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जानें तबलीगी जमात का पाकिस्‍तान कनेक्‍शन, क्‍यों हो रही है प्रतिबंध की मांग?

News18Hindi
Updated: March 31, 2020, 9:23 PM IST
जानें तबलीगी जमात का पाकिस्‍तान कनेक्‍शन, क्‍यों हो रही है प्रतिबंध की मांग?
बिहार पुलिस अब इन लोगों की तलाश कर रही है. इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

भारत में तबलीगी जमात (Tablig jammat) से जुड़े हजारों लोगों के निजामुद्दीन में मिलने और उनमें 25 के कोरोना वायरस (Coronavirus) पॉजिटिव पाए जाने पर इस धार्मिक संगठन की आलोचना शुरू हो गई है. वहीं, पाकिस्‍तान (Pakistan) के सिंध में भी जमात का विरोध शुरू हो गया है.

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  • Last Updated: March 31, 2020, 9:23 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बीच इस समय भारत में तबलीगी जमात चर्चा में है. दरअसल, दिल्‍ली (Delhi) के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शाामिल हुए करीब 250 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं और उन्‍हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें 25 लोगों का कोरोना टेस्‍ट पॉजिटिव आया है. वहीं, तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) में शामिल हुए तेलंगाना (Telangana) के 6 लोगों समेत देशभर में अब तक 10 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है. अब देश के अलग-अलग हिस्‍सों में तबलीगी जमात में शामिल हुए लोगों के मिलने की जानकारी सामने आ रही है. जमात में बड़ी संख्‍या में विदेशी शामिल थे. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने मंगलवार को जमात में शामिल हुए 800 विदेशियों को ब्‍लैकलिस्‍ट करने की बात कही है. इसके बाद जहां भारत में तबलीगी जमात की आलोचना शुरू हो गई है, वहीं पाकिस्‍तान (Pakistan) में भी अब जमात पर प्रतिबंध लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है.

सिंध प्रांत के लोगों ने कोरोना कंट्रोल सेंट्रल से की शिकायत
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थट्टा शहर के कोरोना कंट्रोल सेंटर में दो दिन पहले शिकायत की गई थी कि मुहम्मद खान सूमरो गांव में तबलीगी जमात के लोग मौजूद हैं. इससे स्थानीय लोगों को कोरोना वायरस फैलने को लेकर चिंता हो रही है. इसके बाद वहां पहुंची पुलिस ने 10 संदिग्‍धों को अस्‍पताल पहुंचाया. इससे पहले मीडिया में जानकारी आई कि रायविंड में हुए एक सालाना जलसे में शामिल होने वाले धार्मिक समूह के लोगों में कोरोना वायरस फैल गया है. अब सिंध के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने रायविंड में हुए जलसे से लौटे चार लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि की है. बता दें कि तबलीग का रायविंड में 10-12 मार्च के बीच अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हुआ था. इसमें हजारों की तादाद में स्थानीय और विदेशी लोग शामिल हुए थे. अब थट्टा जिले के लोगो ने तबलीगी जमात का विरोध शुरू कर दिया है. इस दौरान लरकाना जिले के सैहर कस्बे की मस्जिद में भी तबलीगी जमात के लोगों की मौजूदगी का विरोध किया गया और स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से कर दी. पाकिस्‍तान में अब तक जमात के 36 लोगों का कोरोना टेस्‍ट पॉजिटिव आया है.

पाकिस्‍तान में सोशल मीडिया के जरिये भी हो रहा विरोध



पाकिस्‍तानी मीडिया का कहना है कि सिंध प्रांत के खैरपुर जिले के पाका चंग इलाके के लोगों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. तबलीगी जमात से जुड़े लोगों में स्थानीय लोगों के साथ अफगानिस्‍तान और दूसरे मुल्कों के लोग भी शामिल हैं. सोशल साइट्स फेसबुक और ट्विटर पर तबलीगी जमात के लोगों को कई मस्जिदों व इलाकों में पहचाना गया है. कई लोग इनके पिक्चर्स और वीडियो डालकर तबलीगी जमात पर बैन लगाने की मांग कर रहे हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्‍तान में सोशल डवेलपमेंट के लिए काम करने वाले एक वैश्विक संगठन से जुड़े मसूद लोहार ने फेसबुक पर पोस्ट डाली कि अगर तबलीगी जमात पर बैन नहीं लगाया गया तो कोरोना वायरस पूरे देश में फैल जाएगा. शहादतकोट के रहने वाले मुराद पंडरानी ने भी इसका सपोर्ट किया है. उन्होंने कहा कि सिंध सरकार को तुरंत जमात की गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए. कराची के शुजा कुरैशी ने मांग की है कि जमात की मजहबी तकरीरों पर रोक लगनी चाहिए. वहीं, द डॉन से बताचीत में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की सीनेटर सस्सी पलेजू ने भी तबलीगी जमात के लोगों से घरों में ही बंद रहने की अपील की है.



पाकस्‍तान में लोग सोशल मीडिया के जरिये मांग कर रहे हैं कि तबलीगी जमात पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए.


शिया वक्‍फ बोर्ड ने कहा, मानव बम तैयार करती है जमात
भारत में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि तबलीगी जमात आतंकवादी संगठनों के लिए मानव बम तैयार करती रही है. इस जमात के लोगों ने अपने लोगों में कोरोना वायरस पैदा कर हिंदुस्तान भेजा है, ताकि यहां ज्यादा से ज्यादा लोगों की मौत हो. रिजवी ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए मौत से कम कोई सजा नहीं होनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि कोरोना की आड़ में यह संगठन गहरी साजिश रच रहा है. सरकार को कोई ठोस कदम उठाकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. हालांकि, जमात-ए-उलमा-ए-हिन्द के मौलाना महमूद मदनी ने इसका बचाव करते हुए कहा है कि कार्यक्रम पहले से चल रहा था. इसी बीच लॉकडाउन हो गया. उम्मीद नहीं थी इस तरह लॉकडाउन हो जाएगा और सब कुछ बंद हो जाएगा. इसलिए ये लोग निजामुद्दीन में फंस गए. बता दें कि कार्यक्रम में शामिल हुए मौलाना तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा समूहों में पहुंचे थे. वहां की मस्जिदों और कई मीटिंग में इन लोगों ने हिस्सा भी लिया था. ऐसे में कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका ज्यादा हो गई है.

मेवात से शुरू हुई तबलीग जमात 213 देशों में जमा चुकी है पैर
तबलीगी जमात की शुरुआत भारत में 1926-27 के दौरान हुआ. मौलाना मुहम्मद इलियास ने इसकी शुरुआत दिल्ली से सटे मेवात में लोगों को मजहबी शिक्षा देने के जरिए की. बाद में यह सिलसिला आगे बढ़ता गया. भारत में तबलीगी जमात की पहली मीटिंग 1941 में हुई थी. इसमें 25,000 लोग शामिल हुए थे. 1940 के दशक तक जमात का कामकाज अविभाजित भारत तक ही सीमित था. बाद में इसकी शाखाएं पाकिस्तान और बांग्लादेश तक फैल गईं. तबलीगी जमात का सबसे बड़ा जलसा हर साल बांग्लादेश में होता है. पाकिस्तान में भी एक सालाना कार्यक्रम रायविंड में होता है. इसमें दुनियाभर के लाखों मुसलमान शामिल होते हैं. आज तबलीगी जमात का काम दुनियाभर के लगभग 180 देशों तक फैल चुका है. फिलहाल दिल्‍ली में जमात के 1,500 से 3,000 लोगों के जुटे होने की बात सामने आ रही है, जिसमें कम से कम 250 लोग विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं. दिल्ली के मरकज में सऊदी अरब, मलेशिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे कोरोना प्रभावित देशों के लोग भी जुटे थे.

मलेशिया में 27 मार्च को एक ही दिन में 673 लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए. इनमें दो-तिहाई तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे.


आतंकवाद से कनेक्‍शन, पाक पहले भी लगा चुका है प्रतिबंध
पाकिस्तान के कराची में मई, 2011 में नौसेना बेस मेहरान पर हुए आतंकी हमले के बाद तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे. इस हमले में 12 से 15 आतंकियों की अंधाधुंध गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई थी. पाकिस्‍तान की सेना ने कहा था कि ये संगठन इस्‍लाम की तामील देने के नाम पर कट्टरपंथ को हवा दे रहा है. हरियाणा के मेवात से 2016 में अलकायदा के संदिग्‍ध आतंकी दबोचे गए थे. ये मेवात के पुन्‍हाना कस्‍बे की एक मस्जिद में 16 लोग ठहरे हुए थे. पुलिस ने जमात के एक-एक सदस्‍य का नाम पूछा और झारखंड के जमशेदपुर के सैयद मोहम्‍मद कासित और अब्‍दुल समी को गिरफ्तार कर लिया.

द न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तबलीगी जमात पर करीबी नजर रखने वाले यूरोपीय अधिकारियों का कहना है कि कई आतंकी मामलों में जमात की भूमिका सामने आई है. कई आतंकियों का पता लगाने वाले फ्रांस के एक इंटेलिजेंस अफसर ने कहा कि जमात आतंकवाद को पनपने के लिए जमीन तैयार करके देता है. एक समय ऐसा आया कि ने फ्रांस सरकार ने जमात से संबंधित मौलवियों को देश छोडने का आदेश दे दिया था. दुनिया भर की इंटेलिजेंस एजेंसीज का मानना है कि तबलीगी जमात सीधे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल न होकर आतंकी संगठनों के लिए जमीन तैयार करती है.

मलेशिया में भी तबलीग जमात में शामिल लोगों में संक्रमण
मलेशिया (Malaysia) में भी 27 मार्च को एक ही दिन में 673 लोगों में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी लोग तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां इकट्ठा हुए थे. ये सभी लोग फरवरी के आखिरी हफ्ते में यहां पहुंचे थे. जमात के इस कार्यक्रम में देश-दुनिया के 16,000 लोगों ने शिरकत की थी. इनमें 1,500 विदेशी नागरिक थे. मलेशिया के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. अदहाम बाबा ने कहा कि श्री पेटालिंग मस्जिद में हुए कार्यक्रम में शामिल होने वाले 34 साल के एक व्‍यक्ति की आज संक्रमण के कारण मौत हो गई. ये मस्जिद कुआलालंपुर के बाहर स्थित है. उन्‍होंने कहा कि यहां हुए कार्यक्रम से दक्षिण-पूर्व एशिया में कोरोना वायरस फैलने का खतरा ज्‍यादा हो गया है. मलेशिया में संक्रमित पाए गए इन 673 लोगों में से दो-तिहाई 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच हुए जलसे में शामिल हुए थे. मलेशिया में अब तक 2,626 लोग संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें 37 की मौत हो चुकी है.

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First published: March 31, 2020, 7:05 PM IST
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