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महाराष्ट्र में बीजेपी को देवेंद्र फडणवीस पर क्यों है इतना भरोसा?

Vivek Anand | News18Hindi
Updated: October 24, 2019, 9:45 AM IST
महाराष्ट्र में बीजेपी को देवेंद्र फडणवीस पर क्यों है इतना भरोसा?
देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) को देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के तौर पर दमदार राजनीतिक शख्सियत मिला है. पिछले 5 वर्षों के शासन में उन्होंने ये सिद्ध करके दिखाया है...

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  • Last Updated: October 24, 2019, 9:45 AM IST
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. बीजेपी (BJP) ने शुरुआत से ही बढ़त बनाई हुई है. बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shivsena) गठबंधन एक बार फिर सरकार बनाती दिख रही है. बीजेपी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) पर भरोसा करके चुनावों में उतरी थी. चुनाव के दौरान महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के 5 साल के काम का लेखा-जोखा देकर वोट मांगे गए.

देवेंद्र फडणवीस राजनीति के ऐसे शख्सियत बनकर उभरे हैं जिन्होंने बहुत कम वक्त में कामयाबी की बुलंदियां छुई हैं. महाराष्ट्र में 5 वर्षों के बीजेपी-शिवसेना की गठबंधन सरकार को कामयाबी से चला ले जाने की उपलब्धि उनके खाते में है. ये उपलब्धि भी उन्होंने तब हासिल की है, जब 2014 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर उनकी कोई ज्यादा पहचान नहीं थी.

2014 के चुनावों के बाद बीजेपी ने दिया था सरप्राइज

2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद सीएम के तौर पर देवेंद्र फडणवीस का नाम सामने आना हैरान करने वाला था. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने एक युवा नेता पर भरोसा जताया था. सीएम के नाम के ऐलान होने से पहले राष्ट्रीय राजनीति में कम ही लोग देवेंद्र फडणवीस से वाकिफ थे. उस लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना का बरसों पुराना संबंध टूटा था. दोनों ने अकेले चुनाव लड़ा था.

बीजेपी बिना किसी मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनावों में गई थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के छाने के बाद महाराष्ट्र के नतीजों में इसकी झलक दिखाने की बारी थी. बीजेपी को 122 सीटें मिली और शिवसेना को इससे आधी सीटों (62) पर सिमटना पड़ा. महाराष्ट्र की कुल 288 सीटों में बीजेपी बहुमत के आंकड़े से दूर थी. बिना बहुमत के सरकार चलाने के लिए एक काबिल तेज तर्रार और माहिर रणनीतिकार की जरूरत थी. लेकिन सबको हैरान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने इसके लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम चुना.

maharashtra assembly election 2019 why bjp has so much of faith in devendra fadnavis
शिवसेना लगातार सरकार पर हमलावर रही लेकिन देवेंद्र फडणवीस सरकार चला ले गए


बीजेपी ने महाराष्ट्र की पारंपरिक राजनीति बदल दी
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मराठाओं के वर्चस्व वाली महाराष्ट्र की राजनीति में देवेंद्र फडणवीस का चुना जाना इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि वो ब्राह्मण समुदाय से आते हैं. महाराष्ट्र में अब तक हुए 18 मुख्यमंत्रियों में 12 मराठा समुदाय से आते हैं. लेकिन बीजेपी ने ब्राह्मण नेता को सीएम के तौर पर आगे करके महाराष्ट्र की पारंपरिक राजनीति से अलग रुख अपनाया था. देवेंद्र फडणवीस पर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने जिस तरह से भरोसा जताया था. उससे उसी वक्त लग रहा था कि ये बिल्कुल सोचा समझा फैसला है. ठोस आधार पर ही बीजेपी ने ये रिस्क लिया है. और ये सही भी साबित हुआ.

महाराष्ट्र की चुनौतीपूर्ण राजनीति में देवेंद्र फडणवीस हर राजनीतिक दुविधा और बाधा को पार करते गए. जबकि देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक राह में बड़ी मुश्किलें थीं. महाराष्ट्र में 75 फीसदी जमीनों पर वहां के मराठाओं का कब्जा है. राज्य के करीब 55 फीसदी शिक्षण संस्थान मराठाओं के पास हैं. करीब 70 फीसदी कोऑपरेटिव सोसायटी पर मराठाओं का वर्चस्व है और 105 चीनी मिलों में 86 मराठाओं के पास हैं. राज्य की तीस फीसदी आबादी मराठाओं की हैं, जबकि ब्राह्मण इसमें सिर्फ 10 फीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं.

विपरित परिस्थिति दर्शाने वाले इन सारे आंकड़ों को एक तरफ रखकर देवेंद्र फडणवीस को सफलता से शासन करना था. बिना मराठाओं को नाराज किए सबको मिलाकर चलना था.

सत्ता संभालते ही देवेंद्र फडणवीस ने राजनीतिक कुशलता का परिचय दिया

देवेंद्र फडणवीस ने सत्ता संभालते ही अपने रणनीतिक कौशल दिखाने शुरू कर दिए. अल्पमत वाली बीजेपी सरकार के विश्वास मत की बात आई तो एनसीपी विधायकों से बहिष्कार करवाकर सरकार बचा ली. फिर शिवसेना को सरकार में शामिल कर लिया. देवेंद्र फडणवीस के सत्ता संभालते ही मराठाओं ने महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग तेज कर दी.

कांग्रेस और एनसीपी ने इस मांग को हवा दी. सीएम बनते ही देवेंद्र फडणवीस के सामने ये सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई. लेकिन फडणवीस ने इस चुनौती से भी सफलतापूर्वक निपटे. उन्होंने मराठाओं के मराठा आरक्षण की मांग को स्वीकार करते हुए रिजर्वेशन दिलवाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए. उन्होंने कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार का ऐसा पक्ष रखा कि कोर्ट से आरक्षण को रद्द न कर सके. फडणवीस सरकार ने बिना किसी विरोध के मराठाओं को आरक्षण दिलवाने में कामयाब रही.

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शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ देवेंद्र फडणवीस के अच्छे संबंध हैं


बीजेपी को देवेंद्र फडणवीस के तौर पर दमदार राजनीतिक शख्सियत मिला

पूरे 5 साल तक दवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना को भी साधे रखा. इन 5 वर्षों में शिवसेना लगातार सरकार पर हमलावर रही लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना के साथ तालमेल बनाए रखा. इसकी सबसे बड़ी वजह रही देवेंद्र फडणवीस की शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से अच्छे संबंध. देवेंद्र फडणवीस शिवसेना के साथ मिलकर 5 साल तक सरकार चलाए और चुनावों से पहले गठबंधन के लिए उसे तैयार भी कर लिया.

चुनावों से पहले लग रहा था कि सीट बंटवारे पर बीजेपी और शिवसेना के बीच मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. जिस तरह के तेवर शिवसेना ने अपना रखे थे उसमें गठबंधन के बनने की संभावना कम होती दिख रही थी. लेकिन न सिर्फ गठबंधन बना बल्कि बीजेपी ने सीटों का सम्मानजनक बंटवारा किया. बीजेपी ने अपने और सहयोगियों के लिए 164 सीटें रखीं और शिवसेना को 124 सीटें दीं.

2014 के चुनाव में बीजेपी बिना सीएम फेस के उतरी थी. 2019 के चुनाव में उनके पास देवेंद्र फडणवीस का चेहरा था. उनके 5 साल के कामों का लेखा जोखा था. शिवसेना के साथ मजबूत गठबंधन था. महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के तौर पर बीजेपी को दमदार राजनेता मिला है. जिसकी वजह से बीजेपी के लिए ये चुनाव आसान रहा.
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First published: October 24, 2019, 9:32 AM IST
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