Home /News /knowledge /

mars china to bring soil and rock samples to earth by 2031 says report viks

2 साल में ही मंगल ग्रह से मिट्टी के नमूने लाएगा चीन- रिपोर्ट

इस समय चीन (China) का जुरोंग रोवर मंगल पर सही सलामत काम कर रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

इस समय चीन (China) का जुरोंग रोवर मंगल पर सही सलामत काम कर रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

चीन (China) साल 2031 मंगल (Mars) से पत्थरों और मिट्टी के नमूने पृथ्वी (Earth) पर लाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए वह अपने मंगल पर भेजे गए तियानवेन-1 और चंद्रमा पर भेजे गए चांग-ई 5 अभियानों के अनुभवों का फायदा उठाएगा और अमेरिकी एजेंसी नासा और यूरोपीय स्पेस एंजेसी के संयुक्त अभियान से दो साल पहले ही नमूने पृथ्वी पर ले आएगा.

अधिक पढ़ें ...

    चीन (China) अमेरिका (USA) से चल रही अंतरिक्ष होड़ में आगे निलकने की तैयारी में है. पिछले कुछ दशकों में उसकी अंतरिक्ष गतिविधियां तो यही इशारा कर रही हैं. वह अमेरिका के नासा की तरह मंगल पर अपना रोवर पहुंचा चुका है. उसका एक खुद का इंटरनेशनल स्टेशन है. इसके अलावा वह कई ऐसे काम कर चुका है जिसमे वह दुनिया का पहला या एकमात्र देश है. चंद्रमा के पिछले हिस्से में यान उतारना, 50 साल बाद चंद्रमा से मिट्टी के नमूने लाना, मंगल (Mars) पर एक ही अभियान में प्रोब, रोवर और लैंडर भेजना इसमें शामिल है. लेकिन अब चीन नासा और ईसा से दो साल पहले ही मंगल से पत्थरों और मिट्टी के नमूने लाने की तैयारी कर रहा है.

    चीन अकेला करेगा ऐसा
    ऐसा करने से वह अमेरिका के नासा से आगे निकल सकता है. क्योंकि जो काम नासा और ईसा मिलकर साल 2033 में करने जा रहे हैं वह चीन खुद अकेले ही ऐसा कर लेगा. चीन के तियानवेन-1 के मंगल ऑर्बिटर और रोवर अभियान के प्रमुख डिजाइनर सुन जेझोऊ ने हाल ही  नान्जिंग यूनिवर्सिटी में आयोजित एक सेमिनार में इस अभियान के संकेत दिए.

    सरल डिजाइन होगी
    जेझोऊ ने बताया कि चीन दो प्रक्षेपण अभियानों की योजना बना रहा है जिसे 2028 में शुरू किया जाएगा और फिर मंगल से पत्थरों और मिट्टी के नमूनों को 2031 तक पृथ्वी तक वापस भी लाया जाएगा. इस बहुल प्रक्षेपण अभियान  की संरचन नासा और ईसा के संयुक्त अभियान की तुलना में सरल डिजाइन हो सकती है जिसमें मंगल पर एक ही  बार लैंडिंग होगी और अलग अलग जगहों पर रोवर की सैम्पलिंग नहीं होगी.

    मंगल और चांद का अनुभव आएगा काम
    तियानवेन-3 नाम के इस अभियान में एक लैंडर और एसेंट व्हीकल होने के साथ ऑर्बिटर और रिटर्न मॉड्यूल भी होंगे. दोनों संयोजनों को अलग अलग लॉन्ग मार्च और लॉन्म मार्च 5 बी के जरिए क्रमशः प्रक्षेपित किया जाएगा. इस अभियान के प्रवेश, अवरोहण और अवतरण तियानवेन -1 मिशन के अनुसार होगी, मिट्टी के  नमूनों को जमा करने का काम 200 में चांग-ई 5 के जरिए जैसे चंद्रमा से नमूने लाए गए थे उसी के अनुसार होगी.

    Research, Space, China, Mars, Earth, Rock Samples, Soil Samples, NASA,

    चीन (China) इस अभियान में तियानवेन-1 के अनुभवों का उपयोग करेगा.
    (तस्वीर: Wikimedia Commons)

    कब होगी लैंडिंग
    2028 में मंगल के उड़ान भरने के बाद इस अभियान में लैंडिंग साल 2029 के अंत में होगी.  रिपोर्ट के मुताबिक एसेंट व्हीकल के दो चरण होंगे और इसे ठोस या तरल ईंधन के जरिए 4.5 किलोमीटर प्रति सेंकेंड की गति से प्रक्षेपित किया जाएगा. यह पहले से मंगल का चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर से जुड़ेगा और उसके बाद अंतरिक्ष यान मंगल के ले अक्टूबर 2030 में रवाना होगा.

    यह भी पढ़ें: क्या नया बता रही हैं ग्रह निर्माण करने वाली डिस्क की नई तस्वीरें

    पहले ही मंगल पर काम कर रहा है अभियान
    सुन ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि तियानवेन -1 ऑर्बिटर पहले ही मंगल  का चक्कर लगा रहा है और कई तरह के परीक्षण भी कर रहा है जिसके नतीजे इस सैम्पल रिटर्न अभियान में उपयोगी साबित होंगे. तियानवे -1 को जुलाई 2020 में प्रक्षेपित किया गया था जिसने 47.5 करोड़ किलोमीटर का सफर तय कर 10 फरवरी 2021 को मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था. इसके साथ ही जुरोंग रोवर मंगल की धरती पर यूटोपिया प्लैनिटिया क्रेटर पर उतरा था.

    Space, China, Mars, Earth, Rock Samples, Soil Samples, NASA,

    चीन (China) का इरादा अपने अभियानों को मंगल से आगे ले जाने का भी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    नासा से पहले की कोशिश
    चीन इसके अलावा कामो ओएलेवा क्षुद्रग्रह से नमूने हासिल करने के लिए लिए साल 2024 में भी एक प्रक्षेपण अभियान की तैयारी में लगा हुआ है. चीन की अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा से होड़ काफी पहले से जारी है. चीन ने अपना रोवर नासा के पर्सिवियरेंस रोवर के पहले प्रक्षेपित किया था. अब उसका खुद का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तैयार हो रहा है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों का एक दल पहले ही वापस आ चुका है.

    यह भी पढ़ें: क्या उम्मीद जगा रहे हैं पास के तारे के दो सुपरअर्थ ग्रह

    चीन यहीं नहीं रुकने वाला है. उसने ऐलान किया है कि वह पृथ्वी की ओर आने वाले पिंडों के लिए एक निगरानी तंत्र विकसित करने पर काम कर रहा है. कुछ ही सालों में वह नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से ज्यादा क्षमता वाला एक टेलीस्कोप भी अंतरिक्ष में स्थापित करने जा रहा है. और अन्य अभियानों के अलावा वह रूस के साथ चंद्रमा पर एक रिसर्च स्टेशन बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है.

    Tags: China, Earth, Mars, Research, Science, Space

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर