केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया ट्वीट, 'भारत के मूल संविधान में भी है भगवान राम का स्केच'

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया ट्वीट, 'भारत के मूल संविधान में भी है भगवान राम का स्केच'
भगवान राम की यह तस्वीर संविधान के तीसरे अध्याय के पहले लगाई गई थी.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) के भूमि पूजन के मौके पर भारतीय संविधान (Indian Constitution) में बनी भगवान राम (Lord Ram) की तस्वीर शेयर की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 2:36 PM IST
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अयोध्या में  राममंदिर के निर्माण के लिए आज भूमिपूजन होने जा रहा है. दोपहर को होने वाले इस भूमि पूजन के मौके पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित होंगे. पिछले कई दशकों से राम मंदिर के लिए इस भूमि पर विवाद चल रहा था लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ है. इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भारतीय संविधान की मूल प्रति में भगवान राम की अयोध्यया में लौटने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की.

संविधान में कहां है यह तस्वीर
दरअसल संविधान की जिस मूल प्रति को हाथ से लिखा गया है उसके हर अध्याय के पहले पन्ने पर कुछ तस्वीरें बनाई गई हैं. इसमें संविधान के तृतीय अध्याय के पहले भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की तस्वीर हैं. यह तस्वीर उस समय की है जब श्री राम रावण वध के बाद अयोध्या लौट रहे थे. संविधान का तृतीय अध्याय का संबंध मूल अधिकारों से है.

पहले भी इस तस्वीर का जिक्र कर चुके हैं प्रसाद
ऐसा नहीं है कि प्रसाद ने इन तस्वीरों को जिक्र पहली बार किया है. पिछले साल भी उन्होंने इन तस्वीरों का जिक्र किया था और कहा था कि अगर इस समय संविधान बन रहा होता और उसमें भगवान राम की तस्वीर होती तो हंगामा मच जाता. उससे पहले भी वे इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर कर चुके हैं. प्रसाद ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अपने ट्वीट शेयर किया है.



क्या कहा अपने ट्वीट में
रविशंकर ने अपने ट्वीट में कहा, “भारत के संविधान की मूल प्रति में मौलिक अधिकारों से जुड़े अध्याय के आरम्भ में एक स्केच है जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या वापसी का है. आज संविधान की इस मूल भावना को आप सभी से शेयर करने का मन हुआ.”



मूल अधिकार वाले भाग की शुरुआत त्रेतायुग से होती है. इस चित्र में भगवान राम रावण को हराकर सीता जी को लंका से वापस ले आ रहे हैं. राम धनुष-बाण लेकर आगे बैठे हुए हैं और उनके पीछे लक्ष्मण और हनुमान हैं.

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किसने बनाई हैं ये तस्वीरें
संविधान की इस मूल प्रति में इन तस्वीरों को प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस और विश्व भारती शांति निकेतन के कलाकारों की बनाया था.  संविधान में कुल 22 भाग हैं. इस तरह उन्हें भारतीय संविधान की इस मूल प्रति को अपने 22 चित्रों से सजाने का मौका मिला. इन 22 चित्रों को बनाने में चार साल लगे.

Ram mandir
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और भी हैं तस्वीरें
इनमें में रामायण की भगवान राम के अलावा  मोहनजोदड़ो, वैदिक काल, महाभारत, बुद्ध के उपदेश, महावीर के जीवन, मौर्य, गुप्त व मुगल काल, इसके अलावा गांधी, सुभाष, हिमालय से लेकर सागर आदि के चित्रों को शामिल किया गया है.

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कैसे आई तस्वीर
कहा जाता है कि जब संविधान तैयार हुआ तो उसमें ऊपर नीचे बहुत जगह खाली जगह छूटी थी. फिर इस पर विचार हुआ कि इस खाली जगह के जरिए भारत की 5000 साल पुरानी संस्कृति को प्रदर्शित किया जाए. इस काम के लिए नंदलाल बोस को आमंत्रित किया गया. इसके बाद इस महान चित्रकार ने अपने कुछ शिष्यों के साथ मिलकर एक हस्तलिखित पन्नों में तस्वीरें भरने का काम किया और बाद में समिति से जुड़े सभी लोगों ने इन चित्रों को संविधान के रिक्त स्थान पर शामिल करने पर सहमति देते हुए उस पर हस्ताक्षर किए.
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