#Gandhi150 : कैसे गांधी हत्या के बाद भी दुनिया भर के आंदोलनों से जुड़े रहे?

दुनिया के कोने-कोने में गांधी के विचारों ने बनाया है लोगों को दीवाना

दुनिया के कोने-कोने में गांधी के विचारों ने बनाया है लोगों को दीवाना

महात्मा गांधी के बारे में ये बातें जानकर सारे ही भारतीयों को अपने राष्ट्रपिता पर होगा गर्व.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2018, 4:55 PM IST
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(20वीं शताब्दी के सबसे निर्मम और हिंसक दौर में, जब विश्व दो-दो विश्वयुद्ध की त्रासदियों से गुजर रहा था. भारत में एक महात्मा ने सत्य और अहिंसा को लोगों के मन में पुन:स्थापित किया. इस महात्मा को आगे चलकर भारत ने अपना राष्ट्रपिता माना और दुनिया ने उसकी तुलना ईसा मसीह और महात्मा बुद्ध से की. इस साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी को इस दुनिया में आए 150वां साल होने को है. इस मौके पर हम आपको गांधी से जुड़ी तमाम जानकारियां '#गांधी150' सीरीज में दे रहे हैं. पिछली सारी कहानियों के लिए यहां क्लिक करें.)

महात्मा गांधी को 4 महाद्वीपों के 12 देशों के सिविल राइट्स मूवमेंट में योगदान का श्रेय दिया जाता है. दरअसल गांधी ने सीधे इस मूवमेंट में भाग नहीं लिया था. बल्कि इन नागरिक अधिकार आंदोलनों के नेता महात्मा गांधी को अपनी प्रेरणा मानते थे. कुछ ऐसे ही नेता जो महात्मा गांधी को अपनी प्रेरणा मानते थे, वे हैं-

बराक ओबामा - 2009 में बराक ओबामा अमेरिका के एक स्कूल में नौंवी कक्षा के बच्चों से बात कर रहे थे. इसी दौरान एक बच्चे ने उनसे पूछा, 'अगर आपको किसी जिंदा या मृत व्यक्ति के साथ डिनर पर जाने का मौका मिले, तो आप किसे चुनेंगे.' ओबामा ने मुस्कुराहट के साथ जबाव दिया, 'मैं सोचता हूं गांधी, जो मेरे असली हीरो हैं.'



आंग सान सू की - नोबेल पुरस्कार पा चुकीं बर्मा की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आंग सान सू की ने 2012 में न्यूयॉर्क में एक भाषण के दौरान खुद पर महात्मा गांधी और उनके जीवन के गहरे प्रभाव की बात कही थी. साथ ही उन्होंने वहां मौजूद छात्रों से महात्मा गांधी के साहित्य को पढ़ने की गुजारिश भी की थी.
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नेल्सन मंडेला - नेल्सन मंडेला 20वीं शताब्दी में दक्षिण अफ्रीका के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख नेता थे. उन्होंने महात्मा गांधी को अपना सबसे महान शिक्षक बताया था. मंडेला ने अपने जीवन के करीब 40 साल जेल में काटे थे और बाद में वे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति भी बने थे.

दलाई लामा - दलाई लामा चीन के कब्जे वाले प्रांत तिब्बत के सबसे बड़े नेता और धार्मिक गुरू हैं. उन्होंने कई मौकों पर खुद पर महात्मा गांधी के प्रभाव को स्वीकार किया है. साथ ही वे भी महात्मा गांधी की तरह मानते हैं कि आध्यात्मिकता, राजनीतिक बदलाव से कहीं ज्यादा प्रमुखता रखती है.

मार्टिन लूथर किंग जूनियर - मार्टिन लूथर किंग की एक बात सुनकर तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं. उन्होंने कहा था, "क्राइस्ट (ईसा मसीह) ने हमें लक्ष्य दिए और महात्मा गांधी ने उन लक्ष्यों को पाने के तरीके." मार्टिन लूथर किंग जूनियर अमेरिकी सिविल राइट्स मूवमेंट के नेता थे. उन्होंने करोड़ों अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के अधिकारों के लिए आंदोलन चला रखा था.

अल गोर - अमेरिका के पूर्व उप-राष्ट्रपति अल गोर एक पर्यावरणवादी भी थे. उन्होंने भी स्वीकार किया था कि महात्मा गांधी ने उन्हें बहुत ज्यादा प्रभावित किया है. अल गोर ने ग्लोबल वॉर्मिंग के खिलाफ एक अभियान चला रखा था और मानते थे कि उन्हें इसकी प्रेरणा महात्मा गांधी से मिली.

इस सीरीज की पुरानी कहानियां पढ़ने के लिए नीचे दी गई तस्वीर पर क्लिक करें-



यू थांट - यू थांट, यूनाइटेड स्टेट्स के तीसरे सेक्रेटरी जनरल थे. वे भी गांधी से बहुत प्रभावित थे. उन्होंने कहा था कि गांधी जी के कई सारे सिद्धांत सर्वकालिकता रखते हैं.

हो ची मिन्हृ - वियतनाम के कम्युनिस्ट क्रांति के समर्थक नेता हो ची मिन्ह भी गांधी से बेहद प्रभावित थे. उन्होंने एक बार गांधी के बारे में कहा था, "मैं और दूसरे भले ही क्रांतिकारी हों लेकिन हम महात्मा गांधी के शिष्य हैं, चाहे वह सीधे-सीधे हों या फिर दूसरी तरह से, न ही ज्यादा न ही कम."

खान अब्दुल गफ्फार खान - आपको 'सीमांत गांधी' के नाम से भी जाना जाता था. स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में से एक थे. पाकिस्तान के पश्तून इलाकों में अब्दुल गफ्फार खान महात्मा गांधी के सत्याग्रह के प्रयोगों को लेकर गए. आप महात्मा गांधी की तरह ही भारत-पाकिस्तान एकता के समर्थक थे.

सीजर चावेज - ये मैक्सिकन-अमेरिकन लेबर और सिविल राइट्स मूवमेंट के नेता थे. सीजर लैटिन अमेरिकी मजदूरों के नेता के तौर पर पहचाने जाते थे. इन्होंने भी गांधी के जैसे सत्याग्रह के जरिए कई सारी बातें सरकारों से मनवाई थीं.

हेली सेलासी I - ये इथोपिया के राजा थे. इथोपिया अफ्रीका का एक देश है. इस राजा का कहना था, "जब तक आजाद लोग और आजादी को चाहने वाले लोग रहेंगे और न्याय जिंदा रहेगा, महात्मा गांधी को हमेशा याद किया जाएगा."

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