पृथ्वी पर न सही, मंगल और गुरु के बीच हमेशा रहेंगे पंडित जसराज

पृथ्वी पर न सही, मंगल और गुरु के बीच हमेशा रहेंगे पंडित जसराज
मंगल और जूपिटर के बीच एक ग्रह है "पंडित जसराज".

Pandit Jasraj Death : आप सोच रहे होंगे कि यह कोई ज्योतिष (Astrology) का मामला होगा लेकिन नहीं, यह भारत के लिए गौरव का विषय है. खगोलशास्त्र (Astronomy) की दुनिया में पंडित जसराज का नाम अमर है और यह भी भारत के लिए गर्व की बात है कि इस एक रिकॉर्ड से जसराज का नाम मोज़ार्ट और बीथोवन जैसे संगीतज्ञों के क्लब में शामिल होता है.

  • News18India
  • Last Updated: August 17, 2020, 7:59 PM IST
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"पंडित जसराज अब 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' केवल अपने प्रिय इष्ट के लिए गाएंगे..." जैसा कि संगीत मार्तंड जसराज (Pandit Jasraj Demise) की बेटी दुर्गा जसराज (Durga jasraj) ने कहा कि उनकी आत्मा अनंत संगीत शांति में रहेगी. बेशक, कुछ कलाकार सिर्फ एक देश या एक दुनिया के नहीं बल्कि यूनिवर्सल होते हैं. और यह कहना गलत नहीं है कि पृथ्वी से अवसान के बावजूद संगीत रत्न पंडित जसराज अंतरिक्ष में बने रहेंगे क्योंकि एक ग्रह (Planet) उनकी याद भारत ही नहीं, दुनिया भर को दिलाता रहेगा.

अमेरिका के न्यूजर्सी में 90 साल की उम्र में अंतिम सांस लेने वाले शास्त्रीय संगीत विद्वान पंडित जसराज भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में सराहे और याद किए जाने वाले कलाकार रहे. कुल कलाकार किसी एक देश के नहीं बल्कि पूरी मानवता और सृष्टि के होते हैं. इन्हीं में एक नाम पंडित जसराज का रहा क्योंकि जब जूपिटर और मंगल के बीच एक नया और छोटा सा ग्रह खोजा गया, तो उसे पंडित जसराज का नाम दिया गया.

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न्यूज़18 की ओर से पंडित जसराज को श्रद्धांजलि.




कौन सा ग्रह है पंडित जसराज?
इंटरनेशनल एस्ट्रॉनॉमिकल यूनियन (IAU) ने एक छोटे से ग्रह 2006 VP32 (number-300128) को 11 नवंबर 2006 को खोजा था. पिछले साल यानी सितंबर 2019 में दुर्गा ने समाचार एजेंसियों को बताया था कि मंगल और जूपिटर के बीच स्थित इस छोटे से ग्रह को IAU ने पंडित जसराज नाम दिया था. पद्मविभूषण से सम्मानित जसराज ने तब कहा था कि ऐसा सम्मान भगवान की कृपा से ही मिलता है.

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अब समझें ग्रह का पूरा नाम
जो भी छोटा या बड़ा, नया ग्रह खोजा जाता है, उसे एक परमानेंट नंबर दिया जाता है. IAU की ऑफिशियल वेबसाइट पर 300128 को देखा जा सकता है, जो पंडित जसराज के नाम से दर्ज है. '300128 पंडित जसराज' ग्रह का पूरा नाम है. यह परमानेंट नंबर संयोग से पंडित जसराज की जन्मतिथि भी है, लेकिन दाएं से बाएं पढ़ने पर. यानी 28 जनवरी 1930.

और भी संगीतज्ञों के नाम पर हैं ग्रह!
जसराज पहले भारतीय संगीतज्ञ बने थे, जब एक ग्रह को उनका नाम दिया गया था. हालांकि इससे पहले कुछ और संगीतज्ञों के नाम पर कुछ ग्रहों के नाम पर रखे जा चुके हैं. अमर संगीतज्ञों में शुमार मोज़ार्ट, बीथोवन और टेनर लूसियानो पैवरटी को यह गौरव हासिल हुआ है. आपको यह भी जानना चाहिए कि संगीतज्ञ के तौर पर जसराज इसलिए दुनिया में विलक्षण माने गए क्योंकि उनकी आवाज़ आश्चर्यजनक रूप से साढ़े चार ऑक्टेव तय करती थी.

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इस ग्रह की अंतरिक्षीय स्थिति है दिलचस्प
मंगल और जूपिटर के बीच छोटे से ग्रह पंडित जसराज की स्थिति हमारे सौरमंडल में वहां है, जहां छोटे छोटे ग्रहों की भरमार है. यह भी कहा गया है कि नासा द्वारा फंड की जाने वाली संस्था कैटैलिना स्काई सर्वे द्वारा 2006 में खोजे गए इस ग्रह की ऑर्बिट पृथ्वी की ऑर्बिट से कुछ मेल खाती है. साथ ही, पंडित जसराज ग्रह अंदरूनी कठोर ग्रहों और बाहरी गैसीय ग्रहों के बीच एक तरह की विभाजन रेखा भी बनाता है.

यह तो हुई एक जानकारी की बात, लेकिन पंडित जसराज के नाम पर किसी ग्रह का नामकरण न भी किया गया होता, तो भी वह संगीत की दुनिया के एक अमर नक्षत्र के तौर पर हमेशा याद किए जाते ही.
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