• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • ब्रिटेन में कभी खाने के लिए तो कभी पेट्रोल के लिए क्यों लग रही हैं लंबी लाइनें

ब्रिटेन में कभी खाने के लिए तो कभी पेट्रोल के लिए क्यों लग रही हैं लंबी लाइनें

ब्रिटेन (Britain) में पेट्रोल पंप की कतारें लंबी हो रही हैं और लोगों का सब्र टूट रहा है.(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock/ Jevanto Productions)

ब्रिटेन (Britain) में पेट्रोल पंप की कतारें लंबी हो रही हैं और लोगों का सब्र टूट रहा है.(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock/ Jevanto Productions)

ब्रिटेन (Britain) में आजकल पेट्रोल और भोजन के लिए कतारें लंबी होती जा रही है, आपूर्ति की समस्या के कई कारण है जिसकी वजह ब्रेक्जिट (Brexit) और कोविड-19 (Covid-19) की पाबंदियों में भी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    शिष्टाचार और व्यवहार के मामले में ब्रिटेन (Britain) की मिसाल की दी जाती है. वहां के लोग बर्ताव और बातचीत में सलीके का बहुत बारीकी से ख्याल रखते हैं. माना जाता है कि इसमें कतार में लगना भी शामिल है. दुनिया के कई देशों में लोग कतार (Queue) में लगना पसंद नहीं करते, लेकिन ब्रिटेन में ऐसा नहीं हैं. फिर भी पिछले कुछ समय से ब्रिटेन की कतारें पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है. वहां पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर कारों की लंबी कतारें है,  वहीं कई जगह खाने (Food) की कतारें भी लंबी हैं जिसकी वजह के रूप में भोजन की उपलब्धता में कमी की खासी चर्चा है. आइए, जानते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है.

    ब्रिटेन के हजारों पेट्रोल पंप पर कारों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं और कतारों की कद्र करने वाले ब्रिटेन के नागरिकों का गुस्सा भी सोशल मीडिया पर दिखने भी लगा है. सरकार और तेल कंपनियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल जरूरत का ही पेट्रोल खरीदें, कतारों में कमी नहीं दिख रही है.

    मांग का दबाव
    बहुत सारे पेट्रोल पंप मांग पूरी करने की स्थिति में नहीं हैं और उन्हें बंद करना पड़ा है. कतार लंबी होने की स्थिति में लोग जरूरतसे ज्यादा पेट्रोल भरवाने की कोशिश कर रहे हैं ऐसे में पंपों पर और दबाव बढ़ता जा रहा है. पेट्रोल पंपों पर दबाव की स्थिति में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सेना को भी स्थिति को काबू करने के लिए बुला लिया है.

    कमी नहीं लेकिन दबाव ज्यादा
    तेल कंपनियों का कहना है कि पट्रोल की कमी नहीं है और हालात केवल तेजी से बढ़ी मांग की वजह से ऐसे हैं. सरकार का भी यही कहना है कि लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल खरीद रहे है जिससे मांग का दबाव ज्यादा हो गया है. पर्यावरण सचिव जॉर्ज एस्टिस का यह भी कहना है कि मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया के कारण लोगों में ज्यादा पैनिक हो गया है. इसी वजह से कमी दिखाई दे रही है.

    Britain, UK, Covid-19, Brexit, Food Shortage, Petrol Shortage, Long queue in Britain,

    ब्रिटेन (Britain) में पेट्रोल के अलावा खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर भी बहुत असर पड़ा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock/ Alex Yeung)

    खाद्य सामग्री पर भी संकट
    यह आपूर्ती का संकट केवल पेट्रोल के साथ ही नहीं है. पूरे ब्रिटेन के सुपरमार्केट में भी सामान, खास तौर से खाने की कमी दिखने लगी है. सुपरमार्केट में सामान कम होता जा रहा है. फास्टफूट चिकन चेन नंदूज ने अपने कुछ आउटलेट्स बंद कर दिए हैं. मैक्डॉनल्ड मिल्कशेक नहीं दे पा रहा है. लोकप्रिय बियर ब्रांड उपलब्ध नहीं हैं. और इस तरह की सूची बढ़ती जा रही है.

    सिख हवलदार ईश्वर सिंह का क्यों सम्मान कर रहा है ब्रिटेन

    अचानक खुल गया सब
    ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दुनिया के सबसे अमीर देशों में एक ब्रिटेन में खाद्य और ईंधन की कमी कैसे पैदा हो गई. इसमें सबसे प्रमुख वजह यही है किहाल ही में कोविड-19 की पाबंदियां हटने के बाद  ब्रिटेन में जैसे ही लंबे लॉकडाउन के बाद बाजार खुले, अचानक सभी चीजों की मांग बहुत बढ़ गई. जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर बहुत दबाव आ गया.

    Britain, UK, Covid-19, Brexit, Food Shortage, Petrol Shortage, Long queue in Britain,

    इन समस्याओं की वह ब्रिटेन (Britain) में ट्रक ड्राइवरों की भारी कमी बताई जा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock/ Yau Ming Low)

    ये रहे कारण
    इस समस्या का एक और कारण ब्रेग्जिट का प्रभाव भ है जिसमें ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन से अलग हो गया. इसकी वजह से बहुत से विदेशी मजदूरों को वीजा की जरूरतों के चलते अपने देश वापस लौटना पड़ा. ये कामगार अब ब्रिटेन में आसानी से नहीं घूम सकते हैं. बताया जा रहा है कि दस लाख लोगों के जाने से सेवा क्षेत्र और उसमें भी ट्रक ड्राइवरों की संख्या तेजी से कम हो गई. जिससे हर जगह समस्या हो रही है.

    जंगलों की आग ने तोड़े रिकॉर्ड, साइबेरिया उत्तरी अमेरिका का रहा सबसे बुरा हाल

    इसमें एक बड़ा कारण कोविड-19  के कारण बंद हुई लोक सेवा कार्य भी हैं जिसमें ड्राइवर भर्ती की परीक्षा आदि बन होना शामिल है. बहुत से ड्राइवर अपने टेस्ट की बारी की इंतजार कर रहे हैं. कोविड पाबंदियों की सख्तियों ने भी लोगों को इस प्रकियाओं से दूर रखा. इसके अलावा कोविड के आर्थिक प्रभावों के कारण हुई छंटनी ने कार्यबल में खासी कमी ला दी है. इसका नतीजा यह है कि अब हालात बद से बदतर होते जा रहा है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज