30 देशों ने भारत से की Hydroxychloroquine की मांग, विदेश मंत्रालय लेगा अंतिम फैसला

30 देशों ने भारत से की Hydroxychloroquine की मांग, विदेश मंत्रालय लेगा अंतिम फैसला
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इलाज मलेरिया के इलाज में होता है

CoronaVirus: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुद कहा, 'मैंने भारत से अनुरोध किया है कि हमने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का जो ऑर्डर दिया है, भारत उसका निर्यात अमेरिका को करे.'

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कोरोना वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया परेशान है. हर तरफ मौतों का सिलसिला जारी है. वहीं, दूसरी तरफ कोरोना के इलाज में प्रभावी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) की मांग दुनियाभर से भारत में बढ़ती जा रही है. सूत्र के मुताबिक, अमेरिका समेत लगभग 30 देशों ने भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की है और निर्यात पर लगाये गये प्रतिबंध को हटाने की भी मांग की है.

सूत्रों के मुताबिक, अंतिम फैसला 7/8 अप्रैल तक होने की उम्मीद है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर 7 अप्रैल को होने वाली GoM की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा होगी. संबंधित मंत्रालय से चर्चा के बाद हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के दूसरे देशों को निर्यात करने पर अंतिम फैसला विदेश मंत्रालय की तरफ से लिया जायेगा. विदेश मंत्रालय हर देश की मांग के आधार पर तय करेगा की किसे कितना निर्यात करना है.

कौन-कौन देश चाहते हैं भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन?
करीब 30 देशों ने भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की है, इनमें 6-7 ऐसे देश हैं जहां की मांग अधिक है- अमेरिका, ब्राजील, जर्मनी, स्पेन इसमें शामिल हैं. इन 6-7 देशों में निर्यात पर अंतिम फैसला विदेश मंत्रालय करेगा.



सूत्र ने न्यूज़18 इंडिया को बताया की सार्क के देशों और बाकी देशों की मांग कम है और ये कोई बड़ा मसला नहीं. भारत के पास अपनी ज़रूरत के हिसाब से स्टॉक है और आने वाले दिनों में बढ़ती मांग को देखते हुये उत्पादन बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया जायेगा.



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कहा, 'मैंने भारत से अनुरोध किया है कि हमने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का जो ऑर्डर दिया है, भारत उसका निर्यात अमेरिका को करे.' इसके अलावा ब्राजील के राष्ट्रपति ने भी ट्वीट के जरिये जानकारी दी है की भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के लिये अनुरोध किया गया है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यात्रा प्रतिबंध लगाने से पहले चीन से करीब 1,300 सीधी उड़ानें अमेरिका के 17 राज्यों में उतरीं.

भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर है प्रतिबंध!
दरअसल, कोरोना से निपटने में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल की प्रभावी भूमिका को देखते हुए भारत की तरफ से 25 मार्च को एक आदेश जारी कर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. सिर्फ 3 अपवादों के आधार पर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का निर्यात दूसरे देश को हो सकता था लेकिन 4 अप्रैल को एक नये आदेश के जरिये सारे अपवादों को खत्म कर भारत सरकार ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया.

भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का सबसे बड़ा निर्यातक
भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का सबसे बड़ा निर्यातक देश है. इसके लिये कच्चा माल चीन से आता है जिसकी कीमत भी हाल के दिनों में कोरोना वायरस की वजह से बढ़ गई है. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इलाज मलेरिया के इलाज में होता है और भारत में मलेरिया के मरीजो की संख्या बहुत है, इसलिये भारत में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का उत्पादन अधिक होता है और ये सबसे बड़ा निर्यातक भी है.



भारत मांग पर करेगा विचार!
अमेरिका समेत सभी देशों की मांग पर भारत अपनी घरेलू आवश्यकता को देखते हुए विचार करेगा. ऐसे में ये भारत में आने वाले दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या पर भी विचार करेगा कि भारत को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की कितनी जरूरत हो सकती है.

मंत्रिसमूह की विभिन्न बैठकों में भारत की ज़रुरत पर चर्चा हुई है और कहा गया है कि देश की ज़रूरत से 25 फीसदी अधिक स्टॉक भारत अपने पास रखकर ही निर्यात करेगा.

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