क्यों अभी से 60,000 वैक्सीन डोज़ पारसियों के लिए रिजर्व किए गए?

क्यों अभी से 60,000 वैक्सीन डोज़ पारसियों के लिए रिजर्व किए गए?
वैक्सीन की दौड़ में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया अग्रणी कंपनी है.

सभी ये सोच रहे हैं कि एंटी कोविड वैक्सीन (Anti Corona Vaccine) आएगी, तो पहले किसे नसीब होगी? क्या पूंजीपतियों को पहला हिस्सा मिलेगा या राजनेताओं को, स्वास्थ्य अमले को या कोरोना वॉरियरों को, या सबसे ज़्यादा ज़रूरतमंद नागरिकों को? लेकिन अभी से पारसियों के लिए भरपूर डोज़ रिज़र्व क्यों कर दिए गए हैं? जानिए कि पूरा मामला क्या है.

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भारत में कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण के कुल केस साढ़े 14 लाख से ज़्यादा हो चुके हैं और ऐसे में वैक्सीन (Vaccine) को लेकर उम्मीदों और कयासों में तेज़ी बनी हुई है. इस बीच खबरें ये हैं कि वैक्सीन के विकास (Vaccine Development) में भारत की अग्रणी कंपनी ने पारसी समुदाय के लिए वैक्सीन के 60,000 वायल रिज़र्व कर दिए हैं. क्या ऐसा इसलिए संभव हो सका है कि कंपनी के मालिक खुद पारसी हैं?

भारत के अरबपति उद्योगपतियों में डॉ. साइरस पूनावाला का नाम शुमार है और उनके बेटे आदर पूनावाला सीरम इं​स्टिट्यूट के सीईओ हैं. यही सीरम कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन के ट्रायल और उत्पादन में पार्टनर है. हालांकि अभी ये वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल (Vaccine's Human Trial) के दौर में है और भारत में इसके ट्रायलों के लिए सीरम मंज़ूरियां ले रही है.

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रॉनी स्क्रूवाला और आदर पूनावाला के बीच इस तरह ट्वीट्स हुए.




रॉनी और आदर के बीच हुए ट्वीट्स
आदर पूनावाला को टैग करते हुए उद्यमी रॉनी स्क्रूवाला ने लिखा था 'चूंकि पारसी समुदाय की आबादी बहुत कम बची है और वैक्सीन के आने पर लुप्त हो रहे समुदायों को बचाने के लिए एक लॉबी काम कर रही है तो क्यों नहीं पारसियों के लिए ये मांग की जाए, जबकि एक पारसी ही वैक्सीन निर्माण की रेस में आगे है.'

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इस ट्वीट का जवाब देते हुए आदर पूनावाला ने लिखा 'हम अपने समुदाय के लिए पर्याप्त व्यवस्था रखेंगे. हमारी सिर्फ एक दिन की उत्पादन क्षमता पूरी पृथ्वी के पारसियों के लिए डोज़ बनाने के लिए काफी है.' लेकिन पारसियों के लिए वैक्सीन सुरक्षित करने की ये कहानी इससे पहले शुरू हुई थी.

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दिनशॉ मेहता के संदेश वाला यह न्यूज़लैटर ट्विटर पर साझा किया जा रहा है.


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सीनियर पूनावाला हैं इस व्यवस्था के सूत्रधार
रॉनी और आदर के बीच ट्वीट्स से पहले पारसी समुदाय के बीच एक न्यूज़लैटर चर्चा का विषय था, जिसमें कहा गया था कि पूनावाला परिवार ने पारसियों के लिए बहुत कुछ किया. अस्ल में, बॉम्बे पारसी पंचायत के पूर्व प्रमुख दिनशॉ मेहता ने साइरस पूनावाला को संदेश भेजा था (जो ट्विटर पर शेयर किया जा रहा है), इसमें कहा गया :

चूंकि वैक्सीन की खोज में आपकी कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट का दावा सबसे मज़बूत है... चूंकि पारसी समुदाय माइक्रो माइनॉरिटी है और हर पारसी की जान की हिफाज़त ज़रूरी है. पारसियों की संख्या करीब 60 हज़ार है और कोविड 19 से करीब 40 पारसियों की जान जा चुकी है... ऐसे में मेरा निवेदन है कि आप पारसियों के लिए 60 हज़ार वायल वैक्सीन के पहले बैच से सुरक्षित करें.


खबरों की मानें तो इस संदेश के जवाब में डॉ. पूनावाला ने उसी रात सह​मति ज़ाहिर करते हुए पारसी समुदाय के लिए वैक्सीन सुरक्षित करने का भरोसा दिया. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर इस बारे में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले आदर पूनवाला ने कहा था कि उनकी कंपनी शुरूआत में हर महीने 7 करोड़ डोज़ का उत्पादन करेगी और फिर इस क्षमता को 10 करोड़ डोज़ प्रतिमाह तक बढ़ाया जाएगा.
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