71 का युद्ध लड़ चुके सांसद कर्नल सोनाराम क्या फिर पलटी मार रहे हैं

71 का युद्ध लड़ चुके सांसद कर्नल सोनाराम क्या फिर पलटी मार रहे हैं
कर्नल सोनाराम चौधरी

कर्नल सोनाराम बाडमेर के दमदार नेता हैं. चार बार सांसद रह चुके हैं. अब वो बीजेपी के खिलाफ ये कदम उठाकर चर्चाओं में हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2019, 4:43 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी के बाड़मेर से सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी  के एक दिन पहले कांग्रेस का हाथ थामने की चर्चाएं थीं. लेकिन उन्होंने अपना इरादा लगता है फिलहाल टाल दिया है. उन्होंने पिछले दिनों भाजपा के बड़े पदाधिकारियों पर टिकट के लिए धन लेने का आरोप लगाया था. ये भी जता दिया था कि वो कांग्रेस में लौट जाएंगे. लेकिन लगता है कि बीजेपी के समझाने बुझाने पर ऐसा लग रहा है कि वो फिर बीजेपी के साथ ही बने रह सकते हैं.

वैसे बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर वो सख्त नाराज थे. लिहाजा एक दिन पहले तक बीजेपी पर आरोपों की झड़ी लगा रहे थे. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि बीजेपी को उन्हें और उनके समर्थकों को आहत करने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा. उन्हें बेबाक नेताओं में जाना जाता है. 73 साल का होने के बाद भी उनकी फिटनेस और सक्रियता गजब की है.

राजस्थान के पुराने नेताओं में शुमार
कर्नल सोनाराम चौधरी राजस्थान के पुराने नेताओं में हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि है कि वो सियासी हवा को तेजी से भांपते हैं और उसी के अनुसार कदम उठाते हैं.



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उन्हें इस बार बीजेपी से टिकट की उम्मीद थी लेकिन जब टिकट काट गया तो नाराजगी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने घोषणा कर दी कि वो कांग्रेस ज्वाइन कर लेंगे.

बाडमेर में जसवंत और उनके बेटे से चलती थी अदावत 
बाडमेर में उनकी अदावत लंबे समय से जसवंत सिंह और उनके परिवार से है. अबकी बार भी माना जा रहा था कि वो बाडमेर में पूर्व भाजपा नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र के खिलाफ चुनाव मैदान में होंगे. मानवेंद्र को कांग्रेस ने बाडमेर से लोकसभा का टिकट दिया है.

कर्नल सोनाराम बाड़मेर में लोकप्रिय नेता हैं, वो यहां से जसवंत सिंह को भी हरा चुके हैं


जसवंत को हरा चुके हैं 
पिछले लोकसभा चुनावों में कर्नल सोनाराम ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह को हराया था. इसके बाद बीजेपी में उनका कद भी बढ़ा था. तब जसवंत सिंह बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे.

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चार बार बाडमेर के सांसद रहे हैं
कर्नल सोनाराम इस इलाके के पुराने नेता हैं. उन्होंने 1996 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था. तब वो पहली बार यहां से लोकसभा में पहुंचे थे. इसके बाद से तीन बार यहां से लोकसभा में पहुंच चुके हैं. 2004 के चुनावों में वो इस सीट पर जरूर बीजेपी के मानवेंद्र सिंह से हार गए थे.

मौका देखकर कांग्रेस को झटका 
तब कर्नल सोनाराम ने 2008 में राजस्थान विधानसभा का चुनाव लड़ा. जीतकर राज्य की विधानसभा में भी पहुंचे. जब 2014 के चुनावों में देश में मोदी लहर चल रही थी. तब उन्होंने मौका देखकर कांग्रेस को झटका दिया. बीजेपी में शामिल ही नहीं हुए बल्कि यहां से कमल के चुनाव निशान पर जीत भी हासिल की.

कर्नल सोनाराम बाडमेर से चार बार सांसद रह चुके हैं


दबंग और बेबाक 
कर्नल सोनाराम दबंग भी हैं और और बेबाक नेता के रूप में चर्चित हैं. उन्होंने जोधपुर से इंजीनियरिंग की. उसके बाद सेना में नौकरी की. वहां उन्हें कर्नल रैंक मिला.

पाकिस्तान के खिलाफ 
कर्नल सोनाराम भारत पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध में भाग ले चुके हैं. माना जाता है कि उन्होंने स्थानीय बेरोजगारों को खूब नौकरियां दिलाईं हैं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने समाज सेवा का काम शुरू किया. फिर इससे मिली लोकप्रियता उन्हें राजनीति में ले आई.
वो बीजेपी में आने से पहले कांग्रेस की तमाम कमेटियों में रह चुके हैं और पार्टी के पदाधिकारी के तौर पर काम कर चुके हैं. वो गोल्फ खेलते हैं. तैराकी में उस्ताद हैं और अच्छे फोटोग्राफर भी.

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