ये हैं वो भारतीय अधिकारी जो चीन के साथ सीमा विवाद पर अहम बैठक में लेंगे हिस्सा

ये हैं वो भारतीय अधिकारी जो चीन के साथ सीमा विवाद पर अहम बैठक में लेंगे हिस्सा
हरिंदर सिंह (बाएं) ने अक्टूबर 2019 में लेह में भारतीय सेना की 14 कॉर्प्स का कमांडर पद संभाला था

चीन (China) के साथ करीब एक महीने से चल रहे सीमा विवाद (Border Dispute) को सुलझाने के लिए रखी गई इस अहम बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह (Lt Gen Harinder Singh) करेंगे.

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नई दिल्ली. भारत और चीन (India-China) के बीच चल रहे सीमा-विवाद के मद्दनेजर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शनिवार को बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि अक्साई चिन में तकरीबन एक महीने से चल रहे विवाद का इस बैठक में कोई हल निकल सकता है. ये बैठक दोनों देशों के लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अधिकारियों के बीच होगी. बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह (Harinder Singh) करेंगे.

हरिंदर सिंह इस वक्त लेह में भारतीय सेना की 14 कॉर्प्स (Fire and Fury Corps) के कमांडर हैं. हालांकि बीते कुछ दिनों में सीमा विवाद के तनाव में कमी आई है. खबरें आई थीं कि LAC पर गलवान घाटी में चीनी सेना करीब 2 किलोमीटर पीछे हट गई है.

कौन हैं हरिंदर सिंह?
उग्रवादरोधी मामलों के एक्सपर्ट हरिंदर सिंह अक्टूबर 2019 से 14 कॉर्प्स कमांडर हैं. इससे पहले वो भारतीय सेना में कई अहम पद संभाल चुके हैं. इनमें डायरेक्टर ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस, डायरेक्टर ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स और डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशन लॉजिस्टिक्स एंड स्ट्रैटेजिक मूवमेंट जैसे बेहद अहम पद शामिल हैं.






हरिंदर सिंह अफ्रीका में संयुक्त राष्ट्र के मिशन का भी हिस्सा रह चुके हैं. जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक काम करने की वजह से उन्हें युद्ध अनुभव भी हासिल है. हरिंदर सिंह का भारतीय सेना में कमीशन एनडीए के तहत मराठा लाइट इंफैंट्री में हुआ था. बाद में उन्होंने डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. वो इंस्टिट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के सीनियर फेलो भी रह चुके हैं. हरिंदर सिंह ने डिफेंस और युद्ध नीति को लेकर कई रिसर्च पेपर लिखे हैं. जल्द ही उनकी एक किताब 'Establishing India's Military Readiness Concerns and Strategy' भी आने वाली है.

पीछे हटी है चीनी सेना
गलवान घाटी में चीनी सेना 2 किमी और भारतीय सेना अपनी जगह से 1 किमी पीछे हटी है. बता दें पीएलए (PLA) के सैनिक एलएसी के पास अलग-अलग जगहों पर एकत्रित हैं. एक जगह पर पीएलए के सैनिक अपनी हाल की पोजिशन से करीब 100 यार्ड्स तक पीछे चले गए हैं. उन्होंने हाल ही में कोई बड़ी गतिविधि नहीं की है और न ही चीन के सैनिकों ने अपना उग्र व्यवहार दिखाया है. पूर्वी लद्दाख के पास चीनी वायुसेना के विमानों की उड़ान को लेकर भी भारत और चीन बातचीत कर रहे हैं.

12 बार से ज्यादा बार हो चुकी है दोनों देशों की बात
दोनों ही तरफ के अधिकारियों के बीच मई के पहले हफ्ते से शुरू हुए इस विवाद के बाद से करीब 12 से ज्यादा बार बात हो चुकी है. मई की शुरुआत में चीन ने करीब 5 हजार से ज्यादा सैनिकों को एलएसी पर भेज दिए थे और वह भारत के कुछ हिस्सों में दाखिल हो गए थे.

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First published: June 5, 2020, 8:11 AM IST
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