाकों में कारगर नहीं
    एक साथ 3 या 5 लोगों का एकसाथ टेस्‍ट करने में सिर्फ 1 संदिग्‍ध के टेस्‍ट से ज्‍यादा समय लगता है. लेकिन इसे व्‍यापक पैमाने पर देखें तो समय और संसाधन की बचत के साथ ही टेस्टिंग में भी तेजी आ जाती है. हालांकि, स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि पूल टेस्टिंग हर जगह कारगर नहीं है. इसका इस्‍तेमाल 2 फीसदी से कम संक्रमण वाले इलाकों में ही किया जा सकता है. पॉजिटिव केस की दर 2-5 फीसदी वाले इलाकों में इसका इस्‍तेमाल बिना लक्षण वाले लोगों का पूल बनाकर की जा सकती है. लेकिन, संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों और हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए पूल टेस्टिंग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऐसे लोगों की अलग-अलग जांच ही की जा सकती है. पॉजिटिव केस की दर 5 फीसदी से ऊपर वाले इलाकों में पूल टेस्टिंग नहीं की जा सकती है. पश्चिम बंगाल, ओडिशा और हरियाणा में पूल टेस्टिंग की जा रही है.

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    Tags: CM Yogi Aditya Nath, Corona Knowledge, Corona negative, Corona patients, Corona suspects, Corona warriors, Coronavirus, Coronavirus Epidemic, Coronavirus in India, Delhi, Lockdown, Lockdown. Covid 19, Mumbai

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